ADVERTISEMENT
Thursday, July 30, 2026
No Result
View All Result
  • Login
  • Register
No Result
View All Result
UB INDIA NEWS
No Result
View All Result

पश्चिम बंगाल पंचायत चुनाव: आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति के बीच कल हुई भारी हिंसा और 18 लोगों की मौत का कौन है गुनाहगार ?

UB India News by UB India News
July 10, 2023
in अपराध, पश्चिम बंगाल
0
पश्चिम बंगाल पंचायत चुनाव: आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति के बीच कल हुई भारी हिंसा और 18 लोगों की मौत का कौन है गुनाहगार ?
  • Facebook
  • X
  • WhatsApp
  • Telegram
  • Email
  • Print
  • Copy Link

पश्चिम बंगाल के चुनावी इतिहास में 8 जुलाई 2023 का दिन एक काले अध्याय के रूप में लिखा जाएगा। पंचायत चुनाव के दौरान न केवल 18 लोगों की हत्या की खबर सामने आई है, बल्कि बूथ कैप्चरिंग ने पूरे राज्य की साख पर बट्टा लगा दिया है। कहीं कोई शख्स मतपेटी लेकर भागता दिखाई दिया तो कहीं मतपेटी पानी में तैरती दिखी। तोड़फोड़, आगजनी, हंगामा, मारपीट समेत तमाम विवादों ने इस चुनाव के ऊपर प्रश्नवाचक चिन्ह लगा दिया है कि क्या पश्चिम बंगाल में सच में कानून व्यवस्था नियंत्रण में है? टीएमसी और बीजेपी के तमाम आरोप और प्रत्यारोप के बीच नुकसान तो जनता को ही उठाना पड़ रहा है, जो आज इस डर में है कि जब पंचायत चुनावों में ये हाल है तो साल 2024 में होने वाले लोकसभा चुनावों में क्या होगा?

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने क्यों साधी चुप्पी?

पश्चिम बंगाल के पंचायत चुनाव के बीच ममता बनर्जी के ट्विटर अकाउंट को देखकर ऐसा लगता है कि उन्होंने चुप्पी साध ली है। तमाम मुद्दों पर बीजेपी और केंद्र सरकार को घेरने वाली ममता ने पश्चिम बंगाल हिंसा पर एक भी ट्वीट नहीं किया और ना ही कोई वीडियो जारी किया। अब लोग सवाल उठा रहे हैं कि जब तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं पर बूथ कैप्चरिंग के आरोप लग रहे हैं तो ममता क्यों चुप हैं?

RELATED POSTS

2.20 करोड़ रुपए के इनामी माओवादी मिसिर बेसरा गिरफ्तार…………..

बिहार में छात्रों पर दर्ज सभी FIR होंगी रद्द ,तेजप्रताप यादव की जमानत याचिका खारिज………………

बीजेपी नेता अमित मालवीय ने राज्य चुनाव आयोग और सीएम ममता को घेरा

बीजेपी आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने ट्वीट कर कहा, ‘स्ट्रांग रूम तक पहुंचने से पहले ठेकेदारों और स्थानीय प्रशासन की मदद से टीएमसी कार्यकर्ताओं को कई जगहों पर मतपेटियां बदलते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया। भाजपा सांसद खगेन मुर्मू, स्थानीय विधायक और जिला परिषद उम्मीदवार ने उन्हें गाजोल (हाजी नाकू एमडी हाई स्कूल) और मालदा में ऐसा करते हुए पकड़ा। इसी तरह की घटनाएं पूर्व और पश्चिम मेदिनीपुर सहित अन्य जगहों पर भी दर्ज की गईं। एसईसी (स्टेट इलेक्शन कमीशन) ने ममता बनर्जी के साथ मिलकर इन चुनावों को एक तमाशा बना दिया है।’

बीएसएफ के डीजी ने राज्य चुनाव आयोग पर लगाए गंभीर आरोप

बीएसएफ के एक सीनियर अधिकारी ने रविवार को कहा कि संवेदनशील मतदान केंद्रों पर बीएसएफ के बार-बार अनुरोध करने के बावजूद, पश्चिम बंगाल राज्य चुनाव आयोग ने ऐसे बूथों की कोई जानकारी केंद्रीय सुरक्षा बलों को नहीं दी। बीएसएफ के डीआईजी एसएस गुलेरिया ने कहा कि बीएसएफ ने राज्य चुनाव आयोग को कई पत्र लिखकर संवेदनशील मतदान केंद्रों के बारे में जानकारी मांगी, लेकिन 7 जून को छोड़कर कोई अन्य जानकारी नहीं दी गई। उन्हें केवल ऐसे बूथों की संख्या के बारे में बताया गया था, लेकिन उनकी लोकेशन के बारे में कुछ नहीं बताया गया था।

बीजेपी की दोबारा चुनाव की मांग, गृहमंत्री शाह ने ममता सरकार से रिपोर्ट मांगी

बीजेपी ने मांग की है कि जिन जगहों पर हिंसा और बूथ कैप्चरिंग हुई है, वहां पर दोबारा चुनाव कराया जाए। वहीं गृहमंत्री अमित शाह ने इस हिंसा को लेकर ममता सरकार से रिपोर्ट मांगी है। पश्चिम बंगाल के राज्यपाल ने भी चुनावी हिंसा पर चिंता जाहिर की है।

पश्चिम बंगाल में क्यों होती है इतनी हिंसा?

