होली की छुट्टी के बाद बिहार विधानमंडल का बजट सत्र सोमवार से शुरू हो गया। सदन की कार्यवाही शुरू होने के साथ ही दोनों ही सदनों में हंगामा शुरू हो गया है। विधान परिषद की कार्यवाही शुरू होने से पहले बीजेपी के सदस्यों ने सदन के बाहर राज्य की विधि व्यवस्था और पिछड़ा और अति पिछड़ा आयोग के गठन को लेकर जोरदार हंगामा किया। विरोधी दल के नेता सम्राट चौधरी के नेतृत्व में बीजेपी के सदस्यों ने सदन के बाहर जमकर नारेबाजी की।
विधानसभा की कार्यवाही शुरू हुई। इस दौरान महागठबंधन की ओर से प्रश्नकाल के दौरान सीबीआई-ईडी के छापे पर रोक लगाने की मांग उठाई गई। एक तरफ जहां आरजेडी विधायक भाई वीरेन्द्र ने ईडी-सीबीआई की छापेमारी को लेकर सवाल उठाया। वहीं उन्होंने ईडी और सीबीआई को राज्य में घुसने से पहले अनुमति लेने का कानूनी प्रावधान बनाने की मांग की। उन्होंने कहा कि जिस तरह से बंगाल समेत अन्य राज्यों ने प्रावधान किया है, उसी तरह बिहार में भी ऐसा ही नियम बनाया जाए। आरजेडी विधायक ने कहा कि बिहार में भी ऐसी व्यवस्था होनी चाहिये की जांच एजेंसी राज्य के अनुमति के बगैर छापे की कार्रवाई ना कर सके।
बिहार विधान परिषद लालू प्रसाद और तेजस्वी यादव के मुद्दे पर गरमाया रहा। सोमवार को विधान परिषद का कार्यवाही शुरू होने से पहले विपक्षी सदस्यों ने नारेबाजी की। कई मुद्दों पर हंगामा के बाद बिहार विधान परिषद की कार्यवाही 2:30 तक के लिए स्थगित कर दी गई।
बिहार विधान परिषद की कार्यवाही के शुरुआत में विपक्षी पार्टी भारतीय जनता पार्टी के विधान पार्षदों ने हंगामा किया। विधान परिषद की कार्यवाही शुरू होने से पहले मांग की कि ईबीसी- ओबीसी आयोग की रिपोर्ट सार्वजनिक करो। प्रजापति हत्याकांड की सीबीआई जांच कराओ। जेठूली कांड की न्यायिक जांच कराओ।
बीजेपी के विधान पार्षद प्रमोद चंद्रवंशी ने कहा कि ईबीसी ओबीसी कमेटी गठित कर नगर निकाय चुनाव में आरक्षण दिया गया। लेकिन राज्य सरकार के आयोग के आधार पर चुनाव कराया जो गलत है। उसकी रिपोर्ट को भी अब तक सार्वजनिक नहीं किया गया है। सुप्रीम कोर्ट इसको लेकर कई बार बिहार सरकार को निर्देश दे चुकी है कि रिपोर्ट सार्वजनिक करें।
32 जिलों में खोले जा रहे सामुदायिक पुस्तकालय
बिहार विधान परिषद में इसको लेकर भाजपा की ओर से कार्य स्थगन प्रस्ताव लाया गया। विधान परिषद के सभापति देवेश चंद्र ठाकुर ने कार्य स्थगन प्रस्ताव अस्वीकार किया। मंत्री श्रवण कुमार ने एक सवाल के जवाब में कहा कि इसमें ले सकते हैं कि 32 जिलों में सामुदायिक पुस्तकालय खोला जा रहा है। इसके लिए 6000 रुपये दिए जाएंगे। इतने में ट्रेंड व्यक्ति नहीं मिल सकता है इसलिए जीविका दीदियों को प्राथमिकता दी जा रही है। ट्रेंड व्यक्तियों को भी प्राथमिकता दी जाएगी लेकिन यह जरूरी है कि वह जीविका से जुड़ी हो।
विधान परिषद में उठा गंगा मरीन ड्राइव का मामला
