बिहार विधानसभा का मानसून सत्र आज से शुरू हुआ। सत्र के पहले दिन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव और पर्यावरण मंत्री तेजप्रताप यादव साथ-साथ विधानसभा पहुंचे। तीनों एक ही गाड़ी से एक साथ विधानसभा पहुंचे। हालांकि, पहले दिन सदन 16 मिनट चला। विधानसभा की कार्यवाही मंगलवार 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई है।
बीते कुछ दिनों से महागठबंधन में टूटे के दावे किए जा रहे हैं। बीजेपी के नेताओं, चिराग पासवान, उपेंद्र कुशवाहा ने जेडीयू में भगदड़ मचने, सरकार में बड़ा उल्टफेर होने का दावा किया है। इस बीच तीनों ने एक साथ पहुंचकर एकजुटता दिखाई है।
सदन की कार्यवाही स्थगित होने के बाद महागठबंधन के विधायकों की बैठक हुई। सीएम नीतीश की अध्यक्षता में ये बैठक हुई। जहां जेडीयू और आरजेडी के विधायकों को बयानबाजी से दूर रहने की नसीहत की गई।
सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले विधानसभा के पोर्टिको में बीजेपी विधायकों ने डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव के इस्तीफे की मांग की। हरिभूषण बचौल समेत अन्य बीजेपी विधायकों ने ‘चार्जशीटेड उपमुख्यमंत्री इस्तीफा दो’ के नारे लगाए।
इधर भाकपा माले ने लोकसभा की नए बिल्डिंग में लगाए गए राजदंड का विरोध किया है। उसके विरोध में भाकपा-माले ने सोमवार को विधानसभा परिसर में पैदल मार्च किया। उनका कहना है कि देश संविधान से चलेगा राजदंड से नहीं।
विजय सिन्हा ने कहा-चार्जशीटेड डिप्टी सीएम इस्तीफा दें
सदन की कार्यवाही के बाद नेता प्रतिपक्ष विजय सिन्हा ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि चार्जशीटेड डिप्टी सीएम को इस्तीफा देना होगा। भ्रष्टाचार पर जीरो टोलरेंस की बात करने वाले सीएम नीतीश इस मामले पर शांत क्यों हैं। कार्रवाई क्यों नहीं कर रहे हैं। बीजेपी इसके लिए सड़क से सदन तक संघर्ष करेगी।
राबड़ी बोलीं-बार-बार चार्जशीट करना, उचित है क्या?
पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने कहा कि एक ही मामले में बार-बार चार्जशीट करना, उचित है क्या? हम लोगों के साथ जबरदस्ती हो रही है। भाजपा और भारत सरकार सभी के साथ जबरदस्ती कर रही है। नरेंद्र मोदी को यही काम है। विकास का कोई काम तो किया नहीं। उनकी घोषणा केवल घोषणा ही रह गई। देश का पैसा लूट कर पार्टी कार्यालय और मॉल बना दिया।
सरकार को नहीं कोई खतरा- जेडीयू
बीजेपी की तरफ से डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव के इस्तीफ की मांग पर जदयू एमएलसी नीरज कुमार ने कहा है कि आज मानसून सत्र शुरू हुआ है। बीजेपी मीडिया ट्रायल कर रही है। भाजपा के पास बौद्धिक ताकत नहीं है। इसलिए मीडिया ट्रायल कर रही है। बीजेपी सदन के अंदर अपनी बात प्रभावी तरीके से रखे। सरकार की तरफ से हर सवाल का जवाब दिया जाएगा। महागठबंधन एकजुट है, कहीं कोई परेशानी नहीं है। सरकार स्थिर है।
बयानबाजी से दूर रहने की सलाह
सीएम नीतीश कुमार की अध्यक्षता में महागठबंधन के विधायकों की बैठक हुई। विधानसभा के सेंट्रल हॉल में सदन में रणनीति को लेकर बैठक की गई। जिसमें सभी दलों को एकजुट रहने को कहा गया।
बैठक के बाद वित्त मंत्री विजय चौधरी ने कहा कि जिन नेता को भी कुछ कहना है वो आपस में बैठ कर बात करें। हर मुद्दे का समाधान हो जाएगा। तेजस्वी यादव के मामले में उन्होंने कहा कि मामला अभी न्यायालय में है। फैसला आने के बाद ही इस पर कुछ फैसला लिया जायेगा।
साथ ही पूछा कि बीजेपी अगर भ्रष्टाचार की बात करती है तो अजित पावर को आज अपनी सरकार में मंत्री कैसे बना लिया। जब तक न्यायालय का फैसला नहीं आ जाता, तब तक सदन में इस बात को करने का कोई मतलब नहीं है।
मंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि महागठबंधन की बैठक में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने जेडीयू और आरजेडी दोनों तरफ के नेताओं को यह निर्देश दिया कि अनर्गल बयानबाजी ना करें। उन्होंने कहा कि पति-पत्नी के बीच भी कभी-कभी आवेश में कुछ-कुछ बोल दिया जाता है ऐसा ही सुनील सिंह ने किया होगा। अब भाजपा अफवाह फैलाने का काम कर रही है।

14 जुलाई तक चलेगा सत्र
बता दें कि मानसून सत्र 14 जुलाई तक चलेगा। 5 दिवसीय सत्र के हंगामेदार होने के पूरे आसार हैं। नेता प्रतिपक्ष ने सर्वदलीय बैठक का बहिष्कार कर इस बात का संकेत पहले ही दे दिया है।
सर्वदलीय बैठक के दौरान नेता प्रतिपक्ष विजय सिन्हा ने कहा था कि सरकार विपक्ष की आवाज नहीं सुन रही है। शिक्षक बहाली में डोमिसाइल नीति खत्म करने को लेकर बीजेपी पहले से सरकार पर निशाना साध रही है। वहीं भ्रष्टाचार जैसे मुद्दे पर भी सवाल उठेंगे। बीजेपी का कहना है कि भागलपुर-खगड़िया अगवानी पुल हवा के झोंके से ध्वस्त हो गया। कार्रवाई के नाम पर केवल लीपापोती हुई है।
5 दिनों के मानसून सत्र में जानिए क्या-क्या होगा
बिहार विधानसभा का मानसून सत्र 10 जुलाई से शुरू होकर 14 जुलाई तक चलेगा। इस दौरान कुल 5 बैठकें होंगी।
- सत्र के पहले दिन सदन के नए सदस्य शपथ ग्रहण करेंगे।
- बिहार विधानमंडल के सत्र में नहीं रहने की अवधि में महामहिम राज्यपाल की ओर से प्रख्यापित अध्यादेशों की प्रमाणिकृत प्रतियों को सदन के पटल पर रखा जाएगा।
- वित्तीय वर्ष 2023-2024 के प्रथम अनुपूरक व्यय विवरणी का उपस्थापन किया जाएगा।
- शोक प्रकाश के साथ पहले दिन की कार्यवाही स्थगित कर दी जाएगी।
- अगले दो दिनों तक राजकीय विधेयक और अन्य राजकीय कार्य पर चर्चा की जाएगी।
- तीसरे दिन वित्तीय वर्ष 2023 2024 के प्रथम अनुपूरक व्यय विवरणी पर वाद-विवाद और विधेयक पर चर्चा होगी।
- अंतिम दिन गैर सरकारी सदस्यों के कार्य लिए जाएंगे।







