पश्चिम बंगाल के बांकुड़ा जिले में रविवार सुबह दो मालगाड़ियों की टक्कर में 12 डिब्बे पटरी से उतर गए। बांकुरा के ओंडा में रविवार तड़के हुए रेल हादसे के बाद ट्रेनों की आवाजाही फिर से शुरू कर दी गई है। अप मेल लाइन और अप लूप लाइन को बहाल कर दिया गया है। ओंडा रेवले स्ट्रेशन के पास दो मालगाड़ियां आपस में टकरा गईं, जिससे कई डिब्बे पटरी से उतर गए। ये घटना आज सुबह करीब 4 बजे हुई। घटना में एक मालगाड़ी के ड्राइवर को मामूली चोटें आईं। इस ट्रेन हादसे के बाद खड़गपुर-बांकुरा-आद्रा लाइन पर रेल परिचालन रोक दिया गया था।
रेलवे सूत्रों ने बताया कि एक लोको पायलट को हल्की चोट आई है। हादसे के कारण बिजली का ओवरहेड तार टूट जाने की वजह से आद्रा-खड़गपुर सेक्शन में ट्रेनों की आवाजाही करीब 3 घंटे तक प्रभावित रही। ओंडा रेलवे स्टेशन पर एक मालगाड़ी पहले से खड़ी थी। पीछे से आने वाली दूसरी मालगाड़ी ने उसमें टक्कर मार दी। आखिर यह हादसा कैसे हुआ, यह तो जांच के बाद ही पता चल सकेगा। शायद सिग्नल की गड़बड़ी रही होगी।
दक्षिण पूर्व रेलवे के सीपीआरओ आदित्य कुमार चौधरी ने बताया कि एक मालगाड़ी लूप लाइन में खड़ी थी और दूसरी ट्रेन को सिग्नल पर रुकना था, लेकिन वह लाल सिग्नल से आगे निकल गई, जिससे ट्रेन पटरी से उतर गई। करीब 4:05 बजे 8 बोगी पटरी से उतर गए। मरम्मत का काम सुबह करीब 7:30 बजे पूरा हो गया। अप मेल लाइन और अप लूप लाइन पहले ही 7:45 बजे बहाल कर दी गई।
रेलवे के एक अन्य अधिकारी ने बताया कि ओंडा स्टेशन के लूप लाइन पर बांकुड़ा से विष्णुपुर की ओर जाने वाले एक मालगाड़ी खड़ी थी। इसी रूट पर पीछे से आने वाली दूसरी मालगाड़ी ने उसे जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि पीछे वाली ट्रेन का इंजन पहले वाली मालगाड़ी पर चढ़ गया।
2 जून को ओडिशा के बालासोर में भी सिग्नल की गड़बड़ी से ही तीन ट्रेनों में टक्कर हुई थी। इस हादसे मे अब तक 292 लोगों की मौत हो चुकी है। 1 हजार से ज्यादा लोग घायल हुए थे। कई लोगों का अभी भी इलाज चल रहा है।







