बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज अधिवेशन भवन के सभागार में अपने संबोधन के दौरान काफी आक्रामक नजर आए। उन्होंने बीजेपी की नीतियों पर तीखा निशाना साधा। हालांकि नीतीश कुमार सीधे तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह का नाम नहीं लिया लेकिन उन्हें जरूर आड़े हाथ लिया। दरअसल, ये मंच अधिवेशन भवन का था, जहां विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की तरफ से नियुक्ति पत्र बांटे जाने थे। इस दौरान 415 लोगों को नियुक्ति पत्र बांटा गया। इस मौके पर बोलते हुए नीतीश कुमार ने केंद्र के प्रति अपनी खासी नाराजगी जाहिर की। नीतीश कुमार ने सबसे पहले पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि ये लोग आ जाते हैं। छापते कुछ नहीं है। उन्होंने मीडिया पर कब्जे का आरोप लगाते हुए कहा ‘सब लोग पत्रकार लोग आ जाते हैं, इ लोग बेचारा लोग भी आ जाता है! आज आप लोगों पर कब्जा कर लिया है। फिर नीतीश कुमार ने जनता से संवाद करते हुए कहा ‘इस सब बतवा बोलेंगे त कोई छापेगा जी, सब चीज पर कब्जा कर लिया है, कुछ नहीं छापता है। सभी लोग आ जाते हैं, कुछ नहीं छापता है! उन्हीं का बात छापता है…।
बापू, अटल और मुरली मनोहर जोशी के जरिए साधा निशाना
इसके बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बीजेपी के पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी का नाम लिया। उन्होंने कहा कि ‘श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी त उन्हीं के पार्टिए के थे…ई लोग कोई का नाम लेता है जी! न बापू का नाम लेता है, इ त अपने पार्टिए का नाम नहीं लेता है… श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी का नाम लेता है! मुरली मनोहर जोशी का नाम लेता है!…किसी का लेता है जी! बहुत बढ़िया काम किए थे, जब हम लोग साथ में थे…कोई ओ का नाम नहीं लेता है ई! जान लीजिए… ई लोग किसी का नाम नहीं लेगा!’
21-22 साल से आया है पार्टिया में उ दू गो… नीतीश का किसकी तरफ इशारा!
नीतीश कुमार के गुस्से का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जब सीएम बोल रहे थे, तब वह भाषण के दौरान अपने हाथों को खूब झटक रहे थे। उन्होंने केंद्र सरकार के शीर्ष नेतृत्व की पर हमला बोला। नीतीश कुमार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का नाम तो नहीं लिया लेकिन अपने हाथ के इशारों से ये जता दिया कि वो किसे आड़े हाथ ले रहे हैं। नीतीश कुमार ने कहा ‘ई लोग जो 21-22 साल से पार्टिया में आया है… उ लोग दू गो खाली… अपना ही नाम लेता है… कोई का नाम नहीं लेता है… ई लोग अपने पार्टियों के लोगन का भी नाम नहीं लेता है।’







