जालंधर लोकसभा सीट के लिए हुए उपचुनाव के नतीजे शनिवार को आएंगे। यहां सुबह 8 बजे से वोटों की गिनती शुरू हो गई है। जालंधर में कुल 54.70 % वोटिंग हुई थी। यहां भाजपा, कांग्रेस, अकाली दल और सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी के बीच मुकाबला है। काउंटिंग के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।
उधर, यूपी की स्वार और छानबे, ओडिशा की झारसुगुडा, मेघालय की सोहियोंग विधानसभा सीटों पर भी वोटों की गिनती भी आज हो रही है। यहां 10 मई को वोटिंग हुई।
जालंधर में 19 उम्मीदवार मैदान में
कपूरथला रोड स्थित निदेशक भू-अभिलेख एवं स्पोर्ट्स कॉलेज परिसर के कार्यालय में बनाए गए काउंटिंग सेंटर्स के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है। कुल19 उम्मीदवार मैदान में हैं। इनमें प्रमुख हैं आप की सुशील रिंकू, कांग्रेस की करमजीत कौर चौधरी, भाजपा के इंदर इकबाल सिंह अटवाल और शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के सुखविंदर कुमार सुखी।
आप सरकार की परीक्षा
आप उपचुनाव में जीत दर्ज करके लोकसभा में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने की उम्मीद कर रही है। मार्च 2022 में सत्ता में आने के तीन महीने बाद ही संगरूर में लोकसभा उपचुनाव में हार का सामना करने वाली पार्टी के लिए यह जीत उत्साह बढ़ाने वाली होगी।
उपचुनाव को भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार के एक साल के प्रदर्शन की परीक्षा के रूप में भी देखा जा रहा है। मुफ्त बिजली, युवाओं को नौकरी देने, संविदा कर्मचारियों को रेगुलर करने, भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई के वादों के साथ सत्ता में आई है। जालंधर से सांसद संतोख सिंह चौधरी की राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा के दौरान इसी साल जनवरी में हार्ट अटैक से निधन हो गया था। जिसके बाद यहां उपचुनाव हो रहा है।
यूपी में स्वार पर रहेगी नजर, आजम खान की प्रतिष्ठा दांव पर
उत्तर प्रदेश में स्वार और छानबे विधानसभा सीटों पर उपचुनाव हुए। स्वार में 44.95% तो छानबे में 39.51% वोटिंग हुई है। स्वार सीट आजम खान के बेटे अब्दुल्ला आजम की विधानसभा सदस्यता जाने के बाद खाली हुई थी। छानबे विधानसभा सीट अपना दल (एस) के विधायक राहुल कोल के निधन के बाद खाली हुई थी।
मिर्जापुर की स्वार सीट पर 6 उम्मीदवार और छानबे सीट से 8 प्रत्याशी चुनावी मैदान में थे।
पूरे प्रदेश की नजर रामपुर की स्वार विधानसभा सीट पर है, क्योंकि यहां आजम खान की प्रतिष्ठा दांव पर है। अब्दुल्ला आजम की विधायकी 15 साल पुराने मामले में दोषी ठहराए जाने और 2 साल कैद की सजा सुनाए जाने के बाद रद्द कर दी गई थी। इस बार आजम खान के परिवार का कोई भी सदस्य चुनावी मैदान में नहीं है। खुद आजम सपा की हिंदू प्रत्याशी अनुराधा चौहान के लिए ताकत लगा रहे हैं।
स्वार सीट पर 2017 और 2022 में सपा के अब्दुल्ला आजम ने जीत दर्ज की थी। साल 2022 में अब्दुल्ला ने अपना दल (एस) के हैदर अली खान को 61 हजार वोटों से हराया था। 2017 में अब्दुल्ला ने भाजपा की लक्ष्मी सैनी को करीब 53 हजार वोट से हराया था। लेकिन दोनों ही बार अब्दुल्ला आजम की विधायकी चली गई।
ओडिशा की झारसुगुड़ा सीट पर बीजद-भाजपा में मुकाबला ओडिशा में झारसुगुड़ा विधानसभा क्षेत्र में 10 मई को 68.12% वोटिंग हुई है। यह सीट स्वास्थ्य मंत्री नबा किशोर दास की 29 जनवरी को हुई हत्या के बाद से खाली है। मुकाबला मुख्य रूप से बीजद, भाजपा और कांग्रेस के बीच है। बीजद ने दास की बेटी दीपाली दास को मैदान में उतारा है, जबकि भाजपा ने तंकाधर त्रिपाठी को उम्मीदवार बनाया है। कांग्रेस ने दिवंगत विधायक बिरेन पांडेय के बेटे तरुण पांडेय को मैदान में उतारा है। तीनों नए कैंडिडेट्स हैं।
मेघालय की सोहियोंग सीट पर काउंटिंग की तैयारियां पूरी
मेघालय में सोहियोंग विधानसभा क्षेत्र में 91.39% वोटिंग हुई है। यहां वोटों की गिनती आज होगी। काउंटिंग की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। फरवरी-मार्च में हुए विधानसभा चुनाव से पहले UDP के एचडीआर लिंगदोह का निधन हो गया था। वे सोहियोंग सीट से विधायक थे। इसके चलते ही इस सीट पर उप-चुनाव कराया गया।







