आरजेडी नेता तुलसी प्रसाद यादव के अपहरण मामले में वारंट और कुर्की आदेश ले पाने में विफल हुई पुलिस अब साहेबगंज विधायक डॉ. राजू सिंह को पारू सीओ अनिल भूषण और सीआई चंद्रदीप के साथ मारपीट करने के मामले में घेरना शुरू कर दिया है। अब सीओ और सीआई के साथ मारपीट में पुलिस ने विधायक राजू सिंह समेत पांच की गिरफ्तारी सह कुर्की आदेश के लिए विशेष एससी/एसटी कोर्ट में अर्जी डाली है।
इसकी पुष्टि एसडीपीओ सरैया कुमार चंदन ने की है, जिस पर विशेष न्यायालय में सुनवाई होगी। इसमें विधायक के साथ प्रखंड प्रमुख पति विजय पासवान, डाटा ऑपरेटर सोनू कुमार, विधायक प्रतिनिधि अनुप कुमार सिंह और विधायक के करीबी प्रभाकर कुमार सिंह को नामजद आरोपित बनाया गया था। बीते 11 अप्रैल को सीओ और सीआई के साथ विधायक ने अपने घर पर बुलवाकर मारपीट की थी। सीओ के साथ मारपीट मामले में राजद नेता ने विधायक के खिलाफ धरना दिया था। इसी वजह से आरजेडी नेता का अपहरण कर मारपीट करने का आरोप विधायक व उनके समर्थकों पर लगा था।
सीओ ने एफआईआर में बताया है कि 11 अप्रैल की दोपहर करीब एक बजे विधायक ने कॉल कर बुलाया। तब प्रभारी अंचल निरीक्षक चंद्रदीप कुमार राम के साथ वह विधायक के आवास बड़ा दाउद गांव पहुंचे। वहां विधायक के साथ अन्य नामजद आरोपित भी बैठे हुए थे। पहुंचते ही विधायक ने गंदी- गंदी गाली देनी शुरू कर दी। कहा कि उसके करीबी डाटा ऑपरेटर सोनू कुमार को हटाने के लिए डीएम को पत्र क्यों भेजा। इसके बाद उन्होंने कुर्सी से कॉलर पकड़कर उठाया और थप्पड़ से मारा। कुर्सी को पांव मारकर गिरा दिया। सीआई के साथ भी मारपीट की गई और जाति सूचक शब्द से अपमानित किया गया। सीओ के आवेदन पर पारू थाने में बीते 15 अप्रैल को एफआईआर दर्ज की गई थी।
राजद नेता का अपहरण कर मारपीट के आरोपी भाजपा विधायक राजू सिंह के खिलाफ गिरफ्तारी और कुर्की जब्ती का वारंट मांगने पहुंची पुलिस की अर्जी को कोर्ट ने खारिज कर दिया है. मुजफ्फरपुर की कोर्ट ने राजू सिंह की अग्रिम जमानत की अर्जी पर सुनवाई की है. इस मामले में पुलिस से केस डायरी की मांग की गयी है. कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए 14 जून की तारीख तय की है.
विधायक राजू सिंह के वकील विनोद कुमार ने मीडिया को बताया कि डिस्ट्रिक्ट जज की कोर्ट में अग्रिम जमानत की याचिका दायर की गयी थी. लेकिन उनका कोर्ट खाली था. लिहाजा प्रभारी कोर्ट में मामले की सुनवाई हुई. कोर्ट ने अग्रिम जमानत की याचिका पर सुनवाई करते हुए पुलिस से कहा है वह इस मामले की केस डायरी पेश करे.
वकील विनोद सिंह ने कहा कि अपहरण की जिस घटना को अंजाम देने का आरोप लगाया गया है उसके बीते सिर्फ एक सप्ताह हुए हैं. लेकिन पुलिस एक साथ गिरफ्तारी के साथ साथ कुर्की जब्ती के वारंट के लिए कोर्ट में पहुंच गयी. ऐसे में कोर्ट को पुलिस की मंशा पर शक हुआ. लिहाजा गिरफ्तारी वारंट और कुर्की जब्ती की अर्जी को खारिज कर दिया गया. कोर्ट ने 14 जून को मामले की सुनवाई करने का आदेश दिया है.
बता दें कि मुजफ्फरपुर के साहेबगंज से भाजपा विधायक राजू सिंह पर राजद नेता तुलसी राय ने अपहरण का आरोप लगाया है. तुलसी राय ने पुलिस के समक्ष दर्ज करायी गयी एफआईआर में कहा है कि वे रसूलपुर गांव में एक तिलक समारोह में भाग लेने गये थे. वहां से निकलने के दौरान विधायक राजू सिंह ने अपने समर्थकों के साथ मेरा अपहरण कर लिया और फिर कोल्ड स्टोरेज के पास ले जाकर मेरी जमकर पिटाई की. तुलसी राय ने कहा कि विधायक की मंशा उनकी हत्या करने की थी.
एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस लगातार विधायक राजू सिंह की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है. राजू सिंह के कई ठिकानों पर छापेमारी की जा चुकी है. वहां से हथियार समेत गाड़ियों और अन्य सामानों को जब्त किया जा चुका है.







