सिंगापुर में किडनी ट्रांसप्लांट के बाद स्वास्थ्य लाभ ले चुके लालू यादव देश वापसी कर रहे हैं। इसके साथ ही सियासी गलियारों में हलचल तेज हो गई है। राजद से जुड़े सूत्रों की मानें, तो लालू के आगमन की बात पर तेजस्वी सबसे ज्यादा खुश हैं। हाल के दिनों में पार्टी के कई नेताओं ने तेजस्वी यादव को अनदेखा करने का काम किया है। जानकारों की मानें तो कई नेताओं ने पार्टी लाइन से अलग जाकर महागठबंधन के बारे में बुरा-भला कहा है। नीतीश कुमार के नेतृत्व पर सवाल खड़ा किया है। उन सभी नेताओं का हिसाब-किताब तय माना जा रहा है। सियासी जानकार मानते हैं कि लालू यादव का बड़ा सपना है कि उनके जीते-जी तेजस्वी यादव बिहार की कुर्सी संभालें। इसके लिए राजद की अपनी विशेष प्लानिंग भी है। इस प्लान में जो लोग पलीता लगाने में जुटे हैं। लालू उन सभी नेताओं को दिल्ली तलब करेंगे। जानकार मानते हैं कि मंडल समर्थक लालू हमेशा अति-पिछड़ों और गरीबों के लिए खड़े रहे। कभी भी किसी धार्मिक आस्था को चोट पहुंचाने वाली बात नहीं की। उन्हें पता है कि उनके समर्थकों में मुस्लिम के अलावा हिंदू भी हैं। लालू सबसे पहले चंद्रशेखर सिंह की क्लास लेंगे! ये हो सकता है कि लालू सुधाकर सिंह पर लगाम कसें।
लालू की विशेष प्लानिंग फिक्स!
बिहार की राजनीति को समझने वाले लालू के दिल्ली आगमन को बड़ी सियासी हलचल से जोड़कर देख रहे हैं। लालू दिल्ली आने के बाद सबसे पहले कांग्रेस को साधेंगे। लालू को पता है कि राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा सफल हुई है। लालू कांग्रेस के पुराने साथियों में से हैं। लालू कांग्रेस के साथ राजनीति गठजोड़ को और मजबूत करेंगे। नीतीश कुमार को बिहार में वो हवा देते रहेंगे कि वो विपक्षी एकता की कवायद तेज करें। लालू यादव एक तीर से दो निशाना लगाएंगे। नीतीश के विपक्षी एकता में एक्टिव होने से तेजस्वी के लिए बिहार की कुर्सी खाली हो जाएगी। उधर, उन्हें पता है कि नीतीश कुमार को क्षेत्रीय क्षत्रप पीएम के रूप में पसंद नहीं करते हैं। उन्हें प्रधानमंत्री किसी हाल में बनने नहीं देंगे। लालू ये भी जानते हैं कि फ्रंट का निर्माण हुआ तो कांग्रेस की हिस्सेदारी ज्यादा होगी। इसलिए कांग्रेस को साधेंगे और राहुल गांधी के अलावा सोनिया से दिल्ली में मुलाकात कर सकते हैं। लालू यादव के दिल्ली पहुंचने के बाद खबर ये है कि राष्ट्रीय स्तर के कई दलों के नेता उनसे मिलन पहुंचेंगे। हालांकि, इस कड़ी में नीतीश कुमार भी दिल्ली का दौरा कर सकते हैं। दिल्ली प्रवास के दौरान लालू पर दिल्ली में सियासी शतरंज के मोहरे को सजा लेंगे, उसके बाद ही बिहार पर फोकस करेंगे।
नेताओं को लालू देंगे नसीहत!
