ADVERTISEMENT
Sunday, July 12, 2026
No Result
View All Result
  • Login
  • Register
No Result
View All Result
UB INDIA NEWS
No Result
View All Result

पुरानी पेंशन योजना: समस्या नई नहीं विवाद है पुराना

UB India News by UB India News
December 17, 2022
in कारोबार, खास खबर
0
पुरानी पेंशन योजना: समस्या नई नहीं विवाद है पुराना
  • Facebook
  • X
  • WhatsApp
  • Telegram
  • Email
  • Print
  • Copy Link

वर्षों से चली आ रही पुरानी पेंशन योजना‚ जो २००४ में अटल बिहारी बाजपेई की सरकार द्वारा बंद कर दी गई थी और उसकी जगह नई पेंशन योजना शुरू की गई थी‚ सुर्ख़ियों में है। विपक्षी पार्टियाँ इसे चुनावी मुद्दा बना रही हैं। पुरानी योजना के अंतर्गत सरकारी कर्मचारियों को रिटायरमेंट के बाद एक निश्चित पेंशन देने की व्यवस्था थी जो उनके वेतन पर आधारित है। कर्मचारी आखिरी वेतन का आधा पेंशन के रूप में लेने के हकदार होते हैं। महंगाई भत्ते में समय–समय पर वृद्धि का लाभ भी पेंशनधारियों को मिलता है। पेंशनधारी की मृत्यु पर उसके परिजन को भी पेंशन मिलती है। कर्मचारी को पेंशन के लिए सेवा की अवधि में कोई कंट्रीब्यूशन नहीं करना पड़ता। पेंशन का सारा खर्च सरकार उठाती है। पेंशन के अतिरिक्त मेडिकल भत्ता और बिलों की रिइंबर्समेंट के प्रावधान भी हैं। सेवानिवृत्त होने पर कर्मचारी को २० लाख तक की ग्रेच्युटी भी मिलती है। कर्मचारियों के लिए यह सबसे भरोसेमंद और सुरक्षित योजना रही है। योजना को बंद करने के निर्णय के पीछे सरकार के राजस्व पर बढ़ता बोझ है।

नई पेंशन योजना (एनपीएस) जनवरी‚ २००४ से शुरू की गई। इसका संचालन पेंशन निधि विनायक एवं विकास प्राधिकरण द्वारा किया जाता है। कर्मचारी की आयु ६० वर्ष पूरे हो जाने के पश्चात उसे पेंशन दी जाती है। १८ से ७० वर्ष के आयु के नागरिकों के लिए यह उपलब्ध है। योजना बाजार संचालित रिटर्न पर आधारित है। पेंशन ग्राहक अपनी बचत को गैर–निकासी योग्य खाते में जमा करता है। कम से कम रुपये ५०० से यह खाता खोला जा सकता है। खाते में जमा राशि निवेश की जाती है। सब्सक्राइबर के लिए तीन विकल्प होते हैं। उच्च जोखिम उच्च रिटर्न मुख्य रूप से इक्विटी मार्केट में निवेश‚ मध्यम जोखिम मध्यम रिटर्न‚ सरकारी प्रतिभूतियों के अलावा अन्य ऋण प्रतिभूतियों में निवेश‚ एवं कम जोखिम कम रिटर्न सरकारी प्रतिभूतियों में निवेश। सभी चयनित परिसंपत्ति में खाताधारक का योगदान हंड्रेड परसेंट होता है। जितना योगदान कर्मचारी करेगा उतना ही उसे लाभ मिलेगा। खाते से संचित राशि निकालने की कोई सीमा नहीं होती‚ नामांकन की सुविधा भी होती है। निश्चित पेंशन की गारंटी इस योजना में नहीं होती। निवेश पर आयकर की धारा ८० सीसीडी के अंतर्गत डेढ़ लाख रु पये तक का टैक्स रिबेट मिलता है।

RELATED POSTS

स्वदेशी युद्धपोत महेंद्रगिरि को भारतीय नौसेना के पूर्वी बेड़े में हुआ शामिल ,क्यों खास आईएनएस महेंद्रगिरि ……

दतिया उपचुनाव में नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने के बाद क्यों हुआ बवाल……….

