ADVERTISEMENT
Tuesday, August 4, 2026
No Result
View All Result
  • Login
  • Register
No Result
View All Result
UB INDIA NEWS
No Result
View All Result

संसदीय लोकतंत्र के लिए बहुत अशुभ और अपशकुनी संकेत हैं………

UB India News by UB India News
April 5, 2023
in खास खबर, ब्लॉग, सांसद
0
संसदीय लोकतंत्र के लिए बहुत अशुभ और अपशकुनी संकेत हैं………
  • Facebook
  • X
  • WhatsApp
  • Telegram
  • Email
  • Print
  • Copy Link

कथित मानहानि के मामले में गुजरात की अदालत द्वारा दिए गए फैसले में राहुल गांधी को मानहानि का दोषी पाए जाने और फैसले की सर्टिफाइड कॉपी की स्याही सूखने से भी पहले संसदीय सचिवालय द्वारा उनकी लोक सभा की सदस्यता समाप्त करने‚ भारत निर्वाचन चुनाव आयोग द्वारा उस सीट को रिक्त घोषित करने की ताबड़तोड़ कार्यवाहियां सिर्फ एक सांसद या उनकी पार्टी के लिए चिंता की बात नहीं है; इस समूचे उपक्रम ने हम सभी को स्तब्ध कर दिया है।
स्तब्ध कर देने की बात ही क्योंकि कि ज्यादातर भारतीयों की निगाह में यह भारत के संसदीय लोकतंत्र के लिए बहुत अशुभ और अपशकुनी संकेत हैं। इसलिए भी कि अब तक राजनीति में विपक्ष और विरोध का मुकाबला करने के लिए राजनीतिक तौर–तरीके ही अख्तियार किए जाते रहे हैं–इस तरह की साजिशों‚ तिकड़मों को अपनाने के उदाहरण नहीं के बराबर हैं। एजेंसियों और संस्थाओं के दुरुपयोग के मामले पहले भी देखने में आए हैं‚ लेकिन इसमें तत्परता पहली बाार देखी जा रही है। इसके अलावा‚ कुछ और भी आयाम हैं‚ जिन्हें अनदेखा नहीं किया जा सकता। जैसे सदस्यता समाप्ति का आधार बने अदालती ‘निर्णय’ को हासिल किया जाना एक और आयाम है। यकीनन उसके ऊपर की अदालतें इसके न्यायिक गुण–दोष पर विचार करेंगी‚ मगर आम नागरिकों की निगाह में भी यह फैसला दिलचस्प‚ सनसनीखेज और रोमांचित करने वाले रहस्यमयी संयोगों–प्रयोगों के उलझे धागों के गोले की तरह है।

जैसे कर्नाटक में भाषण दिया जाता है‚ गुजरात में सूरत की अदालत में मुकदमा दर्ज होता है। यह भी जिस मामले को वापस लेने की कभी गुहार लगाई गई थी‚ उसे फिर से खुलवाया गया और जिस पर अदालत ने यह फैसला दिया है। जिन–नीरव मोदी‚ ललित मोदी और नरेन्द्र मोदी का नाम लेकर उन्हें चोर कहा जाता है‚ उनमें से कोई भी शिकायत तक दर्ज नहीं कराता। मुकदमा दायर करता है भाजपा का ही एक नेता। संयोग से जिसका उपनाम मोदी है। तो मोदी उपनामधारी यह व्यक्ति खड़ा कर दिया जाता है। सुनवाई करने वाले मजिस्ट्रेट द्वारा हर तारीख में राहुल गांधी की व्यक्तिगत उपस्थिति की मांग को ठुकराए जाने से याचिकाकर्ता फैसले का अंदाज लगाकर खुद ही अपने मुकदमे की कार्यवाही रु कवाने के लिए हाई कोर्ट से स्टे ले आता है‚ और महीनों तक सुनवाई रु की रहती है। इस बीच‚ सूरत की संबंधित अदालत में एक नये जज हरीश हंसमुख भाई आते हैं। उनकी पहली विशेषता तो यह है कि इन्हें पिछले आठ साल से कोई पदोन्नति नहीं मिली थी। एक झटके में एक साथ दो पदोन्नतियां पाकर वे दूसरी विशेषता भी हासिल कर लेते हैं। पहले उन्हें एसीजेएम से सीजीएम बनाया जाता है‚ फिर १० मार्च को सिविल जज से डि्ट्रिरक्ट जज बना दिया जाता है। इसी बीच मुकदमे की सुनवाई पर स्टे लेने वाला हाई कोर्ट से अपना केस वापस ले लेता है। रिकॉर्ड के मुताबिक यही जज साब २७ फरवरी को ताबड़तोड़ सुनवाई कर १७ मार्च को फैसला सुरक्षित कर लेते हैं‚ और २३ मार्च को इस प्रकरण में जो अधिकतम सजा है‚ वह दो वर्ष की सजा सुना देते हैं।

