कहते हैं कि तीनों लोक में देवों के देव महादेव की उपासना सावन में होती है। सावन का चौथा सोमवार काफी महत्वपूर्ण होता है। चौथे सोमवार को पूजा करने से सभी मनोकामना पूरी होती है। आज सुबह-सुबह मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी जा रही है। राजधानी पटना सहित भागलपुर, मुजफ्फरपुर गरीब नाथ मंदिर, बक्सर, पूर्णिया और गया सहित अन्य जिलों के मंदिरों में भक्त जल चढ़ा रहे हैं। चौथी सोमवारी को लेकर मंदिरों में खास इंतजाम किए गए हैं। लोग बेलपत्र और भांग के जल के साथ शिवालय में पहुंच रहे हैं। सावन की महिमा और महादेव की कृपा भक्तों पर हमेशा बनी रहती है।
शुभ योग में है सावन का चौथा सोमवार
सावन के चौथे सोमवार पर करें ये उपाय
राज्य के सभी जिलों के शिवालय में भक्तों की भीड़
सावन की चौथी और अधिकमास की दूसरी सोमवारी पर राज्य के सभी जिलों के शिवालय में भक्तों की भीड़ देखने को मिल रही है। पटना के पटना के पुनाईचक के शिव मंदिर में भी सावन की चौथी सोमवारी पर भक्तों की भीड़ देखने को मिल रही है। सुबह से ही श्रद्धालु जलाभिषेक करने पहुंच रहे हैं। वहीं उत्तर बिहार के बाबाधाम कहे जाने वाले मुजफ्फरपुर के गरीबनाथ मंदिर में सावन की चौथी और अधिकमास की दूसरी सोमवारी पर जलाभिषेक के लिए कांवरियों का सैलाब उमड़ पड़ा। समस्तीपुर के विद्यापतिधाम शिव मंदिर में भक्तों की भारी भीड़ लगी हुई है।

कांवरियां पहलेजा घाट से जलबोझी करके आए। हरिसभा चौक से पानी टंकी, जिला स्कूल, छोटी कल्याणी, प्रभात सिनेमा रोड होते हुए बाबा गरीबनाथ मंदिर तक पंक्तिबद्ध कावरियां भोलेबाबा के नाम का जयकारा लगाते आगे बढ़ रहे थे। बाबा गरीबनाथ मंदिर से 100 मीटर पहले माखन साह चौक से कांवरियों को नियंत्रित और पंक्तिबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जा रहा है।

20 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने किया जलाभिषेक
चौथी सोमवारी को अभी तक 20 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक किया। श्रद्धालुओं ने बाबा का जयघोष करते हुए भक्ति भाव से पूजा-अर्चना की। बाबा से सुख-समृद्धि और मंगलमय जीवन की प्रार्थना की। बेलपत्र, गंगाजल, फल-फूल, भांग-धथूरा आदि का शिवलिंग पर अरघा के माध्यम से अर्पण किया। पूरा क्षेत्र और मंदिर परिसर हर-हर महादेव और बोल बम के जयघोष से गुंजायमान हो गया।

क्या बोले मंदिर के पुजारी
मंदिर के पुजारी अभिषेक पाठक ने बताया कि इस सोमवार को अधिकमास के साथ साथ पुरषोत्तम मास भी बोला जाता है। इस से पहले 2006 में अधिकमास आया था। उसके बाद 2023 में अधिकमास आया है। इस अनुसार भक्तो की संख्या ज्यादा है। रात 12 बजे के बाद जलाभिषेक शुरू हुआ है। सुबह 5 बजे से स्थानीय श्रद्धालु भी आना शुरू कर देंगे। अधिकमास में अगर भगवान शंकर जी का जलाभिषेक करते है, तो इसके साथ विष्णु भगवान भी प्रसन्न होते है। एक सोमवार को जलाभिषेक करने से 16 सोमवारी का फल मिलता है। जैसे-जैसे भक्तों को इसकी जानकारी मिल रही है। वैसे-वैसे ही भक्तों की संख्या में इजाफा हो रहा है।

