बिहार के प्रवासी मजदूरों की तमिलनाडु में पिटाई का फर्जी वीडियो डालने के मामले में फंसे मनीष कश्यप के खिलाफ एनएसए लगने के बाद यूपी के विधायक ने नीतीश कुमार पर तंज कसा है। यूपी के भाजपा विधायक शलभ मणि त्रिपाठी ने बिहार के सीएम नीतीश को उनका ही एक पुराना बयान याद दिलाया जब उन्होंने इशरत जहां को बिहार की बेटी कहा था।
यूट्यूबर मनीष पर लगा एनएसए
प्रवासी मजदूरों की पिटाई का फर्जी वीडियो डालने पर गिरफ्तार यूट्यूबर मनीष कश्यप को तमिलनाडु की मुदैरा कोर्ट ने 19 अप्रैल तक न्यायिक हिरासत में भेजा है। इसी के साथ मनीष पर राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत मामला भी दर्ज कर लिया गया है। जिसके बाद यूपी के विधायक ने नीतीश पर हमला बोला है। बता दें कि बिहार पुलिस ने ही मनीष को पकड़कर तमिलनाडु पुलिस को सौंपा है।
नीतीश ने इशरत जहां को कहा था बिहार की बेटी
बता दें कि बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने गुजरात के इशरात जहां एनकाउंटर के बाद भाजपा सरकार को घेरने के लिए इशरत को बिहार की बेटी कहा था। उन्होंने कहा था कि ये एनकाउंटर फर्जी है और इसके लिए राज्य सरकार दोषी है, जिसकी जांच होनी चाहिए। हालांकि, इसके बाद उन्होंने बयान से पलटते हुए कहा कि मैंने ऐसा नहीं कहा और मीडिया ने उनकी बात को गलत तरीके से पेश किया।
बता दें कि इशरत जहां का गुजरात पुलिस ने एनकाउंटर कर दिया था और उसे आतंकी बताया था। इसके बाद मामले को फर्जी बताए जाने के बाद हाई कोर्ट की स्पेशल जांच कमेटी ने कहा था कि इशरत के बेगुनाह होने के कोई सबूत नहीं है।
वहीँ यूट्यूबर मनीष कश्यप की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में अब 10 अप्रैल को सुनवाई होगी। सुनवाई सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ की बेंच में होगी। मनीष की जमानत और अलग-अलग राज्यों में दर्ज FIR को एक साथ जोड़ने की मांग की थी। साथ ही एनएसए हटाने की मांग की गई थी। सीजेआई ने याचिका पर कहा कि पहले मामले को देखेंगे। फिर इस पर सुनवाई करेंगे। मामले की अगली सुनवाई 10 अप्रैल को होगी।
इसके पहले मनीष कश्यप पर तमिलनाडु पुलिस ने NSA (राष्ट्रीय सुरक्षा कानून) के तहत केस दर्ज किया है। बुधवार को तमिलनाडु की मदुरई कोर्ट ने 19 अप्रैल तक मनीष की न्यायिक हिरासत बढ़ा दी है।
5 अप्रैल बुधवार को सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। उसने सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के लिए याचिका दायर की थी। साथ ही मनीष कश्यप ने अर्जी दाखिल कर अंतरिम जमानत के साथ अलग-अलग राज्यों में दर्ज FIR को भी एक साथ जोड़ने की मांग की थी।
बीते सप्ताह ही तमिलनाडु पुलिस की टीम ने कोर्ट से प्रोडक्शन वारंट लेकर मनीष को पटना से तमिलनाडु ले गई थी। वहां मदुरै कोर्ट में पेश किया गया था। कोर्ट ने पुलिस को तीन दिन की रिमांड दी थी।
रिमांड में लेने के बाद तमिलनाडु पुलिस ने उससे कड़ी पूछताछ की थी। वहीं, इससे पहले बिहार पुलिस और आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने भी मनीष से पूछताछ की थी।
मनीष कश्यप के वकील एपी सिंह ने कहा कि उसने वीडियो के जरिए बिहार और पूर्वांचल के मजदूरों की आवाज को उठाया था, जो मजदूरों के साथ तमिलनाडु में हुआ। उस बात को और भी कई लोगों ने उठाया था, लेकिन कार्रवाई सिर्फ मनीष कश्यप पर हुई। यह कार्रवाई गैर कानूनी तरीके से की गई है।
पटना में रवि भट्ट ने दायर की याचिका
दूसरी तरफ पटना में मनीष के साथी और अयोध्या टाइम्स के रवि भट्ट ने भी एंटीसिपेट्री बेल के लिए याचिका स्पेशल कोर्ट में दाखिल की है। तमिलनाडु प्रकरण में आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने इसे भी नोटिस भेजा था। सामने आकर सवालों का जवाब देने को कहा था। इसके ऊपर भी फर्जी वीडियो को वायरल किए जाने का आरोप है। मगर, नोटिस मिलने के बाद से रवि भट्ट फरार चल रहा है। अब तक वो जांच एजेंसी के सामने नहीं आया है।




