मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को मोइन–उल–हक स्टेडियम में पटना मेट्रो रेल परियोजना अंतर्गत टनल बोरिंग मशीन का बटन दबाकर टनल खुदाई का शुभारंभ किया। इस दौरान पटना मेट्रो रेल परियोजना के अधिकारियों ने सीएम को वृत्तचित्र के माध्यम से निर्माण की विस्तृत जानकारी दी। साथ ही पटना मेट्रो के निर्माण से संबंधित लघु फिल्म भी प्रदर्शित की। मुख्यमंत्री ने पटना मेट्रो रेल के निर्माण की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को निदæश देते हुए कहा कि निर्माण में तेजी लाएं और जल्द से जल्द इसे पूरा करें। पटना मेट्रो रेल का निर्माण पूर्ण होने से लोगों को आवागमन में काफी सुविधा होगी। मुख्यमंत्री ने पटना मेट्रो के प्रतीक चिह्न का भी अनावरण किया।
कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले साल हम लोग यहां आकर अंडरग्राउंड कार्य शुरू करवाये थे। अब आगे का काम यहां शुरू हो गया है। हम चाहते हैं कि और तेजी से काम हो। दिल्ली में अटल बिहारी वाजपेयी के समय मेट्रो का काम शुरू हुआ था। उस समय भी हम वहां के काम को देखे थे। यहां पर मेट्रो का निर्माण वही लोग कर रहे हैं और निर्माण कार्य काफी अच्छे ढंग से हो रहा है। मेट्रो का निर्माण हो जाने से पटना के लोगों को काफी सहूलियत होगी। यहां पर तेजी से काम हो रहा है‚ उसे देखने के लिए हमलोग यहां आये हैं। हम चाहते हैं कि तेजी से इसका निर्माण हो। इसको लेकर जो कुछ भी जरूरी है हम लोग कर रहे हैं। इसके लिए फंड की कोई कमी नहीं होगी। फंड की व्यवस्था पहले से की हुई है। जायका से ६० प्रतिशत फंड आना है। इसको लेकर एग्रीमेंट हो गया है। केंद्र सरकार‚ राज्य सरकार और जायका से फंड मिल रहा है। जमीन की व्यवस्था राज्य सरकार को करनी है‚ वह कर दी गयी है। राज्य सरकार के अधिकारी भी सहयोग कर रहे हैं।
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री सह नगर विकास एवं आवास मंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव‚ मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार‚ नगर विकास एवं आवास विभाग के अपर मुख्य सचिव अरुणीश चावला‚ मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ. एस सिद्धार्थ‚ भवन निर्माण विभाग के सचिव सह पटना प्रमंडल के आयुक्त कुमार रवि‚ मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी गोपाल सिंह‚ पटना के जिलाधिकारी चंद्रशेखर सिंह‚ वरीय पुलिस अधीक्षक राजीव मिश्रा सहित अन्य अधिकारी एवं अभियंता उपस्थित थे।
मेट्रो का काम जोरशोर से चल रहा है। मोइनुल हक स्टेडियम के बगल में बन रहे अंडरग्राउंड स्टेशन का मुआयना सीएम नीतीश ने किया। इस दौरान उन्होंने टनल बोरिंग मशीन का भी उद्घाटन किया। मेट्रो के लिए बोरिंग मशीन से टनल बनाने का काम शरू हो चुका है। इस मशीन से कठोर चट्टान से लेकर रेत तक किसी भी चीज को काटा जा सकता है।
पटना मेट्रो लिए आया टनल बोरिंग मशीन
पटना मेट्रो रेल कॉरपोरेशन की ओर से अंडरग्राउंड मेट्रो बनाने का काम भी शुरू हो चुका है। राजेंद्र नगर टर्मिनल से लेकर आकाशवाणी तक छह मेट्रो स्टेशन अंडरग्राउंड बनाए जाएंगे। इसके निर्माण कंपनी के तरफ से 30 महीने का समय लिया गया है। नीतीश कुमार ने कहा कि टनल का काम तेजी से हो और पटना मेट्रो स्टेशन का काम 2025 से पहले पूरा हो जाए, इसके लिए उनका प्रयास जारी है।
क्या होती है टनल बोरिंग मशीन?
सुरंग खोदने के लिए टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) बाहर से आई है। टीबीएम का इस्तेमाल कर सुरंग बनाई जाएगी। 2025 तक कॉरिडोर होने की उम्मीद है। टनल बोरिंग मशीन का इस्तेमाल कई प्रकार की मिट्टी और चट्टानों को काट कर गोलाकार सुरंग बनाने में किया जाता है। ये एक प्रकार की ड्रिल मशीन होती है, जिसका आकार बहुत बड़ा होता है। कठोर चट्टान से लेकर रेत तक किसी भी चीज को काटने के लिए डिजाइन किया जाता है।
राजेंद्र नगर से बोरिंग रोड तक अंडरग्राउंड
टनल बोरिंग मशीन से दुनियाभर में सुरंग बनाने का काम बेहद आसान हो गया है। ये मशीन जमीन पर बनी बड़ी-बड़ी इमारतों को बिना कोई नुकसान पहुंचाए मिट्टी को खोदकर गहरी टनल बना सकती है। पटना मट्रो के लिए इसे वरदान बताया जा रहा है। अंडरग्राउंड छह मेट्रो स्टेशन बन जाने से जमीन के ऊपर मकानों को कोई नुकसान नहीं होगा।
भारत में बनाई जाती है टनल बोरिंग मशीन
पहले ये टनल बोरिंग मशीन विदेशों से मंगाई जाती थी। लेकिन अब भारत में भी इसका निर्माण शुरू हो गया है। भारत में बनने वाली टीबीएम मशीन का नाम सुदर्शन रखा गया है। टीबीएम मशीन के तीन हिस्से होते हैं। पहला रोटेटिंग कटर, दूसरा सपोर्ट बोल्ट और तीसरा बैकबोन। रोटेटिंग कटर से खुदाई होती है। सपोर्ट बोल्ट से कंक्रीट की प्लेट से ढंका जाता है और बैकबोन से ड्रिल की गई मिट्टी को बाहर निकाला जाता है।







