बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) ने राज्य में कानून सख्ती से लागू किये जाने पर जोर देते हुए रविवार को बिहार पुलिस के शीर्ष अधिकारियों को कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने और राज्य के सभी थाना क्षेत्रों में रात्रि गश्त तेज करने का निर्देश दिया।
बिहार पुलिस सप्ताह के समापन से एक दिन पहले आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए, नीतीश ने कहा, “बिहार में अपराध दर में काफी कमी आई है और राष्ट्रीय आंकड़ों (एनसीआरबी, 2021 की रिपोर्ट) के अनुसार देश भर के राज्यों में होने वाले अपराधों के मामले में राज्य 25 वें स्थान पर है। लेकिन प्रदेश में कानून व्यवस्था बनाए रखने में किसी भी तरह की ढिलाई नहीं होनी चाहिए…राज्य में कानून को सख्ती से लागू किया जाना चाहिए।’’
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अधिकारियों को पुलिस में बहाली की प्रक्रिया तेज करने और नवनियुक्तों का बेहतर ढंग से प्रशिक्षण कराने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने रविवार को मिथिलेश स्टेडियम में बिहार पुलिस दिवस २०२३ का समारोहिक परेड सह वार्षिक पारितोषिक वितरण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि वह चाहते हैं कि पुलिस में तेजी से बहाली हो और उनका बेहतर ढंग से प्रशिक्षण हो। प्रशिक्षण में किसी प्रकार की असुविधा न हो।
उन्होंने कहा‚ ‘आप सभी पुलिस वाले बेहतर ढंग से काम करते रहें। हम आपका तनख्वाह बढ़ाते रहेंगे। कोई भी गड़बड़ करता हो तो उसे छोड़ें नहीं। अपराध करने वालों से सख्ती से निपटें। एक एक चीज पर नजर रखें। आपसे जनता को काफी उम्मीदें हैं‚ उसके लिये हमेशा तत्पर रहें।’ मुख्यमंत्री ने कहा कि हमलोगों को जब से काम करने का मौका मिला पुलिस बल पर विशेष ध्यान दिया गया। समय–समय पर पुलिस बल की गतिविधियों की समीक्षा कर कानून व्यवस्था की स्थिति बेहतर की गयी। समाज में कुछ गड़बड़ करनेवाले मानसिकता के लोग भी होते हैं‚ उन पर नजर रखनी है। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो हर वर्ष देश भर के प्रांतों की आपराधिक घटनाओं से जुड़ी रिपोर्ट प्रकाशित करता है। २०२१ में ब्यूरो की रिपोर्ट के मुताबिक आपराधिक घटनाओं के मामले में बिहार २५वें स्थान पर है। नीतीश ने कहा कि जब से काम करने का मौका मिला है। पुलिस में सुधार के लिये कई काम किये गये हैं। २००७ में सभी थानों के काम को अनुसंधान और कानून व्यवस्था के रूप में दो भागों में बांटने के लिए हमलोगों ने कानून बनाया। पुलिस बल की संख्या में बढ़ोतरी की गयी। अब हर थाना के काम को दो भागों में विभक्त कर दिया गया है एक अनुसंधान और दूसरा कानून व्यवस्था। ससमय कांड का अनुसंधान होना चाहिए‚ इस पर विशेष नजर रखें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि २००६ में बिहार में पुलिस बल की संख्या काफी कम थी‚ जिसको ध्यान में रखते हुए बिहार पहला राज्य था‚ जिसने एसएपी (स्पेशल अग्जिलियरी पुलिस) का गठन किया‚ इसमें सेना के सेवानिवृत्त जवानों को लगाया गया। उन्होंने बिहार में सैप का गठन कराया। देश में पहली बार बिहार में ही सैप की शुरुआत हुई। बिहार में सैप के काम को देखकर तत्कालीन केंद्रीय रक्षा मंत्री स्व. प्रणव मुखर्जी ने देश के अन्य राज्यों में भी इसके गठन करने को कहा था। सैप के जवानों को भी ६० वर्ष की आयु तक सेवा में रखा जाता है।
