पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को गिरफ्तार करने की कोशिश 20 घंटे से जारी है। इसी बीच इमरान ने बुधवार को ट्वीट कर कहा-पुलिस सीधे तौर पर लोगों से भिड़ रही है। गोलियां चला रही है। मेरी गिरफ्तारी तो बहाना है, उनका असली मकसद तो मेरी हत्या करना है।
पुलिस बुधवार को भी लाहौर के जमान पार्क में मौजूद है, यहां इमरान का घर है। तोशाखाना केस में उन्हें गिरफ्तार करने के लिए पुलिस मंगलवार शाम पहुंच गई थी। इमरान की पार्टी पाकिस्तान-तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के कार्यकर्ता हिंसक प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने पुलिस पर पत्थर और पेट्रोल बम भी फेंके। पुलिस ने आंसू गैस और वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया।
हालात को संभालने के लिए जमान पार्क में एडिशनल फोर्स बुलाई गई है। मदद के लिए हेलिकॉप्टर और ड्रोन भी तैनात किए गए हैं। वहीं, इमरान ने बुधवार तड़के एक वीडियो मैसेज जारी कर कहा- मेरी गिरफ्तारी लंदन प्लान का हिस्सा है। उनका मकसद PTI को गिराना है।
इमरान को सरकारी खजाने (तोशाखाना) के बेशकीमती गिफ्ट्स कौड़ियों के दाम खरीदकर उन्हें अरबों रुपए में बेचने का आरोप है। इस्लामाबाद हाईकोर्ट ने उन्हें 29 मार्च तक गिरफ्तार करने का ऑर्डर जारी किया था। इमरान का कहना है कि उन्होंने 18 मार्च तक प्रोटेक्टिव बेल ले रखी है, लेकिन पुलिस अभी ही उन्हें अरेस्ट करने की कोशिश कर रही है।
उधर पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के अध्यक्ष इमरान खान ने संघीय सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी गिरफ्तारी की योजना देश के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के खिलाफ सभी मामलों को खत्म करने की “लंदन योजना” का हिस्सा है. एक वीडियो संदेश में इमरान ने कहा, ‘यह लंदन की योजना का हिस्सा है. इसमें इमरान को जेल में डालने, पीटीआई को गिराने और नवाज शरीफ के खिलाफ सभी मामलों को खत्म करने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए गए हैं.’
गिरफ्तारी वारंट के खिलाफ PTI की याचिका पर इस्लामाबाद हाई कोर्ट थोड़ी देर में सुनवाई करेगा।
जमान पार्क में PTI कार्यकर्ता ह्यूमन शील्ड की तरह अड़े हुए हैं। 15 कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया है। 33 पुलिसवाले घायल हुए हैं।
इमरान खान ने आगे कहा कि वह लोगों पर हमले के पीछे के कारण को नहीं समझ पा रहे हैं, क्योंकि उन्होंने पहले ही आश्वासन दिया था कि वह 18 मार्च को अदालत में पेश होंगे. बुधवार की तड़के लाहौर में तनाव व्याप्त होने के बीच इमरान खान की ये टिप्पणियां आईं. इमरान खान की गिरफ्तारी के लिए पीटीआई अध्यक्ष के जमान पार्क स्थित आवास पर और अधिक सुरक्षा बलों को बुलाया गया है. पीटीआई समर्थकों और पुलिस के बीच 14 घंटे से अधिक समय से इमरान खान की गिरफ्तारी को लेकर चल रही है.
समर्थकों से “बाहर आने” का आह्वान
इमरान खान ने कहा कि किसी भी तरह की अराजकता को रोकने के लिए उन्होंने लाहौर उच्च न्यायालय बार एसोसिएशन के अध्यक्ष को एक अंडरटेकिंग (मुचलका) दिया था. बार एसोसिएशन के अध्यक्ष ने इसे पीटीआई प्रमुख को गिरफ्तार करने आ रहे डीआईजी को देने का प्रयास किया, लेकिन उन्होंने लेने से इंकार कर दिया. इमरान ने कहा, ‘दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 76 के मुताबिक अगर यह जमानती मुचलका गिरफ्तार करने वाले अधिकारी को दिया जाता है, तो मुझे गिरफ्तार नहीं किया जा सकता.’ पीटीआई प्रमुख ने कहा कि डीआईजी के पास अंडरटेकिंग को स्वीकार नहीं करने का कोई कारण नहीं था और यह उनके गलत इरादे की ओर इशारा करता है. जमान पार्क के बाहर समर्थकों पर पुलिस द्वारा आंसू गैस और पानी की बौछार के बाद इमरान ने अपने समर्थकों से “बाहर आने” का आह्वान किया, जिसके बाद इस्लामाबाद, पेशावर और कराची में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए.
