भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सम्राट चौधरी ने सोमवार को कहा कि बिहार की जनता नीतीश कुमार के खिलाफ है और वह एक दिन भी उन्हें बर्दाश्त करने की स्थिति में नहीं है। भाजपा प्रदेश कार्यालय में सहयोग कार्यक्रम में लोगों की समस्याओं को सुनने के बाद पत्रकारों से चर्चा करते हुए श्री चौधरी ने एक प्रश्न के उत्तर में कहा कि हमलोग चाहते हैं और भगवान से दुआ भी करते हैं कि नीतीश कुमार २०२४ के चुनाव में चलें और हमलोग उन्हें हराएं। पत्रकारों द्वारा बिहार में अन्य दलों के विधायकों के भाजपा में आने के संबंध में पूछे जाने पर विधान परिषद में विपक्ष के नेता श्री चौधरी ने कहा कि अगर कोई विधायक हमारे साथ आना चाहे या ऐसा कोई प्रस्ताव आएगा‚ तो बात करेंगे। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में एनसीपी की विधायकों की एक टीम आई‚ यहां भी कोई आएगा तो स्वागत करेंगे। उन्होंने कहा कि जिस तरह से शिक्षक अभ्यर्थियों‚ युवाओं पर लाठियां चल रही है‚ उससे जनता नीतीश के विरोध में आ गई है। ऐसे में उनके विधायकों को भी यह डर सता रहा है कि अगली बार जीत कर कैसे आएंगे। नीतीश कुमार की जीवनी पर लिखी गई पुस्तक का लालू प्रसाद द्वारा विमोचन करने पर सम्राट चौधरी ने कहा कि नीतीश कुमार के राजनीतिक आका लालू प्रसाद हैं। उन्हीं की कृपा से वे मुख्यमंत्री बने हुए हैं। उन्होंने हालांकि नीतीश और जदयू से सवाल भी किया कि उन्हें यह भी बताना चाहिए कि जिसे वे लोग पंजीकृत अपराधी बताते थे‚ वैसे लोगों से विमोचन कराने में उन्हें शर्म महसूस क्यों नहीं हो रही।
जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने कहा कि हमारी पार्टी की एकजुटता पर सवाल खडे करने से पहले भाजपा को अपने दल के नेताओं के बीच फैले मनमुटाव और अंतर्विरोध को खत्म करने को लेकर आत्मचिंतन करने की आवश्यकता है। बिहार भाजपा के सभी नेता अपनी महत्वाकांक्षा और व्यक्तिगत अभिलाषा के शिकार हो चुके हैं। यही कारण है कि आज बिहार भाजपा में भारी अंतर्कलह है। नित्यानंद राय‚ गिरिराज सिंह‚ राजीव प्रताप रूडी‚ संजय जयसवाल‚ रामकृपाल यादव‚ रविशंकर प्रसाद सहित कई नेताओं के बीच अंदर ही अंदर कश्मकश है। अगर यही स्थिति रही तो अगले चंद वर्षों में बिहार में भाजपा का अस्तित्व नहीं बचेगा।
श्री कुशवाहा ने सोमवार को बयान जारी कर कहा कि भाजपा सांसद राजीव प्रताप रूडी ने तो कई मर्तबा खुले मंच से भाजपा के प्रति नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने प्रदेश संगठन द्वारा नजरअंदाज किए जाने का भी आरोप लगाया है। यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगी कि आने वाले समय में भाजपा के कई वरिष्ठ नेता पार्टी से खुद को अलग कर लेंगे। पार्टी में खींचतान की बडी वजह है कि वर्तमान में जिस व्यक्ति के हाथ में बिहार भाजपा की कमान सौंपी गयी है वह अहंकार‚ घृणा‚ महत्वाकांक्षा‚ व्यक्तिगत हित और बदजुबानी का शिकार है।
जदयू प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि २०२४ के लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा के कई सांसद पार्टी छोडने वाले हैं। इन्हें आभास हो चुका है कि २०२४ लोकसभा चुनाव में वापसी नामुमकिन है। जिस मोदी के नाम पर ये सारे नेता चुनाव जीतकर आते थे‚ अब उन्हीं मोदी का असली चेहरा और चाल–चरित्र देश की जनता के सामने आ चुका है। प्रधानमंत्री मोदी खुद अपनी बनारस लोकसभा सीट को लेकर असहज हैं। उनका हर एजेंडा विपक्षी एकता के सामने भी औंधे मुंह गिरने वाला है। यही वजह है कि भाजपा के तमाम सांसद व केंद्रीय मंत्रियों हैं को हार का डर सता रहा है। ये लोग भाजपा से रिश्ता तोडने के सही अवसर और मौके की तलाश में हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा के नेता अपनी चिंता करें‚ अपने दल की चिंता करें और अपने राजनीतिक भविष्य की चिंता करें।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को पूरा अभास है‚ इसलिए तेरह वर्षों तक जिन सांसदों और विधायक को अपने से दूर रखा आज उनकी बैठक कर रहे हैं और जन संपर्क करने की सलाह दे रहे हैं। यह सब कदम अपने अस्तिव को बचाने के लिए उठा रहे हैं। पार्टी कार्यालय में पत्रकारों को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने कहा कि नीतीश कुमार दूसरों की पार्टी को लगातार तोडते रहे हैं। आज उनकी पार्टी टूट के कगार पर है। जदयू के अनेकों सांसद एवं विधायक हमारे संपर्क में हैं। बिहार में महाराष्ट्र जैसी संभावना बन रही है। नीतीश कुमार अंहकार में डूबे हुए हैं। जन समस्याओं को सुलझाने की बजाय लाठी का सहारा ले रहे हैं। अपातकाल से भी बदतर स्थिति है बिहार की। भ्रष्टाचार की गंगोत्री में पूरी सरकार डूबी हुई है। पूरे बिहार के युवा बेरोजगारी‚ भ्रष्टाचार और भुखमरी के शिकार हो रहे हैं। बेरोजगार युवा मजबूरन दूसरे राज्यों में पलायन कर रहे हैं।







