एनसीपी में दो फाड़ के बाद पार्टी के नाम और घड़ी के निशान पर कब्ज़े की जंग और तेज हो गई है। चाचा भतीजे के बीच पावर गेम की लड़ाई अब मुंबई से उठकर दिल्ली आ गई है। एक तरफ जहां दोनों गुट चुनाव आयोग में अपना-अपना दावा ठोका हैं, वहीं आज शरद पवार गुट ने भी दिल्ली में राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक बुलाई है। इस बैठक में शरद पवार बड़ा एक्शन ले सकते हैं। अजित पवार के खिलाफ बैठक में प्रस्ताव लाया जा सकता है। एनसीपी (अजित पवार गुट) नेता छगन भुजबल ने दावा किया है कि उनके पास 43 विधायक हैं. कुछ विधायक देश के बाहर हैं. कुछ बीमार हैं, कुछ रात को अजीत पवार से मिलने आए थे. उन्होंने कहा, कोई क़ानूनी अड़चन नहीं होगी.
अजित पवार को कर सकते हैं बेदखल
इस बैठक में शामिल होने के लिए शरद पवार बेटी सुप्रिया सुले के साथ दिल्ली पहुंच चुके हैं। वहीं कल मुंबई में मीटिंग के दौरान भतीजे अजित पवार ने खुद को पार्टी का अध्यक्ष घोषित कर दिया था। आज दिल्ली में शरद पवार के घर पर 3:00 बजे अहम बैठक होनी है जिसमें कई फैसले लिए जा सकते हैं। सूत्र बता रहे हैं कि इस बैठक में बागी हुए भतीजे अजित पवार के खिलाफ प्रस्ताव लाया जा सकता है। जिस तरह से अजित पवार ने चाचा शरद पवार को पार्टी अध्यक्ष से बेदखल किया है, वैसे ही राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में अजित पवार को भी बाहर का रास्ता दिखाया जा सकता है। आज दिल्ली की बैठक में जो कुछ भी होगा, उसकी पृष्ठभूमि बुधवार को मुंबई में हुई अजित पवार और शरद पवार गुट की बैठकों में तैयार हुई थी, जहां दोनों ही तरफ से एक दूसरे पर जमकर जुबानी प्रहार किए गए।
चुनाव के आगे अजित ने पूरी पार्टी पर ठोका दावा
अब चाचा-भतीजे के दोनों ही गुट चुनाव आयोग भी पहुंच गए हैं। बगावत के बाद अजित पवार ने पूरी पार्टी पर दावा ठोका है। अजित पवार गुट की तरफ से चुनाव आयोग को जो चिट्ठी भेजी गई है, उसमें दावा किया गया है कि 30 जून को NCP के कार्यकारी अध्यक्ष के तौर पर प्रफुल्ल पटेल ने पार्टी की कार्यकारिणी की मीटिंग बुलाई थी, जिसमें सर्वसम्मति से शरद पवार की जगह अजित पवार को NCP का अध्यक्ष चुना गया था। इलेक्शन कमीशन को भेजी गई चिट्ठी में अजित पवार के सपोर्ट में NCP के 53 में से 40 विधायकों के साइन हैं।
शरद पवार गुट ने भी चुनाव आयोग से की अपील
बताया जाता है कि पार्टी में अजित पवार का गुट शरद पवार से बार-बार पार्टी की कमान अजित पवार को देने की मांग कर रहा था, लेकिन शरद पवार झुकने को तैयार नहीं थे और अब जब अजित पवार ने चुनाव आयोग में भी पार्टी पर दावा ठोंक दिया है तो शरद पवार गुट ने भी चुनाव आयोग को एक चिट्ठी भेजी है। इस चिट्ठी में अपील की गई है कि NCP के चुनाव चिह्न पर कोई फ़ैसला करने से पहले उनका पक्ष भी सुना जाए। अब चुनाव आयोग ने दोनों पक्षों से अपने-अपने दावों के सपोर्ट में जल्दी से जल्दी डाक्यूमेंट सबमिट करने को कहा है। यही वजह है कि मुंबई में बैठक से पहले दोनों गुटों ने विधायकों सांसदों और पार्टी पदाधिकारियों से शपथ पत्र लिये।
अजित और शरद पवार में किसी पास संख्याबल-
- बात संख्या बल की करें तो अजित पवार के साथ इस वक्त 32 विधायक दिख रहे हैं।
- वहीं शरद पवार के साथ 15 विधायक ही हैं।
