कटिहार में पुलिस की गोली दो लोगों की हुई मौत को लेकर बिहार की सियासत गर्म हो गई है। बीजेपी समेत विपक्ष के तमाम दल इस घटना को लेकर हमलावर बने हुए हैं। इसी बीच गोलीकांड को लेकर नीतीश के करीबी मंत्री का बेतुका बयान आया है। बिहार सरकार के ऊर्जा मंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव ने कहा है कि लोग जब बदमाशी करेंगे तो पुलिस उनके ऊपर लाठी और गोली ही चलाएगी।
कटिहार में बिजली की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे लोगों के ऊपर पुलिस फायरिंग और उसमें दो लोगों की गोली लगने से हुई मौत के सवाल पर ऊर्जा मंत्री बिजेन्द्र यादव ने कहा है कि बरसात का मौसम है कहीं वज्रपात हो जाता है तो कहीं बारिश हो जाती है, जिसके कारण बिजली की आपूर्ति में परेशानियां आ जाती हैं। ऐसा पूरे देश में होता है, यह केवल बिहार का मामला नहीं है। बिजली आपूर्ति बाधित होने के बाद कुछ लड़के प्रदर्शन कर रहे थे और पत्थर फेंकना शुरू कर दिया था। बिजली ऑफिस का गेट तोड़ दिया जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई की। जांच का आदेश दिया गया है और डीएम एसपी मामले की जांच कर रहे हैं।
गोलीकांड को लेकर सरकार के खिलाफ हमलावर हुई बीजेपी के आरोपों पर ऊर्जा मंत्री ने कहा कि बीजेपी पहले बताए कि भारत सरकार क्या कर रही है। बीजेपी के लोग विपक्ष में हैं तो कुछ कुछ बोलते रहते हैं, जब सरकार में थे तब क्या करते थे। कटिहार में बिजली की अनियमितता के सवाल पर मंत्री ने कहा कि वहां ऐसी कोई बात नहीं है, बरसात के कारण थोड़ी सी परेशानी जरूर आई थी। उन्होंने कहा कि लोग जब बदमाशी करेंगे तो पुलिस लाठी और गोली ही चलाएगी और क्या करेगी।
इस मामले पर विपक्ष ने नीतीश कुमार से लगातार इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। इसी कड़ी में अब बिहार सरकार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद ने भी अपने विधानसभा इलाके में हुई घटना को लेकर रोष जताते हुए बड़ी बात कही है। तारकिशोर ने कहा है कि – बिहार सरकार पैरालाइज्ड हो गई है। हम इस मामले में न्यायिक जांच की मांग करते हैं।
तारकिशोर प्रसाद ने कहा कि, इस भीषण गर्मी में भी सरकार विद्युत आपूर्ति करने में असफल हो गई है। आज धान की रोशनी नहीं हो रही है जो वादा सरकार ने किया था यह तो तक बिजली पहुंचाने की वह वादा पूरा होता नहीं दिख रहा है। अब जब इसके विरोध में जनता आवाज उठाती है तो उन्हें गोलियों से भूना जाता है। सिर पर गोली मारी गई। अगर आंदोलनकारी उत्तेजित होते हैं तो उन्हें रोकने के कई अन्य विकल्प भी मौजूद हैं। लेकिन उन विकल्पों का सहारा नहीं लेकर सीधा सिर पर गोली मार देना उचित नहीं है।
वहीं, उन्होंने नीतीश – तेजस्वी की सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि – यह सरकार बिल्कुल निरंकुश हो गई है। सरकार बर्बरता पूर्ण तरीके से इस प्रकार के आंदोलन को रोकती है। लेकिन यह सरकार अच्छी तरह समझ ले कि वह जनता की आवाज को नहीं दबा सकते हैं।यह सरकार कहीं ना कहीं बिल्कुल पैरालाइज्ड हो गई है।इस सरकार को अब जाना चाहिए। हम इस पूरे घटना की न्यायिक जांच की मांग करते हैं। इसके साथ ही मृतक के परिजनों को मुआवजा देने की भी मांग सरकार से करते हैं।
इधर, एडीजी लॉ एंड ऑर्डर के तरफ से दिए गए बयान पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए तारकिशोर ने कहा कि – जेई को अगर बंधक बना भी लिया गया तो इसका अर्थ यह नहीं है कि आप सिर पर गोली मार देंगे। इस प्रकार के जुलूस को हटाने के लिए कई अन्य तरीके हैं। हम लोग भी सरकार में हैं लेकिन इस तरह का काम नहीं होता था।
उपेंद्र कुशवाहा ने भी इस मुद्दे पर बड़ा बयान दिया है. गुरुवार (27 जुलाई) को बिहारशरीफ के सर्किट हाउस में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कुशवाहा ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) इस पर तुरंत हस्तक्षेप करें. 302 के तहत मुकदमा दर्ज हो. उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि बिजली नहीं मिलने के कारण बिहार भर के किसान आक्रोशित हैं. जगह-जगह लोग लोकतांत्रिक तरीके से आक्रोश व्यक्त करते हैं. किसान की समस्या पर ध्यान देने की बात तो छोड़िए उल्टे सरकार उनकी आवाज को लाठी और गोली से बंद करने पर उतारू हो गई है. किसान जब पानी और सिंचाई के लिए बिजली मांगने जाते हैं उनको गोली दी जा रही है और लाठी चलाई जा रही है.
बता दें कि लगातार बिजली संकट से जूझ रहे कटिहार के बारसोई इलाके के लोगों के धैर्य ने बुधवार को आज जवाब दे दिया था। बिजली की मांग को लेकर जब आक्रोशित ग्रामीण प्रखंड कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन कर रहे थे, तभी उनकी बहस प्रशासनिक अधिकारियों से हो गयी थी। इसके बाद लोग आक्रोशित हो गए और प्रखंड कार्यालय में तोड़फोड़ शुरू कर दिया था। इस दौरान लोगों की भिड़त पुलिस से हो गई थी। जिसके बाद पुलिस ने पहले हवाई फायरिंग की, फिर प्रदर्शन कर रहे लोगों पर गोलियां चलायी गयीं थी। इस घटना में तीन लोगों को पुलिस की गोली लगी थी, जिसमें दो की मौत हो गई थी जबकि एक कह हालत नाजुक बनी हुई है।







