बिहार के छपरा में जहरीली शराब पीने की वजह से 70 से अधिक लोगों की मौत के बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार विरोधियों से लेकर सहयोगियों तक के निशाने पर आ गए हैं. इसी बीच बिहार में एक बड़ी सियासी हलचल होने जा रही है. दरअसल, नीतीश कुमार जनता का मूड जानने और अपनी सियासी शक्ति परखने के लिए एक बार फिर से बिहार की यात्रा पर निकलने वाले हैं. इस दौरान वो न केवल जनता से मिलेंगे; बल्कि जदयू के साथ-साथ महागठबंधन के नेताओं और कार्यकर्ताओं से भी मुलाकात कर 2024 लोकसभा चुनाव के पहले नब्ज टटोलने की कोशिश करेंगे. सूत्र बताते हैं कि संभवतः नीतीश कुमार चंपारण से ही अपनी यात्रा की शुरुआत करेंगे; जैसा कि वो अभी तक करते आए हैं.
मुख्यमंत्री की यात्रा की अभी आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है. लेकिन, जो जानकारी मिल रही है उसके मुताबिक, जनवरी के पहले सप्ताह में यात्रा पर निकलेंगे. दरअसल, नीतीश कुमार की इस यात्रा को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है; क्योंकि उन्होंने पहले ही घोषणा कर दी है कि 2025 का विधान सभा चुनाव तेजस्वी यादव के नेतृत्व में लड़ा जाएगा. सीएम नीतीश की इस घोषणा के बाद बढ़ी सियासी हलचल के बीच इस यात्रा को इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है; ताकि नीतीश कुमार के मिशन दिल्ली के लिए जमीनी हकीकत का भी इस यात्रा के जरिये पता लगाया जा सके.
भाजपा के निशाने पर नीतीश कुमार
नीतीश कुमार देशभर में बीजेपी विरोधी दलों को एकजुट करने में लगे हुए हैं, लेकिन उसके पहले उन्हें बिहार में अपनी जमीनी हकीकत को जानना होगा. यह इसलिए कि कई मुद्दों को लेकर बीजेपी लगातार उन पर हमला बोल रही है. चाहे बात बिहार के विकास की हो या फिर प्रदेश में लागू शराबबंदी के बावजूद जहरीली शराब पीने की वजह से हो रही लगातार मौत; नीतीश कुमार भाजपा के निशाने पर हैं.
नीतीश कुमार इस यात्रा के जरिए न सिर्फ लोगों से विकास की जानकारी लेने की कोशिश करेंगे; बल्कि शराबबंदी को लेकर लोगों की राय क्या है, ये भी जानने की कोशिश करेंगे. खासकर महिलाओं से वे संवाद स्थापित कर जानेंगें कि शराबबंदी को लेकर उनके मन में क्या है. दरअसल सीएम नीतीश कई बार कह चुके हैं कि उन्होंने बिहार में महिलाओं के कहने पर शराबबंदी का फैसला किया था.
मिशन दिल्ली से पहले महत्वपूर्ण कदम
बता दें कि नीतीश कुमार इसके पहले भी कई यात्रा कर चुके हैं और यात्रा के बाद जो कमियां उन्हें नजर आईं उसमें सुधार भी किया. अब जब लोकसभा चुनाव निकट आ रहा है ऐसे में नीतीश कुमार चुनाव के पहले जो कमियां है और उसे समय रहते दूर करने की पूरी कोशिश करेंगे; ताकि इसका फायदा लोकसभा चुनाव में मिल सके.