ऐसा पहली बार नहीं हुआ है, जब राजनीतिक वजहों से हिंसा की खबरें पश्चिम बंगाल से सामने आई हों। इससे पहले भी कई बार अलग-अलग मौकों पर राज्य में हिंसा हुई है। बीजेपी अक्सर इस मुद्दे पर टीएमसी को घेरती है क्योंकि कई बीजेपी कार्यकर्ताओं की भी इस हिंसा में मौत हुई है और कई बार टीएमसी ने भी अपने कार्यकर्ताओं की जान गंवाई है। लेकिन सवाल ये है कि इस हिंसा का मकसद क्या है? आखिर हिंसा के जरिए राज्य में कौन अपना राज स्थापित करना चाहता है? वो कौन लोग हैं, जो इस तरह की हिंसा की पूरी प्लानिंग करते हैं और हर बार मामला सिर्फ एक सवाल तक सीमित रह जाता है कि जिम्मदार कौन हैं? सवाल ये भी है कि लगातार हो रही इन हिंसा की घटनाओं पर ममता सरकार ने अब तक क्या कार्रवाई की है?

2003 के पंचायत चुनाव में भी हुई थी हिंसा, 76 लोगों ने गंवाई थी जान

  1. पश्चिम बंगाल में पंचायत चुनाव में हिंसा का पुराना इतिहास रहा है। हर बार चुनावों में लोगों की मौत एक परंपरा बन गई है। पार्टियां हर बार बस ये कह देती हैं कि इस बार पिछले चुनाव की तुलना में कम हिंसा हुई है।
  2. साल 2003 के पंचायत चुनाव के दौरान हिंसा में 76 लोग मारे गए थे। केवल वोटिंग वाले दिन ही 40 लोग मारे गए थे।
  3. साल 2013 में हुए पंचायत चुनाव में 39 लोगों की हिंसा की वजह से मौत हुई थी।

सवाल जस का तस बना हुआ है। हर बार चुनाव में कोई पार्टी जीत जाती है और कोई हार जाती है लेकिन हिंसा के लंबे इतिहास के बावजूद इस पर लगाम लगाने के लिए कोई बड़ा कदम नहीं उठाया जाता। फर्क केवल उन लोगों के परिजनों को पड़ता है, जिनका व्यक्ति इस हिंसा की आग में अपनी जान गंवा चुका है। पार्टियों की आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति के बीच सजा केवल जनता पा रही है।

बंगाल हिंसा पर गृह मंत्री अमित शाह ने मांगी रिपोर्ट,

पश्चिम बंगाल में शनिवार (8 जुलाई) को पंचायत चुनाव के मतदान के दौरान हुई हिंसा में अब तक 11 लोगों की जान जा चुकी है. हिंसा की घटनाओं को लेकर गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने राज्य सरकार से रिपोर्ट मांगी है. उन्होंने बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष सुकान्त मजूमदार (Sukanta Mazumdar) से भी बात की और कार्यकर्ताओं के बारे में जानकारी ली.

पश्चिम बंगाल में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए शनिवार को मतदान हुआ है. इस दौरान कई जगह हिंसा हुई है. अधिकारियों ने न्यूज़ एजेंसी पीटीआई को बताया कि हिंसा में मारे गए लोगों में तृणमूल कांग्रेस के छह सदस्य, बीजेपी, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा), कांग्रेस और इंडियन सेक्युलर फ्रंट (आईएसएफ) के एक-एक कार्यकर्ता और एक अन्य व्यक्ति शामिल है. हिंसक झड़पों में कई लोग घायल भी हुए हैं.

जेपी नड्डा ने भी की बीजेपी नेताओं से बात
इसके अलावा राज्य के कई हिस्सों में मतदान केंद्रों पर मतपेटियों को नष्ट किए जाने की खबरें हैं. बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने भी हिंसा पर पश्चिम बंगाल के नेता विपक्ष सुवेंदु अधिकारी और बीजेपी के पश्चिम बंगाल के प्रभारी मंगल पांडे से बात की है. उन्होंने कहा कि बीजेपी लोकतंत्र की हत्या नहीं होने देगी और हम इस लड़ाई को लोकतांत्रिक तरीके से निर्णायक स्तर तक ले जाएंगे.

बीजेपी ने की राष्ट्रपति शासन की मांग
इस हिंसा पर पश्चिम बंगाल के विपक्ष के नेता और बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि राज्यपाल ने राजीव सिन्हा (राज्य चुनाव आयुक्त) को नियुक्त करके सबसे बड़ी गलती की है. उन्होंने आरोप लगाया कि अब तक कई लोग मारे गए हैं, उन्हें टीएमसी के गुंडों ने मारा है. राज्य सरकार के तहत स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव संपन्न होना बहुत मुश्किल है. ये तभी संभव है जब राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाया जाये या अनुच्छेद 355 का इस्तेमाल किया जाए.

