बिहार के श्रमिकों पर कथित तौर पर हुए हमलों के आरोपों की जांच के लिए बिहार से अधिकारियों की चार सदस्यीय एक टीम शनिवार को तमिलनाड़ु पहुंची। यह दल यहां पहुंचने के बाद एक आकलन के लिए सीधे चेन्नई कलेक्ट्रेट पहुंचा। टीम में शामिल अधिकारियों नेे चेन्नई की जिलाधिकारी एस अमृता ज्योति से मुलाकात की और वहां एक मीटिंग कर इस घटना की प्राथमिक जानकारी प्राप्त करने के लिए विस्तृत चर्चा की।
Tamil Nadu | Police and Tiruppur administration conduct a meeting with representatives of business and industry associations and migrant workers over the issue of alleged attacks on migrants pic.twitter.com/Ky95VcuIFG
— ANI (@ANI) March 5, 2023
इससे पहले शनिवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि कुछ दिनों तक इस मामले पर विचार–विमर्श करने के बाद जांच टीम को तमिलनाडु़ भेजने का फैसला लिया गया। उन्होंने कहा‚ ‘मैंने दो दिनों पूर्व समाचार पत्रों में इस मामले के बारे में पढ़ा और अपने अधिकारियों से तमिलनाड़ु में अपने समकक्षों से संपर्क करने को कहा। शुक्रवार को मैंने अधिकारियों से कहा था कि बेहतर होगा अगर हम उस राज्य में एक टीम भेज दें‚ ताकि प्राथमिक सूचना हासिल की जा सके। उसी के अनुसार आदेश जारी किये गये।’ पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी एक बयान के अनुसार‚ टीम में ग्रामीण विकास सचिव ड़ी. बालमुरुगन‚ पुलिस महानिरीक्षक (सीआईड़ी) पी. कन्नन‚ श्रम आयुक्त आलोक कुमार और विशेष कार्य बल के पुलिस अधीक्षक (एसपी) संतोष कुमार शामिल हैं। टीम के दो सदस्य‚ ड़ी बालमुरुगन और पी. कन्नन‚ तमिलनाड़ु से हैं। राज्य सरकार के सूत्रों के अनुसार‚ उन्हें इसलिए चुना गया है ताकि भाषा की समस्या का सामना किये बिना आंतरिक सूचना प्राप्त की जा सके।
पुलिस मुख्यालय ने तमिलनाड़ु पुलिस द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबर भी जारी किये‚ हालांकि तमिलनाड़ु के पुलिस महानिदेशक (ड़ीजीपी) ने हाल में एक बयान जारी कर कहा था कि प्रवासियों पर हमलों के बारे में मीडि़या के एक वर्ग में खबरें भ्रामक और शरारतपूर्ण थीं।
तमिलनाड़ु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने शनिवार को सीएम नीतीश कुमार को आश्वस्त किया कि वहां बिहार के सभी प्रवासी श्रमिक सुरक्षित हैं।स्टालिन ने कहा कि अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ तेजी से कार्रवाई की जायेगी। मुख्यमंत्री स्टालिन ने फोन पर नीतीश कुमार से बात की और उन्हें आश्वासन दिया कि श्रमिकों को कोई नुकसान नहीं होने दिया जायेगा। स्टालिन ने कहा‚ ‘सभी श्रमिक हमारे श्रमिक हैं‚ जो तमिलनाड़ु के विकास में मदद करते हैं और मैंने उन्हें आश्वासन दिया है कि श्रमिकों को कोई नुकसान नहीं पहुंचने दिया जायेगा।’ स्टालिन ने यहां एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा कि उत्तरी राज्यों के श्रमिकों को तमिलनाड़ु में काम करने को लेकर किसी भी प्रकार की शंका करने की जरूरत नहीं है।
उन्होंने कहा कि यदि उन्हें कोई धमकी देता है‚ तो वे पुलिस को सूचित कर सकते हैं और पुलिस तुरंत कार्रवाई करेगी। सोशल मीडि़या मंचों पर किये गये उन झूठे दावों की पृष्ठभूमि में स्टालिन ने यह आश्वासन दिया है जिनमें कहा गया था कि तमिलनाड़ु में प्रवासी श्रमिकों‚ विशेष रूप से बिहार के श्रमिकों पर हमला किया गया है। उन्होंने कहा कि अफवाह के जरिये दहशत फैलाने वालों के खिलाफ कड़़ी कानूनी कार्रवाई की जायेगी। उन्होंने कहा कि तमिलनाड़ु के बाहर हुई कुछ घटनाओं को यह झूठा दावा करके फैलाया गया कि ऐसी घटनाएं तमिलनाड़ु में हुई हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने दो मार्च को अधिकारियों से तमिलनाड़ु में प्रवासी श्रमिकों पर हमलों की खबरों पर ध्यान देने को कहा था।
मैंने दो दिनों पूर्व समाचार पत्रों में इस मामले के बारे में पढ़ा और अपने अधिकारियों से तमिलनाड़ु में अपने समकक्षों से संपर्क करने को कहा। शुक्रवार को मैंने अधिकारियों से कहा था कि बेहतर होगा अगर हम उस राज्य में एक टीम भेज दें‚ ताकि प्राथमिक सूचना हासिल की जा सके। उसी के अनुसार आदेश जारी किये गये।







