राजधानी दिल्ली में भारी बारिश के कारण बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं. यमुना का पानी खतरे के निशान को पार कर अपने रिकॉर्ड लेवल पर बह रहा है. दिल्ली के निचले इलाके डूबने की कगार पर हैं. घरों में पानी घुस गया है, लोग घर से बेघर हो गए हैं. ऐसे में दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार ने जलभराव वाले सभी इलाकों के सरकारी व प्राइवेट स्कूल बंद रखने की घोषणा की है. मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट किया, जिन इलाकों में जलभराव है, वहां सभी सरकारी और निजी स्कूल बंद कर दिए गए हैं.
दिल्ली में यमुना नदी का जलस्तर गुरुवार सुबह 7 बजे 208.46 मीटर पर पहुंच गया। यह खतरे के निशान 205 मीटर से 3 मीटर ज्यादा है। राजधानी के वजीराबाद में सिग्नेचर ब्रिज के पास गढ़ी मांडू गांव पानी में डूब गया। यमुना नदी के किनारे बसे निचले इलाकों से 16 हजार से ज्यादा लोगों को निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।
हरियाणा के हथनी कुंड बैराज से पानी छोड़े जाने के बाद यमुना का जलस्तर बढ़ा है। यमुना वजीराबाद से ओखला तक 22 किमी में है। केंद्रीय जल आयोग को आशंका है कि गुरुवार दोपहर तक जलस्तर 209 मीटर पहुंचने पर ज्यादातर इलाके जलमग्न हो जाएंगे। यहां NDRF की 12 टीमें तैनात की गई हैं। 2,700 राहत शिविर लगाए गए हैं।
वहीं, दिल्ली की लोक निर्माण विभाग (PWD) मंत्री आतिशी ने कहा कि दिल्ली में पहली बार यमुना के पानी का स्तर इतना बढ़ा है. 1978 में जब दिल्ली में बाढ़ आई थी उससे करीब 1.5 मीटर ज्यादा पानी इस बार आया है. जब जलस्तर इतना ऊंचा हो जाएगा तो यमुना अपने तट से बाहर निकलेगी…पानी के बहाव को काबू में नहीं किया जाता है. हम लोगों को लगातार नकाल रहे हैं। हमारे लिए लोगों की जान बचाना ज्यादा जरूरी है. इसके साथ ही दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल आज वजीराबाद जल उपचार संयंत्र का दौरा करेंगे. बाढ़ के कारण प्लांट बंद कर दिया गया है.
यमुना नदी के जलस्तर बढ़ने से आई बाढ़ से ग्रस्त गाजियाबाद और दिल्ली के मिश्रित इलाके बदरपुर खादर से एनडीआरएफ की टीम द्वारा लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है बदरपुर खादर के अंदर की एक्सक्लूसिव तस्वीरें आप देख सकते हैं किस तरह से लोग अभी अंदर मौजूद हैं साथ ही ट्यूब में हवा भर के लोग बाहर निकलने की कोशिश करते हुए भी कैमरे में कैद हुए तो वही अंदर बाढ़ में फंसे लोग किस तरह से अपने अपने मवेशियों को बाहर निकाल रहे हैं
राहत व बचाव कार्य के चलते एडीआरएफ की टीम सबसे पहले महिलाओं और छोटे बच्चों को बोट में बैठा रहे हैं, ताकि इन्हें सुरक्षित बाहर निकाला जा सके. साथ ही इनकी जरूरत के सामान को भी वोट के अंदर रखा जा रहा है. अभी भी बड़ी संख्या में महिलाएं बच्चे और लोग बदरपुर खादर के मकानों में अंदर फंसे हुए हैं. तो वहीं एनडीआरएफ के सब इंस्पेक्टर का कहना है 8th बटालियन एनडीआरफ गाजियाबाद की टीम रेस्क्यू करने के लिए यहां पहुंची है जब तक सभी लोगों को रेस्क्यू कर बाहर नहीं निकाल दिया जाएगा तब तक ऑपरेशन जारी रहेगा..70 से ज्यादा लोगों को इवेक्युएट कर लिया गया है.
इधर, हरियाणा में भी 13 जिलों में यमुना का पानी घुस चुका है। 240 गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। धीरे धीरे यमुना का पानी अब आगे की और बढ़ रहा है, इससे आज पांच जिले- जींद, फतेहाबाद, फरीदाबाद, पलवल और सिरसा में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। राज्य में अब तक 10 मौतें हो चुकी हैं।
उधर, उत्तराखंड के पौड़ी जिले में बुधवार को 3 लोग नदी में बह गए। चमोली जिले में 5 जगहों पर लैंडस्लाइड के चलते बद्रीनाथ हाईवे बंद है। गंगोत्री, यमुनोत्री और रुद्रप्रयाग हाईवे भी बंद है। चमोली समेत कई जिलों में आज स्कूल बंद रहेंगे।
हिमाचल प्रदेश में भूस्खलन और 1189 सड़कें बंद होने से करीब 20 हजार पर्यटक फंस गए हैं। वे ऐसे इलाकों में फंसे हैं, जहां न बिजली है और न ही फोन नेटवर्क।
राज्य में 24 जून से अब तक 88 लोगों की मौत हो चुकी है। 51 जगह लैंड स्लाइड हुई है और 32 जगह बाढ़ आ चुकी है। CM ने इसे राज्य में 50 साल में आई सबसे बड़ी त्रासदी बताया है।