टीएमसी का विपक्ष पर आरोप
इस बीच सत्तारूढ़ टीएमसी ने विपक्षी दलों पर हिंसा भड़काने का आरोप लगाया और मतदाताओं की सुरक्षा करने में विफलता के लिए केंद्रीय बलों की आलोचना की. टीएमसी ने एक बयान में कहा कि आठ जून को पंचायत चुनाव की घोषणा होने के बाद से 27 लोग मारे गए हैं और उनमें से 17 लोग तृणमूल से हैं, जो कुल मौतों का 60 प्रतिशत से अधिक है.

बंगाल में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए मतदान
कांग्रेस नेता अधीर चौधरी ने कहा कि चुनाव एक मजाक बन गया है क्योंकि टीएमसी के गुंडे खुलेआम घूम रहे हैं और लोगों का जनादेश लूट लिया गया है. बंगाल में जिला परिषदों, पंचायत समितियों और ग्राम पंचायतों के लिए त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव हो रहा है. चुनावों के लिए राज्य पुलिस के करीब 70,000 कर्मियों के अलावा केंद्रीय बलों की 600 कंपनियां तैनात की गई हैं.

 

  • Facebook
  • X
  • WhatsApp
  • Telegram
  • Email
  • Print
  • Copy Link
UB India News

UB India News

Related Posts

2.20 करोड़ रुपए के इनामी माओवादी मिसिर बेसरा गिरफ्तार…………..

2.20 करोड़ रुपए के इनामी माओवादी मिसिर बेसरा गिरफ्तार…………..

by UB India News
July 29, 2026
0

क्सलियों के खिलाफ जारी अभियान में ऐतिहासिक सफलता मिली। 2.20 करोड़ रुपए के इनामी भाकपा माओवादी पोलित ब्यूरो सदस्य मिसिर...

पटना में बवाली प्रदर्शनकारियों ने पत्रकारों को पीटा , कांग्रेस और BJP के कार्यकर्ताओं में मारपीट

बिहार में छात्रों पर दर्ज सभी FIR होंगी रद्द ,तेजप्रताप यादव की जमानत याचिका खारिज………………

by UB India News
July 29, 2026
0

25 जुलाई को बिहार बंद के दौरान राजधानी पटना समेत कई जिलों में जमकर उपद्रव हुआ। कई जगहों पर पुलिस...

एक महीने में पांचवीं लाश से दहला वीवीआईपी इलाका………

एक महीने में पांचवीं लाश से दहला वीवीआईपी इलाका………

by UB India News
July 29, 2026
0

बिहार की राजधानी पटना के मिलर स्कूल ग्राउंड में मंगलवार को उस समय सनसनी फैल गई, जब एक युवक का...

सीवान में AK-47 से फायरिंग करने वाला जवान सस्पेंड, 21 FIR, 450 अरेस्ट

सीवान में AK-47 से फायरिंग करने वाला जवान सस्पेंड, 21 FIR, 450 अरेस्ट

by UB India News
July 28, 2026
0

छात्रों पर लाठीचार्ज और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर 25 जुलाई को बिहार बंद बुलाया गया। इस दौरान पूरे...

बिहार बंद में  प्रदर्शन उग्र , पटना से सीवान तक पत्थरबाजी-लाठीचार्ज, आंसू गैस ,हवाई फायरिंग…………..

बिहार बंद में प्रदर्शन उग्र , पटना से सीवान तक पत्थरबाजी-लाठीचार्ज, आंसू गैस ,हवाई फायरिंग…………..

by UB India News
July 26, 2026
0

NEET पेपर लीक, केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और लाठीचार्ज के खिलाफ बुलाया गया बिहार बंद अब हिंसक होता जा...

Next Post
सियासत में मैसेज और पॉस्चर दोनों के मायने होते, क्या बिहार मध्यावधि चुनाव की ओर बढ़ रहा है?

सियासत में मैसेज और पॉस्चर दोनों के मायने होते, क्या बिहार मध्यावधि चुनाव की ओर बढ़ रहा है?

आम चुनाव 2024 में विपक्षी एकजुटता से लोहा लेने के लिए एनडीए को इंद्रधनुष के रंग से रंगना चाहती है भाजपा……………..

आम चुनाव 2024 में विपक्षी एकजुटता से लोहा लेने के लिए एनडीए को इंद्रधनुष के रंग से रंगना चाहती है भाजपा.................

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

  • front
  • Home
Contect Us - ubindianews@gmail.com

© 2020 ubindianews.com - All Rights Reserved ||

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password? Sign Up

Create New Account!

Fill the forms below to register

All fields are required. Log In

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In
No Result
View All Result
  • front
  • Home

© 2020 ubindianews.com - All Rights Reserved ||

Send this to a friend