समस्तीपुर के विद्यापतिधाम में सुबह 4 बजे से भीड़
समस्तीपुर के विद्यापतिनगर प्रखंड क्षेत्र में सावन के चौथे और पुरुषोत्तम महीने के दूसरे सोमवार पर विद्यापतिधाम शिव मंदिर में भक्तों की भारी भीड़ लगी हुई है। अहले सुबह 4:00 बजे से मंगला आरती के बाद ही बाबा के जलाभिषेक और रुद्राभिषेक का दौर शुरू हो गया। सुबह से ही भांग, धतूरे, दूध और नैवेद्य से भगवान शिव की पूजा और जलाभिषेक होना शुरू हो चुका है।

50 हजार श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद
विद्यापतिधाम से 45 मीटर पहले माखन साह चौक से कांवरियों को नियंत्रित और पंक्तिबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जा रहा है। अभी तक 12-15 हजार श्रद्धालु जलाभिषेक कर चुके हैं। आज करीब 50 हजार की संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है।
जलाभिषेक करने पहुंची सुनीता देवी ने कहा की मेरे शरीर में जो तकलीफ़ है उसको दूर करने के लिये शिव भगवान का आराधना कर रहे है की इससे भी कहीं बाबा हमारे पर दया करे। अब बाबा के चरण में आ गये है तो कभी ना कभी तो सुधार करेंगे ही बाबा। उन्हीं का जन्म-कर्म है, सब कुछ उन्होंने ही दिया है तो मेरी तकलीफ़ भी वो ही दूर करेंगे। भोले भंडारी, शिव बाबा और देवों के देव महादेव सब वही है। उनके लिए हमारे दिल में बहुत श्रद्धा और विश्वास है।
वहीं मनोरमा देवी ने कहा की मैं यहाँ पूजा करने आयी हूँ क्योंकि भगवान शिव में मेरी आस्था है। लेकिन भगवान से मैं कुछ माँगती नहीं हूँ क्योंकि माँगने से कुछ नहीं मिलता कर्म करने से मिलता है। तो मैं कर्म करती हूँ ताकि शिव हमारे ऊपर कृपा बनाए रखें।
भागलपुर में बाबा मनसकामना नाथ मंदिर में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
नाथनगर के सुप्रसिद्ध बाबा मनसकामना नाथ मंदिर में आज सावन की चौथी सोमवारी और मलमास की दूसरी सोमवारी पर मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ शिवलिंग पर जलार्पण को लेकर उमड़ी रही। उत्तरवाहिनी गंगा घाट सुलतानगंज से जल लेकर सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु बाबा मनसकामना नाथ मंदिर में जलभिषेक किए। सुबह करीब 4 बजे से ही आम भक्तों के लिए मंदिर का पट खोल दिया गया तत्पश्चात आम भक्तों ने पूजा अर्चना की। इस दौरान पूरा मंदिर परिसर ॐ नमः शिवाय, हर हर महादेव के जयकारों से गुंजायमान रहा।

मनसकामना नाथ मंदिर का इतिहास है काफी पुराना
नाथनगर के सुप्रसिद्ध बाबा मनसकामना नाथ मंदिर का इतिहास करीब 200 वर्ष पुराना है।दानवीर राजा कर्ण की धरती पर स्थापित यह मंदिर में दानवीर राजा कर्ण बैठकर सोना दान करते थे। इसलिए इस क्षेत्र को दानवीर कर्णक्षेत्र के नाम से जाना जाता है।
मंदिर के पुजारी ने बताया आज के दिन पूजा का महत्व
मंदिर के पुजारी सुनील शुक्ला ने बताया की आज के दिन महादेव पर जलाभिषेक पूजा करने का काफी महत्व है। जो भी भक्त सच्चे मन से आज के दिन बाबा भोलेनाथ और भगवान विष्णु की पूजा करते हैं उन्हें एक विशेष फल की प्राप्ति होती है। इस मंदिर में स्थापित शिवलिंग पर अच्छे मन से जलाभिषेक करने से बाबा मनसकामना नाथ सुख समृद्धि और मनवांछित फल देते हैं।







