पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान बहुत नाराज़ हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सफल अमेरिका यात्रा के बाद इमरान खान ने अपने मुल्क के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ और पूर्व आर्मी चीफ जनरल क़मर जावेद बाजवा को लताड़ा है। इमरान खान ने कहा, अमेरिका का राष्ट्रपति भारत के प्रधानमंत्री को गले लगाता है, अमेरिकी संसद भारत के प्रधानमंत्री के सम्मान में खड़े होकर तालियां बजाती है और दूसरी तरफ पाकिस्तान के हुक्मरान को अमेरिका के अफसर पूछते तक नहीं है। इमरान खान ने कहा कि भारत दुनिया में बड़ी ताकत के तौर पर उभर रहा है, जबकि पाकिस्तान की छवि पूरी दुनिया में एक गरीब और बदहाल मुल्क की बन चुकी है। इमरान खान ने भारत-अमेरिका संयुक्त घोषणापत्र का उल्लेख किया और कहा कि इसमे साफतौर पर पाकिस्तान की सरज़मीं से होने वाले सीमा पार आतंकवाद की कड़े शब्दों में न केवल निंदा की गई है बल्कि पाकिस्तान सरकार से कहा गया है कि वो सीमापार आतंकवादी हमलों के लिए अपनी ज़मीन का इस्तेमाल न हो, ये सुनिश्चित करे। साझा घोषणापत्र में पाकिस्तान से ये भी कहा गया है कि वह 26/11 मुम्बई हमलों और पठानकोट हमले के लिए ज़िम्मेवार सरगनाओं पर क़ानूनी शिकंजा कसे। इस पर इमरान खान ने अपने ट्वीट में लिखा – “जनरल बाजवा और PDM (शरीफ-ज़रदारी गठबंधन) में उनके अनुयायी अब तक ये इल्ज़ाम लगा रहे थे कि मैंने पाकिस्तान को पूरी दुनिया में अलग-थलग रखा। मैं जनरल बाजवा और PDM से पूछना चाहता हूं कि अब उनकी सरकार को बने एक साल बीत गया, पाकिस्तान के विदेश मंत्री कई बार अमेरिका गये, लेकिन भारत-अमेरिका साझा घोषणापत्र में सीमापार आतंकवाद को बढ़ावा देने का इल्ज़ाम पाकिस्तान पर लगा है। इस घोषणापत्र में कश्मीर में मानवाधिकार की हालत और भारत में मुसलमानों के साथ हो रहे सलूक का कोई ज़िक्र नहीं है। ये इम्पोर्टेड सरकार पाकिस्तान को दुनिया में अप्रासंगिक बना चुकी है और हमारी आंखों के सामने पाकिस्तान में लोकतंत्र, कानून का राज, अर्थव्यवस्था और सारे संस्थान टूट कर गिर रहे हैं।”
AI-रील्स के दौर में गांंधी की वापसी!
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