बिहार विधान मंडल शीतकालीन सत्र के आखिरी दिन भी प्रदर्शन हो रहा है। भाजपा जहरीली शराब कांड में मारे गए लोगों के परिवार वालों को मुआवजा देने की मांग कर रही है। उसका साथ सरकार को समर्थन दे रहे वामदल भी कर रहे हैं। भाजपा विधायकों ने वेल में आकर हंगामा शुरू कर दिया।
भाजपा मुख्यमंत्री का इस्तीफा मांग रहे हैं। इस पर विधानसभा अध्यक्ष अवधबिहार चौधरी ने माशलों से कहा कि सभी विधायकों के हाथ से पोस्टर ले लिए जाएं। भाजपा विधायकों ने टेबल पटक दिया। हंगामा शांत नहीं होने पर विधानसभा को दो बजे तक स्थगित कर दिया गया।
अध्यक्ष ने कहा कि आप सभी सदन की कार्यवाही करने बाधा डाल रहे हैं। ऐसा ही रहा तो मैं आप सभी के खिलाफ कार्यवाही कर सकता हूं।
इधर, विपक्ष के नेता विजय सिन्हा ने कहा कि जहरीली शराब से मरे लोगों के परिवारों को मुआवजा मिले। जो मरे है उनके लिए शोक प्रस्ताव पारित किया जाए। मेरे मेरे ऊपर आरोप लगा था कि मेरे रिश्तेदार के यहां शराब बरामद हुआ है, ये गलत है, वो जदयू के सदस्य है।विजय सिन्हा ने तंज कसते हुए कहा कि अध्यक्ष महोदय आपको बधाई देता हूं कि मेरे 50 मिनट के भाषण में 113 बार आपने मुझे टोका है। भाजपा के विधायक वेल में आकर हंगामा कर रहे हैं।
विधानसभा सत्र अपडेट्स
- विधानसभा अध्यक्ष अवधबिहार चौधरी ने भाजपा विधायकों को चेताया। कहा कि आप सभी सदन की कार्यवाही करने बाधा डाल रहे हैं। ऐसा ही रहा तो मैं आप सभी के खिलाफ कार्यवाही कर सकता हूं।
- संसदीय कार्य मंत्री विजय चौधरी ने कहा कि जो विपक्ष के नेता तस्वीर दिख रहे हैं, मुझे नहीं पता नहीं है, कौन क्या है। लेकिन इतना जरूर कहूंगा कि जो भी शराब के धंधे लिप्त होगा , उसे बख्शा नहीं जाएगा। सरकार इस मामले पर सजग है।
भाजपा लगातार हमलावर है
5 दिनों के इस सत्र में विपक्षी भाजपा ने लगातार जहरीली शराब को लेकर हंगामा किया। लेकिन, इस हंगामे के बीच में सरकार ने अपने विधायी कार्यों को पूरा कर लिया। हालांकि इस पूरे विधानसभा सत्र में आम जनता के सवाल नहीं आ पाए। प्रश्नकाल, तारांकित, अल्पसूचित प्रश्न, शून्यकाल, ध्यानाकर्षण जैसे मसलों पर विधानसभा में चर्चा नहीं हुई। विधेयक, विनियोग जरूर पास किए गए। लेकिन, जनता के सवाल को लेकर सरकार के जवाब विधानसभा में नहीं आए।
भाजपा के नेताओं के मुताबिक छपरा के शराब कांड में लगभग 100 से ज्यादा लोग मरे हैं और ऐसे में सरकार पर उन पीड़ित परिवारों को मुआवजा देने का दबाव भाजपा बनाएगी। हालांकि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस मसले पर दो टूक जवाब दे दिया है कि जहरीली शराब से मरे लोगों को मुआवजा नहीं दिया जाएगा। अब सत्तारूढ़ दल के सीपीआई और कांग्रेस के नेता भी पीड़ित परिवारों को मुआवजा देने की मांग कर रहे है।
सोमवार को विधानसभा में पहले अल्प सूचित और तारांकित प्रश्न और उसके उत्तर लिए जाएंगे। ध्यानाकर्षण में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, शिक्षा विभाग, विज्ञान और प्रावैधिकी विभाग, नगर विकास एवं आवास विभाग को लेकर चार सूचनाएं हैं। जिसको विधानसभा में पूछा जाएगा। इसके बाद यदि कोई विधान सभा की समितियों का प्रतिवेदन होगा तो वह रखा जाएगा, याचिकाओं का उपस्थापन होगा। ब्रेक के बाद सार्वजनिक हित के विषय पर संकल्प लिए जाएंगे और अंत में विधानसभा अध्यक्ष का समापन भाषण होगा ।
सबसे पहले प्रश्नोत्तर…फिर ध्यानाकर्षण
बिहार विधान परिषद में सबसे पहले प्रश्नोत्तर होंगे। ध्यानाकर्षण में 5 सूचनाएं हैं। इसमें, औरंगाबाद जिले में खरीफ तथा अन्य फसलों में हुए नुकसान का मुआवजा किसानों को देने के संबंध में, विश्व विद्यालयों में सहायक अध्यापक के पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया को त्वरित गति से पूरा करने के संबंध में, ग्रामीण कार्य प्रमंडल बेनीपट्टी मधुबनी में लंबित 16 सड़कों की प्रशासनिक स्वीकृति देने के संबंध में, तालिमी मरकज से मुक्त किए गए 3000 स्वयंसेवकों को पुनः बहाल करने के संबंध में, बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग के विज्ञापन संख्या 08/ 2020-21 में कोविड-19 से प्रभावित पीएचडी डिग्री धारकों को साक्षात्कार में शामिल करने के संबंध में ध्यानाकर्षण लिए जाएंगे।
वित्तीय वर्ष 2022-23 की द्वितीय अनुपूरक व्यय विवरण ने वाद विवाद और सरकार का उत्तर होगा। वही, बिहार विनियोग (संख्या चार) विधायक 2022 का उपस्थापन भी होगा।







