महागठबंधन में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा. शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर और केके पाठक विवाद के अलावे लालू परिवार के खास एमएलसी सुनील कुमार सिंह के तीर से आहत सीएम नीतीश के तेवर तल्ख हो गए हैं. महागठबंधन विधानमंडल दल की बैठक में नीतीश कुमार ने अपने सहयोगियों को लेकर तल्ख तेवर दिखाए हैं. इसके बाद न सिर्फ राजद बल्कि कांग्रेस भी बैकफुट पर आ गई है। खास तौर पर राजद के विधान पार्षद सुनील सिंह का अमित शाह से संपर्क में होने का आरोप लगा दिया। जिसके बाद अब खुद सुनील अपने बचाव में सारे आरोपों से इनकार करते नजर आए। सुनील सिंह ने जिस प्रकार से सीएम नीतीश को घेरा है इसके बाद मुख्यमंत्री भी सख्त हो गए हैं. राजद-जेडीयू के बीच खराब हुए रिश्ते के बाद राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद डैमेज कंट्रोल की कोशिश में जुट गए हैं.
भाजपा में शामिल होने के लेकर राजद एमएलसी सुनील कुमार ने अपनी चुप्पी तोड़ते हुए साफ कर दिया कि जो भी चर्चा चल रही है, वह बिल्कुल गलत है। उन्होंने कहा कि मैं पिछले 27 साल से लालू जी के साथ हूं, न सिर्फ पार्टी के लिए बल्कि परिवार के साथ भी मेरा गहरा लगाव रहा है और जब तक जिंदा रहूंगा, तब तक कभी भी लालू जी को छोड़कर नहीं जाउंगा। सुनील कुमार ने अमित शाह के संपर्क में होने के नीतीश कुमार के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि वह सहकारिता मंत्री है। साथ ही जो कमिटी है, मैं भी उसका सदस्य हूं। इस नाते कुछ दिन पहले उनसे एक कार्यक्रम में उनसे भेंट हुई थी। जिसकी तस्वीरें भी मैंने साझा की थी, हमने किसी कमरे में मुलाकात नहीं की है। उसी तस्वीर का बतगंड़ बनाया जा रहा है।
लालू जी ने कुछ भी बोलने से मना किया है
सुनील सिंह अपने पिछले कुछ पोस्टों में नीतीश कुमार की आलोचना की थी. उन्होंने कहा कि जो कुछ भी हुआ, मैं उस पर अब बात नहीं करना चाहता हूं। मुझे लालू जी ने कुछ बोलने से मना कर दिया है। न हां बोलना है, न ना बोलना है।
नीतीश कुमार को बताया अभिभावक
जिस तरह से आज नीतीश कुमार ने बैठक में खुलकर सुनील सिंह पर यह आरोप लगाया कि वह अमित शाह के संपर्क में हैं। उससे वह बेहद नाराज नजर आए। हालांकि उन्होंने मीडिया के सामने नीतीश कुमार को अभिभावक बताते हुए कहा कि उनकी बातों को प्रतिकार नहीं कर सकता हूं। अगर वह कुछ भी बोलते हैं तो मेरे लिये यह आशीर्वाद है।