कई सड़कें जाम
समा इंग्लिश की रिपोर्ट के अनुसार, पंजाब पुलिस ने कैनाल रोड के दोनों किनारों पर और पानी की बौछारें कीं और पीटीआई कार्यकर्ताओं पर आंसू गैस के गोले दागे. पेशावर में बड़ी संख्या में पीटीआई समर्थकों ने प्रेस क्लब के बाहर प्रदर्शन किया. प्रदर्शन के बाद पीटीआई कार्यकर्ताओं ने शेरशाह सूरी रोड को जाम कर दिया और गवर्नर हाउस की ओर मार्च करना शुरू कर दिया. इस्लामाबाद पुलिस ने कहा कि पीटीआई प्रदर्शनकारियों ने तरनोल रोड को जाम कर दिया था लेकिन इसे यातायात के लिए फिर से खोलने के लिए समय पर कार्रवाई की गई थी. एक पुलिस अधिकारी ने कहा, “इमरान खान के आदेश पर सड़क जाम करने वाले पीटीआई कार्यकर्ताओं के खिलाफ तरनोल पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया है.”
इसके बाद पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने ट्वीट कर आरोप लगाया है कि पाकिस्तान पुलिस की “असली मंशा” उनका अपहरण और हत्या करना है और गिरफ्तारी की योजना “मात्र नाटक” है. खान ने आज गोली के वीडियो ट्वीट किए और कहा कि ये पुलिस के “दुर्भावनापूर्ण इरादे” को साबित करते हैं. इमरान खान ने ट्वीट किया, “स्पष्ट रूप से ‘गिरफ्तारी’ का दावा महज ड्रामा था, क्योंकि असली इरादा अपहरण और हत्या करना है. आंसू गैस और पानी की बौछारों के बाद अब फायरिंग का सहारा लिया जा रहा है. मैंने कल शाम एक मुचलके पर हस्ताक्षर किए, लेकिन डीआईजी ने इसे मानने से भी इनकार कर दिया. अब उनके दुर्भावनापूर्ण इरादे पर कोई संदेह नहीं है.” पीटीआई समर्थकों से निपटने के लिए अर्धसैनिक बलों को भेजने के लिए “इस्टैब्लिशमेंट” (पाकिस्तानी सेना को आमतौर पर कहा जाता है) की आलोचना करते हुए, इमरान ने कहा, “”क्या यह तटस्थता है? निहत्थे प्रदर्शनकारियों और सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी के नेतृत्व का सामना रेंजर्स कर रहे हैं?


इमरान ने 5 घंटे में दो वीडियो मैसेज सामने आए
मंगलवार देर रात 12:15 बजे : इमरान खान ने BBC के साथ बातचीत में कहा- पुलिस एकदम से आ गई। हमने न्यूज में देखा की वो मुझे गिरफ्तार करने आए हैं। मैं रात जेल में बिताने के लिए पूरी तरह से तैयार था। नहीं जानता था कि कितनी रातें मुझे जेल में रखा जाएगा पर मैं तैयार था।
बुधवार सुबह 4:50 बजे : इमरान ने समर्थकों के नाम सोशल मीडिया पर अपील जारी की। उन्होंने कहा- मेरी गिरफ्तारी लंदन प्लान का हिस्सा है। उनका मकसद मुझे जेल में डालना और PTI को गिराना है। उन्हें नवाज शरीफ के सारे केस खत्म करने हैं। मुझे जेल में डालने का कानून से कोई ताल्लुक नहीं है। मैंने कोई जुर्म नहीं किया है। मैं सारी कौम को बता रहा हूं कि वे फिर से आएंगे और हमारे लोगों पर टियर गैस और वॉटर कैनन से हमला करेंगे।
3 दिन से गिरफ्तारी की कोशिशें जारी
सोमवार: बुलेट प्रूफ गाड़ी में निकले इमरान, रैली में स्पीच दी
‘जियो न्यूज’ के मुताबिक, सोमवार को जब पुलिस खान को गिरफ्तार करने पहुंची तो PTI ने इलेक्शन कैम्पेन शुरू करने का ऐलान कर दिया। चंद मिनट बाद एक रैली भी प्लान कर ली गई। इमरान काले रंग की बुलेट प्रूफ गाड़ी में घर से निकले और इसी मैं बैठकर रैली को संबोधित किया।
मंगलवार: पुलिस और रेंजर्स कमांडो की एक टीम खान की हर हरकत पर नजर रख रही थी। हालात बिगड़े तो पुलिस ने जमान पार्क के इलाके में इंटरनेट बंद करा दिया।
बुधवार: एडिशनल फोर्स जमान पार्क में बुला ली गई है। हेलिकॉप्टर के साथ-साथ ड्रोन भी निगरानी कर रहे हैं।
गिरफ्तारी में एक पेंच- पुलिस VS पुलिस
खैबर पख्तूनख्वा (KP) प्रांत में 10 साल इमरान खान की पार्टी की सरकार रही है। अब यहां केयरटेकर सरकार है। इसके बावजूद इमरान की सुरक्षा में KP राज्य की पुलिस तैनात है। वो इस्लामाबाद पुलिस को रोक रही थी और इस वजह से गिरफ्तारी में देरी हुई। यानी पुलिस vs पुलिस का पेंच फंस गया है।