नीतीश ने कहा कि पुलिस के स्पेशल ब्रांच को रिस्ट्रक्चरिंग करने का निर्णय काफी पहले लिया जा चुका है लेकिन ये अभी तक नहीं हुआ है। स्पेशल ब्रांच में ५० प्रतिशत नियमित बहाली करने का निर्देश दिया गया है और बाकी ५० प्रतिशत दूसरे पुलिस बल से आयेंगे। इसको लेकर तेजी से काम करने का निर्देश दिया गया है। पुलिस की बेहतरी के लिये जो भी काम किये गये हैं‚ उसे याद रखना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष २००६ में ही उन्होंने तय किया कि पुलिस की नियमित गश्ती होनी चाहिए। इसको लेकर सभी थानों में गाडि़यां उपलब्ध करायी गयीं ताकि पुलिस बलों को कहीं आने जाने में कोई दिक्कत नहीं हो। रात में पुलिस की गश्ती बहुत जरूरी है। पुलिस की नियमित गश्ती होने से गड़बड़ी करने वाले लोगों पर नजर रखी जा सकेगी। हमने महिलाओं के लिए पुलिस बल में ३५ प्रतिशत का आरक्षण दिया। अब पुलिस बल में काफी तादाद मे महिलाओं की संख्या हो गयी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने आपातकालीन सेवा डायल ११२ की शुरुआत करायी। इस व्यवस्था के अन्तर्गत किसी भी प्रकार की आपातकालीन स्थिति जैसे अपराध की घटना‚ आग लगने की घटना‚ वाहन दुर्घटना की स्थिति में या महिला‚ बच्चों एवं वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा से संबंधित स्थिति में बिहार के किसी भी कोने से कोई भी पीडि़त व्यक्ति ११२ नंबर निःशुल्क कॉल कर सकता है। डायल ११२ में कर्मियों की संख्या भी बढ़ानी है।
उन्होंने काफी पहले निर्देश दिया था कि सभी थानों और ओपी का अपना भवन होना चाहिए। यह किराये के मकान में नहीं होना चाहिए। इसको लेकर तेजी से काम पूर्ण करवायें। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार पुलिस भवन निर्माण निगम द्वारा काफी भवनों के निर्माण करवाये गये हैं। इसमें अभियंताओं और बाकी कर्मचारियों की संख्या को बढ़ाइये। भवन बनाने के साथ ही उसका मेटेनेंस का काम भी अब विभाग को करना है। इसको लेकर जितने कर्मियों की जरूरत होगी उनकी बहाली होगी। सभी जगह पुलिस थाना काफी अच्छा बना है। विधि विज्ञान प्रयोगशाला का निर्माण तेजी से करायें॥। नीतीश ने कहा कि सरदार पटेल भवन काफी अच्छा बना है। यह ९ रिक्टर स्केल तीव्रता का भूकंप सह सकता है। इन दिनों भूकंप की संभावना बढ़ती जा रही है। हाल के दिनों में दो देशों में आये भूकंप के कारण काफी संख्या में लोगों की मौत हुई है। बिहार की आबादी काफी अधिक है जबकि क्षेत्रफल कम है। देश में आबादी के मामले में बिहार तीसरे जबकि क्षेत्रफल के मामले में १२वें स्थान पर है। बिहार में पुलिस बल की संख्या तेजी से बढ़ानी है। अब पुलिस का कुल स्वीकृत बल २‚२७‚७७५ हो गया है। सभी पदों पर बहाली होने के बाद राज्य में पुलिसकर्मियों की संख्या प्रति लाख आबादी पर १७० से भी अधिक हो जायेगी। अभी देश का औसत १९० से कुछ अधिक है।
मुख्यमंत्री ने गणतंत्र दिवस समारोह २०२० के अवसर पर राष्ट्रपति द्वारा विशिष्ट सेवा पदक से अलंकृत किये गये वरीय पुलिस उपाधीक्षक रमाकांत प्रसाद‚ पुलिस निरीक्षक वीरेन्द्र कुमार‚ पुलिस निरीक्षक प्रदीप कुमार‚ पुलिस अवर निरीक्षक धनराज कुमार‚ सिपाही उतम कुमार‚ शहीद उदय प्रताप सिंह की पत्नी को‚ पुलिस उपाधीक्षक अनिल कुमार सिंह‚ आम नागरिकों में आशीष कुमार‚ पंकज कुमार राय और अभिषेक प्रियदर्शी को पुरस्कृत किया।
इस अवसर पर मद्य निषेध‚ उत्पाद एवं निबंधन मंाी सुनील कुमार‚ मुख्यमंाी के प्रधान सचिव दीपक कुमार‚ अपर मुख्य सचिव गृह चैतन्य प्रसाद‚ अपर मुख्य सचिव शिक्षा दीपक कुमार सिंह‚ अपर मुख्य सचिव खान एवं भूतत्व विभाग हरजोत कौर‚ पुलिस महानिदेशक बिहार विशेष सशस पुलिस ए. के. अंबेडकर‚ गृह रक्षावाहिनी एवं अग्निशमन सेवाओं की महानिदेशक शोभा अहोतकर‚ बिहार पुलिस भवन निर्माण निगम लिमिटेड के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक विनय कुमार‚ पुलिस महानिदेशक प्रशिक्षण प्रिता वर्मा‚ पूर्व पुलिस महानिदेशक पी. के. ठाकुर‚ पूर्व पुलिस महानिदेशक एवं अध्यक्ष केन्द्रीय चयन पर्षद सिपाही भर्ती एस. के. सिंघल‚ अध्यक्ष बिहार पुलिस अवर सेवा चयन पर्षद रविंद्र कुमार‚ मुख्यमंाी के सचिव अनुपम कुमार‚ पटना प्रमंडल के आयुक्त कुमार रवि‚ मुख्यमंाी के विशेष कार्य पदाधिकारी गोपाल सिंह सहित अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे।