RELATED POSTS

आज मानसून सत्र के तीसरे हफ्ते का दूसरा दिन, लोकसभा कल तक के लिए स्थगित, राज्यसभा में कार्यवाही जारी…………….

धरना-प्रदर्शन के लिए जंतर-मंतर की जगह कोई और स्थान हो?

निस्संदेह यह क्रोनोलॉजी सिर्फ संयोग भर नहीं है। दूसरा आयाम लोक सभा सचिवालय और भारत निर्वाचन आयोग की जल्दबाजी का है। यह अदालती फैसला पहला फैसला नहीं है। जब नरेन्द्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे‚ तब २०१३ में उन्हीं के एक मंत्री बाबूराम बोकाडि़या को भ्रष्टाचार में दोषी पाकर अदालत ने तीन वर्ष की जेल की सजा सुनाई थी। बोकाडि़या भाई जी ने न इस्तीफा दिया‚ न जेल गए। पखवाड़े भर में ऊपरी अदालत से जमानत लेकर मजे से मंत्री बने बैठे रहे। हर मुंबइया फिल्म के स्वयंभू सुपर सेंसर मध्य प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा का प्रकरण और भी जोरदार है। उन्हें पेड न्यूज मामले में दोषी पाया जाता है‚ सदस्यता रद्द करके छह वर्ष के लिए अयोग्य घोषित कर दिया जाता है। हाई कोर्ट भी एक फैसले में इस सजा को स्थगित करने से इनकार कर देता है। डबल बेंच से उन्हें फौरी राहत मिलती है। वो दिन है और आज का दिन; तब से यह मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है‚ और नरोत्तम मिश्रा अपने पद पर कायम हैं।

सिक्किम में हुआ कारनामा तो और भी गजब और जोरदार है; यहां भाजपा ने जिस प्रेम सिंह तमांग को मुख्यमंत्री बनाया उनके खिलाफ भ्रष्टाचार प्रमाणित हो चुका था–उन्हें चुनाव तक लड़ने के लिए अयोग्य करार दिया जा चुका था। मगर उन्हें मुख्यमंत्री बनाना था‚ सो जन प्रतिनिधित्व कानून में वाजपेयी सरकार के कार्यकाल में बनाया गया नियम चुपचाप से हटा लिया गया। भारत निर्वाचन आयोग ने बंदे को विशेष छूट देकर उनकी छह वर्ष तक चुनाव लड़ने की अयोग्यता में पांच वर्ष कम करके उन्हें अयोग्य से योग्य बना दिया । तीसरा आयाम डिजिटल भाषा में कहें तो डिलीट‚ म्यूट और हार्ड डिस्क पर साइबर अटैक का है। हिंडनबर्ग के हिस्ट्रीशीटर और उसके कारनामों में शामिल लोगों के नाम मय सबूतों के संसद में रखे जाते हैं‚ बिना कोई कारण बताए सारी कार्यवाही को रिकॉर्ड से हटा दिया जाता है। अगले दिन जब फिर इसी अडाणी प्रकरण में समूचा विपक्ष एक सुर में बोलता है‚ तो लोक सभा टीवी की आवाज बंद कर दी जाती है।

