बंगाल की खाड़ी के ऊपर बन रहे मोका चक्रवाती तूफान को लेकर अलर्ट जारी किया गया, बदलते मौसम के बीच दिल्ली NCR समेत कई राज्यों में मोचा तूफ़ान आने की संभावना है। बताया जा रहा है कि दिल्ली में मंगलवार को अधिकतम तापमान सामान्य से 2 डिग्री कम 37.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। वहीं भारत के मौसम को लेकर मौसम विज्ञान विभाग ने कहा कि शाम को मौसम में नमी 31 प्रतिशत रही। साथ ही दिल्ली में मंगलवार की सुबह ठंडक भरी रही और न्यूनतम तापमान सामान्य से 4 डिग्री कम 20.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
मौसम विभाग का कहना है कि अगले 2 दिन में दिल्ली में पारा 40 के पार जा सकता है। वहीं, 11 मई के बाद तूफान मोका के कारण दिल्ली एनसीआर समेत कई राज्यों में बारिश होने की संभावना है। तूफान मोका आज दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी और इससे सटे क्षेत्र में आज चक्रवाती तूफान में तब्दील हो सकता है। मौसम विभाग के मुताबिक, धीरे-धीरे मुड़ने और उत्तर-पूर्व की ओर बढ़ते हुए ये तूफान दक्षिण-पूर्व बांग्लादेश और उत्तरी म्यांमार के तटों को पार कर सकता है
वही भारत के दक्षिण पूर्वी राज्यों में बड़े मौसमी घटनाक्रम आने वाले कुछ दिनों में घटने वाले हैं। साउथ अंडमान सागर में बना तूफ़ान ‘मोचा’ बंगाल की कड़ी और उससे लगे हुए उत्तरी अंडमान सागर से होकर निकलेगा। अनुमान लगाया जा रहा है कि खुले हुए सागर के ऊपर होकर 12 मई तक नार्थ वेस्ट की तरफ जाएगा। मौसम विभाग को इस दौरान इसके और भी खतरनाक रूप धारण करने की आशंका है। इसी के चलते ओडिशा और वेस्ट बंगाल के किनारे वाले इलाकों में बादल छाए रहने का अनुमान लगाया जा रहा है। इस मोचा तूफ़ान के चलते राज्यों के भीतर तेज हवाएं और भारी बारिश होने की भी संभावना है। एहतियात के तौर पर मौसम विभाग ने स्थाननीय प्रशासन की मदद से समुद्र में नाव डालकर मछली पकड़ने वाले मछुआरों से आज सागर में नाव ना उतारने की अपील है।
जानकारी के लिए आपको बता दें कि कुछ समय बाद ही इस तूफ़ान के घूम जाने की वजह से दक्षिण बांग्लादेश के सीमावर्ती क्षेत्रों और म्यांमार के उत्तरी हिस्सों में सीधे खतरे के लिए तैयार रहने की जरूरत है। सिर्फ भारत का ओडिशा राज्य ही नहीं बल्कि बांग्लादेश का चटगांव इससे पहले भी कई तूफानों का गवाह बन चुका है। चटगांव में आम तौर पर ऐसे तूफ़ान देखे जा सकते हैं। जिस तरह भारत में बीते एक दशक के दौरान कई तूफानों ने तबाही मचाई है ठीक वैसे ही मई 2013, मई 2016 और मई 2017 में चक्रवात वियारू, रोनू और मोरा ने चटगांव में तबाही मचाई थी। वहीं म्यांमार में मई के महीने में पिछले 15 सालों से कोई चक्रवात नहीं आया है। वहां पर 02 मई 2008 को दक्षिण म्यांमार में आने वाला आखिरी तूफ़ान नरगिस था जिसने भयंकर रूप से हवाओं को जन्म दिया था।
गौर करने वाली बात ये है कि इस बारे में भारत की प्राइवेट मौसम एजेंसी स्काईमेट ने जो जानकारी दी है उसके अनुसार अगर भारत के अंदर मौजूद मौसमी परिस्थितियों की बात की जाए तो बीते 24 घंटे के भीतर जम्मू कश्मीर गिलगित बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद लद्दाख और हिमाचल प्रदेश में हलकी बर्फ़बारी और बारिश से मौसम में ठंडक आई है तो वहीं उत्तराखंड में भी एक जगहों पर हल्की बूंदा बांदी और बर्फ़बारी हुई है। असम, छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश, विदर्भ, मराठवाड़ा और हरियाणा, उत्तर प्रदेश और रायलसीमा के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश हुई. नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के कई स्थानों पर अधिकतम तापमान सामान्य से 5 डिग्री या ज्यादा रहा। मौसम के ये अपडेट प्राइवेट मौसम एजेंसी स्काइमेट ने जारी किए हैं।
बिहार – झारखंड में मोका तूफान का असर कम
इस तूफ़ान का बिहार झारखंड पर इसका असर कम पड़ने की सम्भावना बताई जा रही है . मौसम विभाग के मुताबिक 10 मई को यह अति गहरा अतिदाब चक्रवातीय तूफान (मोका) में बदल जाएगा. मौसम विभाग रांची के वैज्ञानिक अभिषेक आनंद ने बताया कि बंगाल की खाड़ी में बनने वाले चक्रवातीय तूफान से झारखंड में खास असर पड़ने की संभावना कम है. अगले 3-4 दिनों के दौरान राजधानी समेत झारखंड के प्रभावित होने या फिर बारिश होने की उम्मीद नहीं है.
इधर बिहार में गर्मी अपना प्रचंड रुप दिखाने लग गया है । तपती गर्मी से लोग बेहाल हैं.. राज्य के 17 जिलों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है। इस बीच चक्रवाती तूफान मोचा भी कहर बरपा सकता है । मोचा तूफान के कारण पांचवें दिन बिहार में थंडरस्टॉर्म की स्थिति बन सकती है।
सबसे ज्यादा तापमान शेखपुरा जिला में रिकॉर्ड किया गया है । शेखपुरा में अधिकतम तापमान करीब 43 डिग्री के पास पहुंच गया है.. जिससे लू चलने लगी है । शेखपुरा के अलावा बांका, खगड़िया और पूर्णिया में लू चल रही है।
मौसम विभाग के मुताबिक राज्य के 10 जिलों में हीट वेव की स्थिति बनी हुई है। जिसे लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। बिहार के 10 जिले हीटवेव की चपेट में हैं.. जिसमें बक्सर, औरंगाबाद, बांका, शेखपुरा, जमुई, नवादा,भागलपुर, खगड़िया, पूर्णिया और अररिया शामिल है। मई महीने में ये पहला हीट वेव की स्थिति बन रही है, जिसकी अभी शुरुआत हुई है। अगले दो से तीन दिनों तक अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया जा सकता है ।
पिछले 24 घंटे की बात करें तो राज्य के 17 जिलों का पारा 40 डिग्री के पार रहा। पटना का अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस, गया का 41.2 डिग्री सेल्सियस, भागलपुर का 41.4 डिग्री, पूर्णिया का 40.8 डिग्री, वाल्मीकि नगर का 41.2 डिग्री, भागलपुर का 41.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके साथ रोहतास का 40.8 डिग्री, पूर्वी चंपारण का 40 डिग्री, शेखपुरा का 42.6 डिग्री, जमुई का 41.2 डिग्री, वैशाली का 41.4 डिग्री, औरंगाबाद का 42.2 डिग्री, खगड़िया का 42.2 डिग्री, बांका का 41.5 डिग्री, नवादा का 41.7 डिग्री, नालंदा का 41.3 डिग्री, सीवान का 41 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।







