मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने लोकसभा चुनाव के समय से पहले होने की संभावना जताते हुए अधिकारियों को अगले वर्ष जनवरी तक सभी अधूरे काम पूर्ण करने के निर्देश दिए। नीतीश ने बुधवार को यहां वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से एक अणे मार्ग स्थित ‘संकल्प’ से ६‚६८०.६७ करोड़ रुपये की लागत की ग्रामीण कार्य विभाग की ५‚०६१ योजनाओं का शिलान्यास‚ कार्यारंभ एवं उद्घाटन करने के बाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि उन्हें बताया गया है कि २०२४ के जनवरी तक अधूरे काम पूरे हो जाएंगे। इसे तेजी से करते हुए जल्द पूर्ण करें। कोई नहीं जानता है कि चुनाव कब होगा। समय से पहले इसी साल चुनाव हो सकता है। मेंटेनेंस कार्य जरूरी है इसे अपने विभाग के द्वारा ही इसे करायें। इस कार्य के लिये और लोगों की नियुक्ति होगी तो ज्यादा से ज्यादा लोगों को काम करने का मौका मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले उन्होंने छह घंटे में राज्य के सुदूर इलाकों से पटना पहुंचने का लक्ष्य निर्धारित किया था। इसके बाद अब राज्य के सुदूर इलाकों से पांच घंटे में पटना पहुंचने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है‚ उस पर तेजी से कार्य किया जा रहा है। ग्रामीण सड़कों के निर्माण से आवागमन बेहतर हुआ है। छात्र–छात्राओं को पढ़ने में सुविधा हो रही है तथा किसानों को उत्पादन की बिक्री में सुविधा हो रही है। उन्होंने कहा कि जो भी अभियंता बहाल होंगे‚ उनके कार्यों के बारे में ठीक से बतायें। वह भी जब क्षेत्र में जायेंगे तो उन्हें बेहतर ढंग से कार्य करने के बारे में बतायेंगे। नीतीश ने कहा कि समाधान यात्रा के दौरान लोगों ने जो अपनी समस्यायें बतायी हैं उसके समाधान के लिये भी कार्य किया जा रहा है। उन्होंने गरीब–गुरबा‚ अनुसूचित जाति‚ अनुसूचित जनजाति‚ अति पिछड़ा वर्ग के रहनेवाले लोगों के टोलों की सम्पर्कता के बचे हुए कामों को जल्द पूरा करने का निर्देश देते हुए कहा कि ग्रामीण कार्य विभाग अच्छे ढंग से कार्य कर रहा है। उन्हें खुशी होगी कि आप लोग सभी काम समय पर पूर्ण करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष २००० में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना शुरू की थी। इसके तहत १०० प्रतिशत राशि केंद्र सरकार देती थी। अभी जो लोग केंद्र सरकार में हैं उन्होंने वर्ष २०१५ में इसे ६०ः४० कर दिया। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के खर्च को देखा जाय तो अब वह ५०ः५० हो गया है। पहले १००० की आबादी वाले क्षेत्रों में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से सड़क निर्माण कराया जाता था बाद में इसे ५०० आबादी कर दिया गया। हमलोगों ने अपनी तरफ से ५०० से लेकर १००० तक की आबादी वाले गांवों को जोड़ने के लिये मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना की शुरुआत की। इसे बाद में २५० से अधिक की आबादी वाले गांवों को जोड़ने की योजना बनायी गयी। नीतीश ने कहा कि ग्रामीण टोला सम्पर्क निश्चय योजना के तहत १०० से २५० तक की आबादी वाले ग्रामीण टोलों को पक्की सड़क से जोड़ने की योजना बनायी गयी‚ जिसमें मुख्यतः अनुसूचित जाति‚ अनुसूचित जनजाति या अति पिछड़ा वर्ग के रहने वाले लोग होते हैं। पहले गरीब–गुरबा‚ अनुसूचित जाति–जनजाति‚ अतिपिछड़े वाले इलाके में सड़कें नहीं होती थी। वर्ष २०१६ में उन्होंने सात निश्चय योजना के तहत इसे करने का फैसला लिया। मुख्यमंत्री ने परोक्ष रूप से भाजपा पर निशाना साधा और कहा‚ आज कल वे लोग श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी का भी नाम नहीं लेते हैं। हमलोगों के द्वारा कराये गये पुराने कार्यों को भी आपलोग जरूर याद रखियेगा। वर्ष २०१८ से ही हम सड़कों को मेंटेन करने के लिए कहते रहे हैं। सड़क‚ पुल–पुलिया एवं भवनों को विभाग के द्वारा ही मेंटेनेंस का काम कराया जाना है। इसके लिए जितने इंजीनियर और दूसरे कर्मी की जरूरत है‚ उसकी बहाली तेजी से करायें। हमने भी इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है‚ आपलोग मेरी बात मानिए और उस पर अमल कीजिये। जो इंजीनियर अच्छा काम करते हैं‚ उनके कार्यों की क्षेत्र के लोग काफी तारीफ करते हैं। उन्होंने कहा कि टेंडर देने के बाद भी इंजीनियर का यह दायित्व है कि वह जाकर देखे कि काम में देरी क्यों हो रही है‚ कैसा काम हो रहा है। कार्यक्रम को उप मुख्यमंत्री सह ग्रामीण कार्य मंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव‚ मुख्य सचिव आमिर सुबहानी एवं ग्रामीण कार्य विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार‚ मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ. एस सिद्धार्थ‚ सचिव अनुपम कुमार आदि मौजूद थे। मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी गोपाल सिंह‚ ग्रामीण कार्य विभाग के अभियंता प्रमुख अशोक कुमार मिश्रा सहित अन्य वरीय अधिकारी एवं अभियंता उपस्थित थे।







