बागेश्वर धाम के बाबा धीरेंद्र शास्त्री शनिवार को पटना आ रहे हैं, जिसको लेकर शुक्रवार को कलश यात्रा निकाली गई। बाबा बागेश्वर नौबतपुर के पाली मठ में प्रवचन करेंगे। कलश यात्रा में नौबतपुर प्रखंड के मोतीपुर गांव से गंगाजल भरकर ई एम सरदार कथा स्थल त्रिपाली मठ की ओर रवाना हुई।
पटना के नौबतपुर स्थित तरेत गांव में धीरेंद्र शास्त्री का आगमन होने वाला है। 13 मई से पांच दिवसीय कार्यक्रम की शुरुआत हो रही। तरेत गांव में आयोजित होने वाले हनुमंत कथा का शुभारंभ शुक्रवार को कलश यात्रा से शुरू हो गया। आज अहले सुबह ही रंग-बिरंगे परिधानों में सुसज्जित महिलाएं नौबतपुर थाना के नजदीक से कलश में जल लेकर तरेत गांव हनुमंत कथा स्थल पर पहुंची। सैकडों महिलाएं इस कलश यात्रा में शामिल हैं। उन्होंने प्रतिमा के नजदीक कलश के जल को रखकर जय श्री राम जय हनुमान के नारे लगाए। महिलाएं झुंड में आ रहे हैं भगवाधारी के नारे लगाती दिखीं।
13 मई से दिव्य दरबार लगेगा
नौबतपुर में 13 मई से 17 मई तक बागेश्वरी धाम वाले बाबा धीरेंद्र शास्त्री जी का दिव्य दरबार लगने जा रहा है। इसे लेकर बागेश्वरी समिति की तरफ से तैयारियां पूरी कर ली गई है। शुक्रवार की सुबह महिलाओं द्वारा कलश यात्रा निकाली गई। कलश यात्रा का शुभारंभ नौबतपुर थाना के नजदीक टैंकर से हुई। जल भरकर महिलाएं हनुमंत कथा स्थल की ओर निकल गईं। इस दौरान जय श्री राम, जय हनुमान और धीरेंद्र शास्त्री की जय के नारों से पूरा नौबतपुर का इलाका गूंज उठा।

2 किलोमीटर की दूरी पर ही रोकी गईं गाड़ियां
महिलाओं ने “चला सखी दर्शन करीला हनुमान के ” एक सुर में गाकर माहौल को और भी भक्तिमय बना दिया। सुरक्षा को लेकर प्रशासन की तरफ से भी पूरी तैयारी कर ली गई है। बताया जा रहा कि हनुमंत कथा स्थल से लगभग 2 किलोमीटर की दूरी पर ही सभी गाड़ियों को रोक दिया गया है।

विरोध करने वालों का हाथ जल जाएगा- महंत सुदर्शनाचार्य
इस कार्यक्रम को लेकर पहले से ही राजनीतिक रंग में रंगने का काम बिहार सरकार के मंत्री लगातार करते रहे। दूसरी तरफ तरेत मठ के महंत सुदर्शनाचार्य का यह मानना है कि तरेत गांव में चाहकर भी लोग किसी तरह का कोई विरोध नहीं कर सकते। उनका यह मानना है कि विरोध करने वालों का हाथ जल जाएगा।