- जबकि 6 विधायक ऐसे हैं जिन्होंने अभी तक अपना स्टैंड साफ नहीं किया है।
- एमएलसी अजित पवार के साथ 5 और शरद पवार के साथ 4 हैं।
- लोकसभा और राज्यसभा में एनसीपी के कुल 9 सांसद हैं। जिनमें से अजित के पास 2 सांसद हैं।
- जबकि शरद पवार के साथ 7 सांसद दिख रहे हैं।
पूरे गेम में अजित पवार का पलड़ा भारी
विधायकों के मामले में अजित पवार का फिलहाल पलड़ा भारी दिख रहा है। यही वजह है कि 83 साल के शरद पवार पर दबाव ज्यादा है। बुधवार को अजित पवार ने शरद पवार को उनकी उम्र का हवाला देकर पार्टी की गद्दी छोड़ने की अपील की। शरद पवार और अजित पवार के बीच अब तक के शक्ति परीक्षण में अजित पवार 20 साबित हुए हैं। अगर आज की बैठक में भी यही हालात रहे तो पार्टी के नाम और घड़ी के निशान पर अजित पवार का कब्जा हो सकता है।
- महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री बन चुके अजित पवार ने 40 विधायकों, विधानपार्षदों और सांसदों के समर्थन के साथ NCP के नाम और प्रतीक चिह्न पर दावा पेश किया है.
- अजित पवार गुट के सभी विधायकों के दस्तख़त वाले हलफ़नामे चुनाव आयोग को सौंप दिए गए हैं, लेकिन इसके बाद भी उन्हें मुंबई में ही एक होटल में रखा गया है.
- चुनाव आयोग सूत्रों के अनुसार, बागियों द्वारा लिखे गए खत के मुताबिक, महाराष्ट्र में सत्तासीन गठबंधन में शामिल होने का भौंचक्का कर देने वाला कदम उठाने से कुछ दिन पहले ही 30 जून को अजित पवार को पार्टी अध्यक्ष मनोनीत कर दिया गया था.
- बुधवार को बुलाई गई बैठक में 63-वर्षीय अजित पवार ने अपने भाषण के दौरान कहा कि वह मुख्यमंत्री बनने की इच्छा रखते हैं. उन्होंने अपने चाचा शरद पवार से सवाल किया कि वह कब सेवानिवृत्त होने की योजना बना रहे हैं. उन्होंने कहा था, “अन्य पार्टियों में नेता एक उम्र के बाद रिटायर हो जाते हैं… BJP में नेता 75 साल में रिटायर हो जाते हैं, आप कब रुकने वाले हैं…? आपको नए लोगों को भी मौका देना चाहिए… अगर हम गलती करते हैं, तो हमें बताएं… आपकी उम्र 83 साल है, क्या आप ऐसा करेंगे, कभी रुकेंगे या नहीं…?”
- NCP के दोनों गुटों ने बुधवार को मुंबई में अलग-अलग बैठकें की थीं. शरद पवार की बैठक में पार्टी के केवल 14 विधायक शामिल हुए, जिससे अजित पवार आगे निकल गए.
- अजित पवार खेमे की बैठक में NCP के कुल 53 में से 32 विधायकों ने शिरकत की, जबकि शरद पवार की बैठक में 14 विधायक उपस्थित थे.
- अब नंबर गेम में पिछड़े शरद पवार ने नई दिल्ली में बैठक आहूत की है, जिसमें NCP की कार्यकारी अध्यक्ष और सांसद सुप्रिया सुले भी शामिल होंगी.
- महाराष्ट्र की BJP-शिवसेना सरकार में उपमुख्यमंत्री के रूप में अजित पवार के पिछले सप्ताह हुए प्रवेश से NCP में जंग छिड़ गई है.
- इस कदम से मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का समर्थन करने वाले शिवसेना विधायकों में भी काफी बेचैनी पैदा हो गई है.
- मुख्यमंत्री ने अपनी सभी बैठकें और कार्यक्रम रद्द कर दिए, और बुधवार शाम अपने आधिकारिक आवास पर पार्टी की आपात बैठक बुलाई. सूत्रों के मुताबिक, विधायक गठबंधन पर आपत्ति जता रहे हैं, और उनका कहना था कि शिवसेना संस्थापक बाल ठाकरे कभी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के साथ नहीं जुड़ते.