लालू यादव को बिहार की एक-एक सियासी घटना के बारे में पता है। वो जेडीयू के अंदर चल रहे घमासान पर नजर बनाये हुए हैं। लालू की नजर इस बात पर भी होगी कि यदि जेडीयू के अंदर टूट जैसी स्थिति बनती है, तो उनके पाले में मुस्लिम और यादव नेता जरूर आएंगे। इसलिए वे जेडीयू के ताजा हालात की जानकारी रखे हुए हैं। लालू यादव को पता है कि उनके सिंगापुर जाने के बाद तेजस्वी यादव अकेले पड़ गये हैं। इस बीच राजद के कई नेता बड़बोलेपन के चक्कर में बहुत कुछ बोल जा रहे हैं।
लालू को मालूम है कि राजद के कई नेता तेजस्वी के लगातार आगे बढ़ने से क्षुब्ध हैं। खुद को दरकिनार किये जाने से परेशान हैं। लालू सुधाकर सिंह प्रकरण पर पिता जगदानंद सिंह और सुधाकर सिंह दोनों को दिल्ली तलब कर सकते हैं। लालू यादव ये साफ कर सकते हैं कि तेजस्वी के नेतृत्व में ही बिहार चल रहा है और चलेगा। तेजस्वी को सबलोग मिलकर साथ देंगे, तभी बिहार में आने वाले दिनों में राजद की सरकार बन पाएगी। बैकरूम में बैठकर लालू एक साथ दिल्ली और बिहार की सियासत पर नजर रखेंगे। उनकी ओर से आवश्यक दिशा-निर्देश नेताओं को जारी किया जाएगा।
लालू लेंगे सियासी फैसला!
सूत्रों से मिल रही जानकारी के मुताबिक लालू यादव दिल्ली में बैठकर वीडियो कांफ्रेंस करने वाले हैं। इस कांफ्रेंस में पार्टी के तमाम नेताओं को पहले से तैयार होने के लिए कह दिया गया है। लालू के आगमन की तैयारी को लेकर कई नेता सक्रिय हो गये हैं। कई नेताओं ने दिल्ली जाने का टिकट तक ले लिया है। राजद नेताओं का दर्द ये है कि बिहार में सरकार में रहने के बावजूद उनकी कोई सुन नहीं रहा है। बिहार सरकार में ये बात चर्चा में है कि नीतीश कुमार ने अपने विश्वसनीय अधिकारियों को तेजस्वी यादव और राजद कोटे के बाकी मंत्रियों के पीछे लगा रखा है। नीतीश कुमार ने ऐसे आईएएस अधिकारियों को राजद कोटे के मंत्रियों के साथ लगाया है, जो नीतीश कुमार के विश्वसनीय हैं। तेजस्वी यादव चाहकर भी कुछ नहीं कर पा रहे हैं। राजद से जुड़े सूत्रों की मानें, तो सरकार का सारा कमांड नीतीश कुमार के हाथ में हैं। तेजस्वी यादव अभी तक महज कठपुतली बनकर बैठे हुए हैं। लालू यादव इस मसले पर भी बातचीत कर सकते हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक लालू यादव नीतीश कुमार को दिल्ली तलब कर सकते हैं और कई मामलों की जानकारी ले सकते हैं। प्रमोद दत्त कहते हैं कि लालू दिल्ली में बिल्कुल शांत नहीं बैठेंगे। लालू पार्टी नेताओं को एक-एक मुद्दे पर समझाएंगे। वो सुधाकर सिंह और शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर को विवादों में नहीं पड़ने की सलाह भी दे सकते हैं।
दिल्ली पहुंचेंगे लालू!
आपको बता दें कि हाल में पूर्व सांसद मो. अली अशरफ फातमी ने एक ट्वीट कर जानकारी दी थी कि उनकी लालू से तीन घंटे तक मुलाकात हुई। उस दौरान लालू की दोनों बेटी भी मौजूद रहीं। फातमी ने लालू प्रसाद सहित उनकी बेटियों मीसा भारती और रोहिणी आचार्या के साथ फोटो शेयर करते हुए लिखा था कि लालू स्वस्थ्य दिख रहे हैं। 10 फरवरी को वो भारत लौटेंगे। उससे पूर्व सिंगापुर में लालू से राजद विधान पार्षद बिनोद जायसवाल ने मुलाकात की थी। हालांकि, इस बात की जानकारी लालू परिवार की ओर से अभी तक नहीं दी गई है। जानकारी के मुताबिक वैसे लालू यादव को डॉक्टरों ने भारत जाने की मंजूरी दे दी है। लालू फिलहाल अपनी बेटी के साथ रहकर स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं। लालू यादव के देश वापसी को लेकर राजद सहित सियासी गलियारों में हलचल का माहौल है। राजनीतिक चर्चा ये भी है कि लालू के आते ही राजद में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। वैसे, लालू दिल्ली में बैठकर अपनी बैकरूम प्लानिंग को एक्सक्यूट करेंगे।







