बिहार में पलायन की स्थिति ऐसी है कि लोग परिवार को छोड़कर बिहार से बाहर कमाने जाते हैं, लेकिन कई बार हादसे के शिकार हो जाते हैं और परिवार से बिछड़ जाते हैं. ऐसा ही कुछ भागलपुर में फिर हुआ है. भागलपुर के 12 लोग बाहर कमाने गए और रेल हादसा में लापता हो गए हैं. दरअसल, उड़ीसा के बालासोर में हुए भीषण रेल हादसे में सैकड़ों लोगों की जान जा चुकी है और कई लापता हैं. भागलपुर जिले से अब तक 12 लोगों के लापता होने की सूचना है.
सभी को अपनों का है इंतजार
भागलपुर कहलगांव के सनोखर थाना क्षेत्र के संथाली टोला अगहिया से मजदूरी करने चेन्नई जा रहे 6 लोग हादसे के बाद लापता हैं. वहीं, सन्हौला थाना क्षेत्र के महियमा के चार व पीरपैंती का एक युवक लापता है. घटना के बाद सनोखर थाना क्षेत्र के अगहिया गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है और पूरा इलाका गमगीन है. परिजनों का रो – रोकर बुरा हाल है. लापता युवक के परिजन उनकी सकुशल वापसी को लेकर जहां ईश्वर से प्रार्थना कर रहे हैं. वहीं, सरकार और जिला प्रशासन से अपने परिजनों के सकुशल वापसी की मांग कर रहे हैं. सभी को अब अपनों के आने का इंतजार है. इसके साथ ही उनके मन में एक डर भी है.
ओडिशा के बालासोर से 40 यात्रियों से भरी बस रविवार की देर रात अररिया पहुंची। इन यात्रियों में अररिया के 24, किशनगंज के दो दरभंगा के नौ, समस्तीपुर के तीन और सीतामढ़ी के दो यात्री शामिल थे। जिला प्रशासन द्वारा लोगों के लिए चिकित्सा और भोजन का इंतजाम किया गया। इसके बाद सभी यात्रियों को अपने गृह जिले के लिए रवाना किया गया।
जिला प्रशासन की तरफ से अररिया अनुमंडल पदाधिकारी शैलेश चंद्र दिवाकर, आपदा प्रबंधन पदाधिकारी तैनात दिखे। वहीं, अररिया से बीजेपी सांसद प्रदीप कुमार सिंह ने भी यात्रियों से बात की और उनका ढांढस बंधाया।
कोरोमंडल एक्सप्रेस में सवार इन यात्रियों ने उस खौफनाक मंजर के बारे बताया कि ट्रेन में सवार कई मुसाफिर हमारे जैसे खुशकिस्मत नहीं थे, जिनकी हादसे में दर्दनाक मौत हो गई। वहीं जिला आपदा पदाधिकारी और अनुमंडल पदाधिकारी ने बताया कि इन यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचने के लिए सारी सुविधाएं दी जा रहीं हैं।

सांसद प्रदीप सिंह ने कहा कि भीषण ट्रेन हादसे से ये सभी यात्री अभी भी सहमे हैं। सांसद ने कहा कि इन सभी पर ईश्वर की कृपा रही कि ये लोग सुरक्षित हैं। वहीं, ट्रेन में सफर कर रहे संजीव कुमार ने बताया कि अचानक से एक जोरदार आवाज सुनाई दी और पटरी से बोगी उतरने लगी।
बताया कि बोगी एक दूसरे बोगी के ऊपर चढ़ने लगी, फिर ट्रेन में रखे सामान के साथ ट्रेन में मौजूद लोग इधर से उधर गिरने लगे। तब पता चला कि एक्सीडेंट हुआ है, या कोई घटना घटी है। ट्रेन का डब्बा लगा कि नीचे जा रहा है, हम लोगों के डिब्बे का लॉक खुल गया था। इसीलिए वह साइड में लग गया और वो लोग बच गए।
ओडिशा के बालासोर में हुए भीषण रेल हादसे में बांका का एक युवक बाल-बाल बच गया। युवक कटोरिया के तसरिया गांव निवासी श्रीकांत यादव (24) है। रविवार को उसके परिजनों द्वारा इलाज के लिए रेफरल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सक डॉ एसडी मंडल और डॉ मनन कुमार ने उसका प्राथमिक उपचार किया।
युवक ने बताया कि इस हादसे में उसका एक साथी लापता है। लापता युवक कटोरिया के जयपुर थाना क्षेत्र के कोल्हासार गांव के महेंद्र यादव का बेटा पप्पू कुमार है। उसने बताया कि वह बेंगलुरु में मजदूरी का काम करता है। अपने नौ अन्य दोस्तों के साथ गुरुवार को बेंगलुरु से हावड़ा आ रहा था। सभी एक जनरल बोगी में सवार थे। युवक ने बताया कि शुक्रवार की शाम अचानक एक जोरदार आवाज सुनाई दी।
थोड़ी देर बाद युवक जिस बोगी में सवार था, वह भी पलट गई। इस दुर्घटना में बोगी में सवार लगभग आधे लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, कई गंभीर रूप से जख्मी हो गए। युवक के किसी साथी का पैर, तो किसी के हाथ टूट गया।

स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से सभी को बाहर निकाला गया। युवक और उसके आठ साथी बाहर निकाले गए जबकि पप्पू कुमार का कुछ पता नहीं चला। बताया कि उसने घटनास्थल पर पड़े शवों में भी लापता युवक की खोजबीन की, लेकिन वहां भी कुछ पता नहीं चला।
मौके पर पुलिस ने उन्हें खाना खिलाया। बस द्वारा हावड़ा पहुंचाया गया, जहां से उन्हें बिना टिकट ही अपने घर चले जाने की बात कही गई। युवक एक पैसेंजर ट्रेन से हावड़ा से जसीडीह रेलवे स्टेशन पहुंचा।