इस योजना के अलावा अटल पेंशन योजना भी है जो मई‚ २०१५ में शुरू की गई थी‚ इसमें है १००० से लेकर ५००० रुपये महीने की गारंटीड पेंशन जो ६० साल के बाद पेंशनधारक द्वारा जमा की हुई रकम के आधार पर मिलती है। निजी क्षेत्र के कर्मचारी भी इसका लाभ उठा सकते हैं। इनकम टैक्स में निवेश पर छूट भी ऊपर की योजना जैसी मिलती है। इन दोनों योजनाओं में सरकार की ओर से कोई कंट्रीब्यूशन नहीं होता। मार्च‚ २०२२ में नई पेंशन योजना में २२ .४८ लाख एवं राज्यों में ५५.७७ लाख सब्सक्राइबर थे।

सरकारी पेंशन योजनाओं के अतिरिक्त बीमा कंपनियों द्वारा भी पेंशन योजनाएं चलाई जाती हैं। ऐसी एक वरिष्ठ बीमा योजना एलआईसी के माध्यम से प्रशासित है‚ जो एकमुश्त राशि के भुगतान पर पॉलिसी होल्डर को प्रति वर्ष ९% (मासिक आधार पर देय) की गारंटीकृत दर पर पेंशन देती है। योजना का आरंभ १४ अगस्त‚ २०१४ को हुआ था। एलआईसी द्वारा सृजित रिटर्न के बीच अगर कोई अंतर होता है‚ तो भारत सरकार द्वारा योजना में सब्सिडी से इसकी भरपाई की जाती है। एलआईसी की एक योजना जीवन अक्षय भी है‚ जिसमें एकमुश्त रकम जमा करके पेंशन प्राप्त की जा सकती है। एसबीआई द्वारा सरल रिटायरमेंट सेवर योजना चलाई जाती है। निजी क्षेत्र की बड़ी कंपनियांः आईसीआईसीआई‚ एचडीएफसी‚ मैक्स‚ बजाज अलायंस‚ एबीएसएलआई‚ कोटक आदि भी पेंशन योजनाएं चलाती हैं।

देश की आबादी १४० करोड़ है‚ सरकारी पेंशन पाने वालों की संख्या लगभग २ करोड़ हैः डेढ़ करोड़ राज्यों में और ४८ लाख केंद्र सरकार के अंतर्गत। अप्रैल‚ २००४ के पहले के कर्मचारी पुरानी पेंशन योजना में हैं। उसके बाद जिन्होंने सरकारी सेवाएं ज्वाइन की हैं‚ वे नई पेंशन योजना के अंतर्गत हैं। राजस्थान‚ झारखंड और छत्तीसगढ़ में पुरानी पेंशन योजना फिर से लागू कर दी गई है‚ पंजाब और दिल्ली में भी योजना लागू होने जा रही है। पेंशन भुगतान पर पिछले ५ वर्षों में राज्यों के बजट में ४८% की वृद्धि हुई‚ २०२१–२२ में सभी राज्यों का पेंशन पर खर्च ४०६८६७ करोड़ रु पये था जबकि राजस्व १५९४६६५ करोड रुपये। कर्ज में डूबे १० बड़े राज्योंः बिहार‚ उत्तर प्रदेश‚ झारखंड‚ हरियाणा‚ आंध्र प्रदेश‚ मध्य प्रदेश‚ केरल‚ पंजाब‚ पश्चिम बंगाल और राजस्थान में राजस्व का १२.५% पेंशन पर खर्च हो रहा है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया‚ कंट्रोलर एवं ऑडिटर जनरल और मोंटेक सिंह अहलूवालिया सहित अनेक अर्थशा्त्रिरयों ने पेंशन पर बढ़ते खर्च पर चिंता व्यक्त की है। पुरानी पेंशन योजना यदि फिर से लागू कर दी जाए तो आने वाली पीढ़ी के ऊपर इसका बोझ तेजी से बढ़ेगा। इसे चुनाव जीतने के लालच में रेवड़ी बांटने की संज्ञा दी जा रही है‚ जो राज्यों की आर्थिक स्थिति को देखते हुए नकारा नहीं जा सकता।

