कर्नाटक में कांग्रेस सरकार का आज शपथ ग्रहण समारोह है। इसमें विपक्ष के तमाम नेताओं के साथ-साथ बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव भी शामिल होंगे। नीतीश कुमार, तेजस्वी यादव, ललन सिंह और संजय झा कर्नाटक के लिए विशेष विमान से रवाना हो गए हैं। कांग्रेस नेता सोनिया गांधी इस शपथ ग्रहण समारोह में शामिल नहीं होंगी। मिली जानकारी के मुताबिक, सोनिया की तबीयत ठीक नहीं है, इसी वजह से वह समारोह में शामिल नहीं होंगी। वहीं राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समारोह में पहुंचेंगे।
इसे लिटमस टेस्ट इसलिए कहा जा रहा, क्योंकि आज के शपथ समारोह में ये देखना दिलचस्प हो जाएगा कि विपक्षी एकता से जुड़े कितने नेता पहुंचते हैं। इससे विपक्षी एकता की मजबूती का पता चलेगा, जो नेता इस कार्यक्रम में नहीं पहुंचेंगे, तब माना जाएगा कि वे विपक्षी एकता में विश्वास नहीं करते हैं।
कर्नाटक में कांग्रेस ने पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाई है। इसको लेकर शनिवार को शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन किया गया है। इस शपथ ग्रहण समारोह में सभी दल के नेताओं को निमंत्रण दिया गया है। खास तौर पर विपक्षी एकता से ताल्लुक रखने वाले सभी क्षेत्रीय दलों के प्रमुख नेताओं को शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने का न्योता दिया गया है।
कर्नाटक में कांग्रेस को मिली है शानदार जीत
कर्नाटक में 224 सदस्यीय विधानसभा के लिए 10 मई को हुए चुनाव में कांग्रेस ने शानदार जीत हासिल करते हुए 135 सीटें अपने नाम की है। वहीं, बीजेपी को सिर्फ 66 और पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवेगौड़ा की पार्टी जनता दल (सेक्युलर) ने 19 सीटें जीती है। कर्नाटक में कांग्रेस पूर्ण बहुमत की सरकार बना रही है। सिद्धारमैया मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे तो डीके शिवकुमार उपमुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे।
विपक्ष के कई नेताओं से मुलाकात कर चुके हैं नीतीश
इधर, शपथ ग्रहण समारोह से पहले बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विपक्षी नेताओं को एकजुट करने के लिए देशभर का दौरा किया। इसमें उन्होंने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी के साथ साथ पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी, समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव, ओडिशा के सीएम नवीन पटनायक, दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल और महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे, शरद पवार और लेफ्ट के कई नेताओं से मुलाकात करके विपक्षी एकता को मजबूत करने की कवायद की है।
आज के शपथ ग्रहण समारोह में विपक्षी एकता से जुड़े नेता पहुंचेंगे तो माना जाएगा विपक्षी एकता की मुहिम मजबूत हो रही है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और तेलंगाना के मुख्यमंत्री केसीआर की शपथ ग्रहण समारोह में पहुंचने पर संशय है।







