ड़ीएमके नेता पर कार्रवाई के बाद उप मुख्यमंत्री तेजस्वी ने कहा कि २३ को होने वाली विपक्षी दलों की बैठक के पहले उन पर भी कार्रवाई हो सकती है। बिहार में २३ जून को होने वाली देश भर के तमाम विपक्षी दलों की बैठक की तैयारियों बिहार में महागठबंधन में शामिल राजद और जदयू के तरफ से की जा रही है। इससे पहले इस मीटिंग में शामिल होने वाली पार्टी डीएमके के नेता को ईडी ने अरेस्ट कर लिया है और उनसे लंबी पूछताछ की है। इसी मामले को लेकर बिहार के उपमुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्षी दलों की मीटिंग से पहले उन पर भी एक्शन हो सकता है। तेजस्वी ने कहा कि हम तो शुरू से ही कहते रहे हैं कि जैसे–जैसे २३ जून की मीटिंग का समय हो रहा है‚ यह सब होगा ही। हम तो पहले कहते रहे हैं कि देखिएगा अभी तक मेरा चार्जशीट में नाम नहीं है‚ लेकिन जिस हिसाब से देश में माहौल बन रहा है‚ विपक्ष गोलबंद हो रहा है तो हो सकता है कि सप्लीमेंट्री चार्जशीट ला कर मेरा भी नाम जोड दिया जाए। जिस दिन से बिहार में हमारी सरकार बनी है उसी दिन से हम लोग कह रहे हैं कि लगातार ताबडतोड भाजपा के लोग हम पर रेड मारेंगे। खुद देख लीजिए एजेंसियों को भी नहीं पता होगा कि हमारे यहां कितनी बार उन्होंने रेड मारा है। कितनी बार जांच शुरू करके बंद कर दिया।
वहीं‚ सरकार से बाहर होने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी द्वारा लगाए जा रहे आरोपों का जवाब देते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि हमारी सरकार को लेकर क्या कहा है हमने सुना ही नहीं है। वह बडे हैं कुछ भी कह सकते हैं। उनका तो हम लोग सम्मान करते ही थे। लेकिन काम हो रहा है या नहीं हो रहा है इसका आकलन ढंग से किया जाए तो पूरी बातें स्पष्ट हो जाएंगी कि कितना काम हो रहा है। आप देखिएगा तो पता चलेगा कि हर क्षेत्र में काम हो रहा है। इसलिए उनका क्या कहना है इस पर हम टिप्पणी नहीं करेंगे। इधर‚ मंत्रिमंड़ल विस्तार में सिर्फ एक व्यक्ति को जगह मिलने पर उन्होंने कहा कि यह मुख्यमंत्री का विशेषाधिकार होता है। किसको मंत्रिमंडल में रखना है‚ नहीं रखना है यह सीएम के ऊपर है। इसमें वे कुछ भी नहीं कह सकते‚ उनकी जो मर्जी होगी वे निर्णय लेंगे। उनका निर्णय हमेशा उचित होगा।