आखिर में लंदन में कही गइ कथित बातों के लिए ‘माफी मांगो–माफी मांगो’ का तुमुलनाद करके खुद सत्ता पक्ष ही कार्यवाही नहीं चलने देता। कॉरपोरेट और थैलीशाहों के प्रति इतना असाधारण सेवाभाव भारतीय लोकतंत्र में विलक्षण है। ठीक यही कारण हैं कि यह मसला राहुल गांधी की सांसदी के चले जाने तक सीमित नहीं है; यह एक कॉरपोरेट के विश्वख्यात हो चुके घोटालों‚ घपलों को छुपाने‚ उनमें उसके मददगारों को बचाने के लिए नई–नई तिकड़में और साजिशें रचने और उन्हें अमलीजामा पहनाने के लिए निष्पक्ष समझी जाने वाली संवैधानिक संस्थाओं को काम पर लगाने का गंभीर मामला है। सीधे–सीधे कहें तो संवैधानिक संस्थाओं के दुरुपयोग का मामला है। ठीक यही वजह है कि यह सिर्फ राजनीति में दिलचस्पी रखने वाले लोगों के लिए ही नहीं‚ वरन लोकतंत्र में विश्वास रखने वाले हर नागरिक के लिए भी फिक्र का विषय है।

  • Facebook
  • X
  • WhatsApp
  • Telegram
  • Email
  • Print
  • Copy Link
UB India News

UB India News

Related Posts

आज मानसून सत्र के तीसरे हफ्ते का दूसरा दिन, लोकसभा कल तक के लिए स्थगित, राज्यसभा में कार्यवाही जारी…………….

by UB India News
August 4, 2026
0

आज मानसून सत्र के तीसरे हफ्ते का दूसरा दिन है। सोमवार को संसद की कार्रवाई हंगामे की भेंट चढ़ गई।...

पैलेट गन के यूज को मनमाना क्यों माना जाए ?

धरना-प्रदर्शन के लिए जंतर-मंतर की जगह कोई और स्थान हो?

by UB India News
August 3, 2026
0

सुप्रीम कोर्ट में आज दाखिल एक याचिका में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का मुद्दा भी उठ गया. दरअसल, याचिका में अपील...

फिर कैसे बरी हो गए बृजभूषण शरण सिंह?

फिर कैसे बरी हो गए बृजभूषण शरण सिंह?

by UB India News
August 3, 2026
0

महिला पहलवानों के यौन उत्पीड़न मामले में बीजेपी के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह को राउज एवेन्यू कोर्ट ने बरी...

कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 की मेजबानी करेगा भारत, ग्लास्गो में सौंपा गया झंडा

कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 की मेजबानी करेगा भारत, ग्लास्गो में सौंपा गया झंडा

by UB India News
August 4, 2026
0

ग्लास्गो  में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 खत्म हो गया है. इसी के साथ इस बात का आधिकारिक ऐलान हो गया...

AI-रील्स के दौर में गांंधी की वापसी!

AI-रील्स के दौर में गांंधी की वापसी!

by UB India News
August 3, 2026
0

दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए Gen Z आंदोलन के प्रमुख चेहरे सोनम वांगचुक ने अपने सत्याग्रह की शुरुआत और समापन...

Next Post
कानूनी लड़ाई में क्यों पिछड़ी कांग्रेस?

कानूनी लड़ाई में क्यों पिछड़ी कांग्रेस?

बिहार विधानसभा बजट सत्र के आखिरी दिन भी हंगामे के आसार

बिहार विधानसभा बजट सत्र के आखिरी दिन भी हंगामे के आसार

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

  • front
  • Home
Contect Us - ubindianews@gmail.com

© 2020 ubindianews.com - All Rights Reserved ||

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password? Sign Up

Create New Account!

Fill the forms below to register

All fields are required. Log In

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In
No Result
View All Result
  • front
  • Home

© 2020 ubindianews.com - All Rights Reserved ||

Send this to a friend