चक्रवातीय तूफान बिपरजॉय भारत की ओर बढ़ रहा है और 15 जून तक इसके पहुंचने का अनुमान है. गुजरात और महाराष्ट्र में तूफान अपना सबसे ज्यादा रौद्र रूप दिखाएगा. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने इसे बेहद गंभीर चक्रवातीय तूफान की कैटेगरी में घोषित करते हुए अलर्ट जारी किया है. मछुआरों को समुद्र में जाने से रोक दिया गया है. गुजरात के कच्छ, देवभूमि द्वारका, पोरबंदर, जामनगर और मोरबी जिलों में तूफान का सबसे ज्यादा असर होने की आशंका के चलते निचले इलाकों से लोगों को निकाला गया है.
गुजरात और मुंबई के तटीय इलाकों में तेज हवाओं और ऊंची लहरों के चलते अब तक 9 लोगों की मौत की खबर है। वहीं, गुजरात सरकार ने कच्छ-सौराष्ट्र में समुद्र तट से 10 किलोमीटर की सीमा में 7 जिलों से 37 हजार से ज्यादा लोगों को निकालकर शेल्टर होम में भेजा है। बिपरजॉय पिछले 25 साल में जून महीने में गुजरात के तट से टकराने वाला पहला तूफान होगा। इससे पहले 9 जून 1998 को एक तूफान गुजरात के तट से टकराया था। तब पोरबंदर के पास 166 KMPH की रफ्तार से हवा चली थी। बीते 58 साल की बात करें तो 1965 से 2022 के बीच अरब सागर के ऊपर से 13 चक्रवात उठे। इनमें से दो गुजरात के तट पर टकराए। एक महाराष्ट्र, एक पाकिस्तान, तीन ओमान-यमन और छह समुद्र के ऊपर कमजोर पड़ गए।
अभी कहां है तूफान
आईएमडी के मुताबिक, तूफान बिपरजॉय इस समय गुजरात के जखाऊ बंदरगाह से लगभग 290 किमी दक्षिण-पश्चिम में पूर्वोत्तर अरब सागर पर केंद्रित है.
तूफान देवभूमि द्वारका से 300 किमी पश्चिम-दक्षिण-पश्चिम, नलिया से 310 किमी पश्चिम-दक्षिण-पश्चिम, पोरबंदर से 350 किमी पश्चिम में बना हुआ है.
बेहद गंभीर चक्रवाती तूफान जखाऊ बंदरगाह के पास मांडवी और कराची के बीच से होते हुए 15 जून की शाम को सौराष्ट्र और कच्छ को पार करने की संभावना है.
ये हो सकता है खतरा
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक कच्छ, देवभूमि द्वारका, पोरबंदर, जामनगर और मोरबी जिलों के निचले इलाकों में पानी भर जाने की संभावना है.
कच्छ, देवभूमि द्वारका, पोरबंदर, जामनगर, मोरबी, जूनागढ़ और राजकोट जिलों में फूस के घरों के पूरी तरह से नष्ट हो सकते हैं
कच्चे घरों के व्यापक नुकसान की आशंका के साथ ही पक्के मकानों में भी हल्का नुकसान हो सकता है.
चक्रवाती तूफान के चलते बिजली और टेलीफोन के खंभे उखड़ सकते हैं.
ट्रेनों का आवागमन बाधित कर सकता है.
खड़ी फसलों, वृक्षारोपण और बागों को नुकसान पहुंचा सकता है.
बारिश का अनुमान
मौसम विभाग ने चक्रवात के चलते बुधवार (14 जून) को गुजरात के तटीय क्षेत्रों में अधिकांश स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा और अलग-अलग स्थानों पर अत्यधिक भारी वर्षा होने का अनुमान जताया है.
15 जून को कच्छ, देवभूमि द्वारका और जामनगर में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा और अलग-अलग स्थानों पर अत्यधिक भारी वर्षा होने की संभावना है.
90 से ज्यादा ट्रेन कैंसल
तूफान का असर रेलवे के परिचालन पर भी पड़ा है. कई ट्रेन तूफान के चलते रद्द की गई हैं.
पश्चिम रेलवे ने बताया है कि करीब 95 ट्रेनों को 15 जून तक रद्द या शॉर्ट टर्मिनेटेड किया गया है.
कई राज्यों में तेज हवाओं के साथ बारिश
भारत मौसम विज्ञान विभाग ने बताया कि चक्रवाती तूफान बिपरजॉय के प्रभाव के कारण देश के कई राज्यों में तेज हवाओं के साथ बारिश हो रही है. गुजरात के 8 जिलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है. इसके साथ केंद्र सरकार इस मामले कि लगातार मॉनिटरिंग कर रही है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्रीय मंत्रीयों को अलग-अलग क्षेत्रों की जिम्मेदारी सौंपी है. आईएमडी ने बताया कि बिपरजॉय का सबसे ज्यादा प्रभाव आज यानी बुधवार को ही देखने को मिलेगा. वहीं, सरकारी रिपोर्ट में बताया गया कि चक्रवात के खतरे को ध्यान में रखते हुए 8 जिलों से 37,794 लोगों को तटीय इलाकों से सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया है. इसके साथ ही एनडीआरएफ की 15 और सीडीआरएफ की 12 टीमों को मुस्तैद रखा गया है.
गुजरात के द्वारका में केंद्रीय मंत्री पुरुषोत्तम रुपाला ने कहा कि हवा की गति थोड़ी धीमी है, बूंदाबांदी बारिश हो रही है. यहां पर रहने वाले को शेल्टर में शिफ्ट कर दिया है. यहां से 100 मीटर की दूरी पर एक पक्का आश्रय स्थान बनाया गया है और वहां पर खान-पान की सुविधा दी गई है. प्रधानमंत्री ने इस गतिविधियों के लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों और मंत्रियों के साथ इसका पूरा जायजा लिया है और सभी को अलर्ट और काम करने के लिए निर्देश दिए गए हैं.