हिमाचल प्रदेश में हाल के चुनाव में पुरानी पेंशन बहाली बड़ा मुद्दा था। २०२१–२२ में हिमाचल प्रदेश का कुल राजस्व ९२८२ करोड रु पये था और पेंशन पर होने वाला खर्च ७०८२ करोड रुपये। ऐसी स्थिति में विकास के कार्यों के लिए पैसा कहां बचेगा‚ रोजगार के नये अवसर कैसे पैदा किए जाएंगेॽ वर्ष २०२३ में देश के कई राज्यों में चुनाव होने वाले हैं‚ विपक्षी पार्टियाँ पुरानी पेंशन योजना को बहाल के वादे कर सकती हैं‚ जिससे राज्यों की वित्तीय व्यवस्था और कमजोर हो सकती है। किंतु पेंशन सामाजिक सुरक्षा के लिए अनिवार्य है‚ सरकार की जिम्मेदारी है‚ कर्मचारियों और आम जनता के हित में ऐसी पेंशन योजना आनी चाहिए जिसमें पेंशनधारी और सरकार‚ दोनों मिलकर खर्च वहन करें‚ सरकारी कर्मचारियों के साथ–साथ आम वृद्ध नागरिक भी पेंशन योजनाओं का लाभ उठा सकें। तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था में विकसित देशों की तरह भारत में भी सामाजिक सुरक्षा के लिए व्यापक कानून की जरूरत है।

  • Facebook
  • X
  • WhatsApp
  • Telegram
  • Email
  • Print
  • Copy Link
UB India News

UB India News

Related Posts

स्वदेशी युद्धपोत महेंद्रगिरि को भारतीय नौसेना के पूर्वी बेड़े में हुआ शामिल ,क्यों खास आईएनएस महेंद्रगिरि ……

स्वदेशी युद्धपोत महेंद्रगिरि को भारतीय नौसेना के पूर्वी बेड़े में हुआ शामिल ,क्यों खास आईएनएस महेंद्रगिरि ……

by UB India News
July 11, 2026
0

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को विशाखापत्तनम में भारतीय नौसेना के पूर्वी बेड़े में छठे प्रोजेक्ट 17ए स्वदेशी स्टील्थ...

दतिया उपचुनाव में नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने के बाद क्यों हुआ बवाल……….

दतिया उपचुनाव में नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने के बाद क्यों हुआ बवाल……….

by UB India News
July 11, 2026
0

नरोत्तम मिश्रा मध्य प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के दिग्गज नेताओं में गिने जाते रहे हैं. शिवराज सिंह चौहान...

विधानसभा चुनाव :  BJP ने असम के लिए 88 और केरल के लिए 39 उम्मीदवारों का ऐलान………..

बांकीपुर को लेकर बीजेपी इतना अव्यवस्थित क्यों है ! …

by UB India News
July 11, 2026
0

बिहार के बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में बीजेपी ने अपने पहले उम्मीदवार अभिषेक बंटी (पिता का चारा घोटाले में नाम होने...

प्रधानमंत्री मोदी अपने तीन देशों के दौरे के अंतिम चरण में आज न्यूजीलैंड के ऑकलैंड पहुंचेगे ………

प्रधानमंत्री मोदी अपने तीन देशों के दौरे के अंतिम चरण में आज न्यूजीलैंड के ऑकलैंड पहुंचेगे ………

by UB India News
July 10, 2026
0

प्रधानमंत्री मोदी की विदेश यात्रा से जुड़े कार्यक्रम को लेकर सरकार की तरफ से जारी बयान में कहा गया कि...

डिएगो गार्सिया पर हमले ने उड़ा दी US की नींद ………………

भारत की ऊर्जा सुरक्षा और महंगाई पर खतरा बढ़ा ………………………….

by UB India News
July 10, 2026
0

पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच जून में बड़ी मुश्किल से हुआ युद्धविराम जिस तरह से दोनों देशों...

Next Post
बिहार में शराबबंदी अपने अबतक के सबसे वीभत्स रूप में………

बिहार में शराबबंदी अपने अबतक के सबसे वीभत्स रूप में.........

अपनी ‘ताकत’ परखने फिर बिहार की यात्रा पर निकलेंगे नीतीश कुमार

अपनी 'ताकत' परखने फिर बिहार की यात्रा पर निकलेंगे नीतीश कुमार

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

  • front
  • Home
Contect Us - ubindianews@gmail.com

© 2020 ubindianews.com - All Rights Reserved ||

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password? Sign Up

Create New Account!

Fill the forms below to register

All fields are required. Log In

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In
No Result
View All Result
  • front
  • Home

© 2020 ubindianews.com - All Rights Reserved ||

Send this to a friend