विधान परिषद के सदस्य सुनील कुमार सिंह ने विधान परिषद में कहा कि गंगा मरीन ड्राइव में ठीक से व्यवस्था की जाए। इस पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि इसे पूरा हो जाने दीजिए अगर किसी को तकलीफ हो तो मेरे साथ चले वहां चलकर हम एक एक आईडिया बता देंगे।
विधान परिषद में दिलीप जायसवाल ने सुझाव दिया कि सत्ता पक्ष की तरफ हां लिखा हुआ है और विपक्ष की तरफ ना लिखा हुआ है। इसे बदलकर सत्ता पक्ष की तरफ पक्ष और विपक्ष की तरफ प्रतिपक्ष लिखवा दिया जाए। इस पर सभापति ने कहा यह अच्छा सुझाव है।
पंचायती राज व्यवस्था से जुड़ा सभा विधान परिषद में उठा
दिलीप जायसवाल ने कहा कि वार्ड प्रबंधन समिति का खाता में अभी तक नहीं खुला है, मैं इसे चुनौती दे रहा हूं। क्या सरकार पंचायती राज व्यवस्था को बंद करना चाहती है? उन्होंने मांग की कि 24 एमएलसी के साथ स्थानीय निकाय की बैठक की जाए। उन्होंने कहा कि मनरेगा में खुलेआम कमीशन लिया जाता है। विधान परिषद के सभापति ने कहा कि सदन की भावना को देखते हुए पूरे मामले की समीक्षा करते हुए इसी सत्र में सदन को सूचित करें।
बीजेपी ने ‘लालू लीला’ किताब पर चर्चा कराने की मांग की
बीजेपी के पूर्व मंत्री प्रमोद कुमार विधानसभा सत्र के दौरान सुशील मोदी की किताब लालू लीला लेकर विधानसभा में पहुंचे गए। उन्होंने ध्यानाकर्षण सत्र शुरू होने पर लालू यादव पर लिखी किताब पर चर्चा कराने की मांग की। प्रमोद कुमार ने सदन में खड़े होकर कहा कि आरजेडी विधायक भाई वीरेन्द्र ने बिहार में ईडी-सीबीआई छापेमारी पर रोक लगाने के लिए चर्चा कराने और जांच एजेंसियों को रोकने का प्रस्ताव लाने की मांग की है। ऐसे में प्रमोद कुमार ने सदन से मांग की कि सुशील मोदी की किताब लालू लीला पर भी चर्चा होनी चाहिए।
इस दौरान भाजपा विधायक लालू लीला किताब लेकर सदन में लहराने लगे और सदन से उस पर चर्चा कराने की मांग करने लगे। उसके बाद स्पीकर ने उन्हें बैठने को कहा।
कांग्रेस-लेफ्ट ने दिया लालू का साथ
इस दौरान कांग्रेस और लेफ्ट पार्टियों ने भी राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव से पूछताछ और करीबियों पर ईडी के छापे का विरोध किया। माले और लेफ्ट विधायकों ने हाथ में तख्ती लेकर ईडी के छापों पर अंकुश लगाने की मांग कही। उन्होंने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि लालू यादव और उनके परिवार से की जा रही पूछताछ राजनीतिक साजिश के तहत हो रही है। कांग्रेस के विधायक दल के नेता अजीत शर्मा ने भी केंद्र की बीजेपी सरकार पर ईडी और सीबीआई के दुरुपयोग का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बिहार में 40 सीटों पर महागठबंधन का दबदबा देख केंद्र सरकार घबरा गई है। इसी घबराहट में राज्य में मजबूत हो रहे विपक्षी दलों को परेशान करने की कोशिश की जा रही है।







