मणिपुर में जारी हिंसा के बीच मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह (N Biren Singh) के इस्तीफा देने की चर्चा तेज हो गई है. शुक्रवार (30 जून) को इंफाल में मुख्यमंत्री के आवास और गवर्नर हाउस के बाहर बीरेन सिंह के समर्थक जमा हो गए. इस बीच सोशल मीडिया पर एक रिजाइन लेटर वायरल हो रहा है जिसमें लिखा है कि मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह अपने पद से इस्तीफा दे रहे हैं.
ये रिजाइन लेटर फटा हुआ है. मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने अपने आवास के बाहर एकत्रित लोगों से मुलाकात भी की है. ये लोग एन बीरेन सिंह से इस्तीफा न देने की बात कह रहे थे. न्यूज़ एजेंसी पीटीआई के अनुसार, एन बीरेन सिंह को उनके समर्थकों ने उस समय रोक दिया था जब वह अपना इस्तीफा सौंपने के लिए इंफाल में गवर्नर हाउस जा रहे थे.
मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने किया ट्वीट
इसी बीच बीरेन सिंह ने ट्वीट किया कि इस महत्वपूर्ण समय पर मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि मैं मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा नहीं दूंगा. इससे पहले मणिपुर के स्थानीय लोगों ने न्यूज़ एजेंसी एएनआई से कहा कि हम नहीं चाहते कि सीएम इस्तीफा दें, उन्हें इस्तीफा नहीं देना चाहिए. वह हमारे लिए बहुत काम कर रहे हैं. हम सीएम को समर्थन दे रहे हैं. हम 2 महीने से उथल-पुथल की स्थिति में हैं.
लोगों ने कहा कि हम उस दिन का इंतजार कर रहे हैं जब भारत सरकार और मणिपुर सरकार इस संघर्ष को लोकतांत्रिक तरीके से हल करेगी. ऐसी स्थिति में अगर मणिपुर के सीएम इस्तीफा दे देते हैं, तो लोग यहां कैसे रहेंगे. हमारा नेतृत्व कौन करेगा.
उन्होंने कहा कि वह संघर्ष की शुरुआत से ही हमारा नेतृत्व कर रहे हैं. हम नहीं चाहते कि वह इस्तीफा दें. हमें उन पर भरोसा है. गौरतलब है कि मणिपुर में मेइती और कुकी समुदाय के बीच 3 मई से जारी जातीय हिंसा में अब तक 100 ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है.
शनिवार को की थी शाह मुलाकात
इससे पहले रविवार को ही सीएम एन बीरेन सिंह ने गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी. इसके बाद चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया था. शनिवार को ही मणिपुर की स्थिति को लेकर गृहमंत्री शाह ने 18 पार्टियों के साथ सर्वदलीय बैठक की थी. बैठक में सपा और आरजेडी ने मणिपुर के सीएम बीरेन सिंह के इस्तीफे की मांग की थी. साथ ही मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लगाने की भी मांग की थी.
नॉथ ईस्ट स्टेट मणिपुर में स्थिति आउट ऑफ कंट्रोल होते जा रही है। पिछले 24 घंटे में गोलीबारी, आगजनी के साथ-साथ प्रदर्शनकारी और पुलिस-सेना के जवानों में मुठभेड़ की खबर सामने आई। राजधानी इंफाल में लाश के साथ प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री आवास के घेराव की कोशिश भी की। बीजेपी दफ्तर को भी निशाना बनाया गया। ये सब घटनाएं उस समय हो रही है, जब कांग्रेस नेता राहुल गांधी मणिपुर के दौरे पर पहुंचे हैं। राहुल गांधी दो दिवसीय मणिपुर दौरे पर हैं। आज वो मोइरांग में राहत कैंपों में जाकर लोगों के मिल रहे हैं। कांग्रेस नेता के दौरे के बीच तेज हुई हिंसा से कई सवाल उठ रहे हैं। दूसरी ओर कांग्रेस का कहना है कि राहुल गांधी अमन का पैगाम लेकर लोगों से मिल रहे हैं।
गोलीबारी में मारे गए व्यक्ति की लाश के साथ प्रदर्शन
इंफाल शहर के मध्य में स्थित ख्वायरनबंद बाजार में दिन की शुरुआत में हुई गोलीबारी में मारे गए एक व्यक्ति का शव होने के कारण वहां जमा हुई भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने गुरुवार देर रात हवा में गोलियां चलाईं और आंसूगैस के गोले छोड़े। कांगपोकपी जिले में लाया गया और एक पारंपरिक ताबूत में रखा गया। कथित तौर पर एक और भीड़ इंफाल में सत्तारूढ़ भाजपा के कार्यालय के पास जमा हो गई।
मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह के बंगले की ओर बढ़ रहे थे प्रदर्शनकारी
जब भीड़ ने शव के साथ औपचारिकताएं पूरी करने के बाद मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह के आधिकारिक बंगले की ओर बढ़ने की कोशिश की तो पुलिस ने हवा में गोलियां चलाईं और आंसूगैस के गोले छोड़े। पुलिस अधिकारियों ने दावा किया कि इंफाल शहर और आसपास के इलाकों में तनाव है, लेकिन “स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है”। इम्फाल शहर और बाहरी इलाके में अर्धसैनिक बल और मणिपुर पुलिस कमांडो की एक बड़ी टुकड़ी तैनात की गई है।
इंफाल पश्चिम में दंगाइयों ने दो लोगों की हत्या की
ताजा हिंसा में गुरुवार को इंफाल पश्चिम के हारोथेल में सशस्त्र आतंकवादियों की गोलीबारी में दो लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी गई और कुछ अन्य घायल हो गए। रिपोर्टों में कहा गया है कि कथित तौर पर मर्चेंट नेवी में काम करने वाले वाइखोम बोइचा और कोन्सम हेरोजीत की गोलीबारी में मौत हो गई। हारोथेल इलाकों में तनाव था और आसपास के इलाकों से आतंकवादियों की भारी गोलीबारी के कारण किसान खेती की गतिविधियां नहीं कर पा रहे थे।
सेना ने कहा- कांगपोकपी में स्थिति कंट्रोल में
सेना ने एक ट्वीट में कहा, “सुरक्षा बलों के अभियानों में हस्तक्षेप करने के लिए कांगपोकपी जिले के हरओथेल क्षेत्र में भीड़ का जमावड़ा प्रभावी ढंग से नियंत्रित किया गया। लगभग शाम 4 बजे, क्षेत्र में तैनात सैनिकों ने के मुनलाई गांव के पूर्व से गोलीबारी की आवाज सुनी। इसके अलावा, लगभग शाम 5.15 बजे, राष्ट्रीय खेल विश्वविद्यालय के दक्षिण में ग्राम बेथेल की दिशा से गोलीबारी की सूचना मिली।”







