छपरा में पिटाई से युवक की हत्या के बाद बवाल मचा हुआ है। मुखिया के घर हुई आगजनी के बाद पुलिस एक्शन में है। मांझी और एकमा प्रखंड में धारा 144 लगाई गई है। छपरा सहित यूपी के बॉर्डर इलाके में भी करीब 20KM तक नेट बंद कर दिया गया है।
गांव में करीब 2000 की संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। गांव में बाहरी लोगों की एंट्री भी बैन की गई है। BSAP, STF, RAF सहित जिला पुलिस की तैनाती की गई है।
हंगामा के दूसरे दिन एडीजी और आलाधिकारियों ने किया मुबारकपुर का दौरा
सोमवार को बिहार के एडीजी सुशील मानसिंह खोपड़े और अन्य अधिकारियों ने मुबारकपुर का दौरा किया। सोमवार को पूरे दिन पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की गाड़ियां दौड़ती रही। एडीजी सुशील मानसिंह खोपड़े गांव में घूमकर घटना के बारे में विस्तृत जानकारी ली।
पीड़ित परिजनों से मिलते हुए घटना के बारे में जानकरी ली। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का भरोसा दिया।
बढ़ते बवाल के मद्देनजर मांझी और एकमा प्रखंड क्षेत्र में धारा 144 लागू
छपरा के मांझी और एकमा प्रखंड में बढ़ते बवाल के चलते धारा 144 लागू कर दी गई है। घटनास्थल मुबारकपुर एकमा और मांझी प्रखंड से सीमावर्ती क्षेत्र होने के चलते दोनो प्रखंड को प्रभावित कर रहा है।
पुलिस दोनों प्रखंडों में लगातार पेट्रोलिंग कर रही है। आसपास की सभी सड़कों पर बैरिकेटिंग कर सघन जांच चलाया जा रहा है।
दो गुटों में वर्चस्व को लेकर तनाव की स्थिति
मांझी के मुबारकपुर का विवाद अब वर्चस्व के विवाद में बदलता दिखाई दे रहा है। दो समाज के लोगों की आपसी लड़ाई में विवाद गहराता जा रहा हैं। हालांकि समय रहते पुलिस-प्रशासन की सक्रियता के चलते दोनों पक्ष शांत नजर आ रहे हैं।
सोमवार की शाम तक कुछ उपद्रवियों द्वारा विवाद करने की नीयत से एकमा में जुटने की बात सामने आई। हालांकि गुट का नेतृत्व करने वाले राजीव रुद्र यादव पर पुलिस कार्रवाई करने की बात कर रही है। मांझी के बाद एकमा में भी धारा 144 लगा दी गई। पुलिस ने मांझी और एकमा प्रखंड में फ्लैग मार्च भी किया।
ये था पूरा मामला
मुखिया पति विजय यादव पर फायरिंग के आरोप में गुरुवार शाम 3 युवकों को फार्म हाउस में बंधक बनाया गया। तीनों युवकों के हाथ-पैर बांधकर उनकी जमकर लाठियों से पिटाई की गई थी। इसमें युवक अमितेश कुमार सिंह (35) की मौत हो गई। राहुल कुमार सिंह (23) और आलोक कुमार सिंह (25) की हालत गंभीर है। उनका इलाज पटना के प्राइवेट अस्पताल में चल रहा है। पिटाई का वीडियो सामने आने के बाद दूसरे पक्ष के लोग उग्र हो गए।
इस हमले के पीछे करणी सेना का हाथ बताया जा रहा था, लेकिन इस मामले में करणी सेना के बिहार और झारखंड प्रभारी अमित सिंह उज्जैन ने बताया कि करणी सेना का इसमें कोई इनवॉल्वमेंट नहीं है। रविवार को करणी सेना का पटना में कार्यक्रम था, हम लोग वहां व्यस्त थे। मैंने रुबन अस्पताल में भर्ती छपरा पिटाई में घायल दो युवकों से मुलाकात की थी। आगजनी या उन्माद फैलाने के मामले में करणी सेना कहीं से शामिल नहीं है।
हत्याकांड में शामिल 2 आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। बाकी की गिरफ्तारी के लिए DSP(HQ) के नेतृत्व में SIT का गठन किया गया है। सोशल पर भड़काने वालों के खिलाफ नगर थाने में केस दर्ज किया गया है।







