ADVERTISEMENT
Wednesday, August 5, 2026
No Result
View All Result
  • Login
  • Register
No Result
View All Result
UB INDIA NEWS
No Result
View All Result

अखिलेश प्रसाद सिंह पर कांग्रेस ने बिहार में लगाया दांव, आरजेडी-जेडीयू में किसका बिगड़ेगा खेल?

UB India News by UB India News
December 6, 2022
in खास खबर, ब्लॉग
0
बिहार कांग्रेस से मदन मोहन झा की छुट्टी, अखिलेश प्रसाद सिंह बने नए प्रदेश अध्यक्ष
  • Facebook
  • X
  • WhatsApp
  • Telegram
  • Email
  • Print
  • Copy Link

बिहार में अपनी जड़ों को फिर से मजबूत करने के लिए कांग्रेस पार्टी ने प्रदेश नेतृत्व में बदलाव कर अखिलेश प्रसाद सिंह को अध्यक्ष नियुक्त किया है। बताया जाता है कि कांग्रेस ने 2024 लोकसभा और 2025 के विधानसभा चुनाव में अपने ट्रेडिशनल वोटरों को आकर्षित करने के लिए अखिलेश प्रसाद सिंह को यह जिम्मेदारी सौंपी है। गौरतलब है कि बिहार में 1990 के बाद से ही कांग्रेस वैशाखी पर चल रही है। यही वजह है कि बिहार में अपनी ताकत बढ़ाने के लिए कांग्रेस ने अध्यक्ष पद पर उसे बिठाया है, जो कभी लालू यादव के बेहद करीबी हुआ करते थे।

लालू ने अखिलेश प्रसाद को पहुंचाया था दिल्ली
5 जनवरी 1962 को बिहार के जहानाबाद में जन्म देने वाले अखिलेश प्रसाद सिंह 2000 से 2004 तक अरवल विधानसभा सीट से बिहार विधानसभा के सदस्य हुआ करते थे। वे बिहार सरकार में स्वास्थ्य मंत्री का पद भी संभाल चुके हैं। इसके बाद 2004 लोकसभा सदस्य चुने गए। उस वक्त लालू प्रसाद यादव की पार्टी राष्ट्रीय जनता दल भी मनमोहन सिंह की सरकार में शामिल थी। लालू प्रसाद यादव ने अखिलेश प्रसाद सिंह को आरजेडी कोटे से राज्य मंत्री बनाए गए थे। बता दें कि मनमोहन सिंह की यूपीए सरकार में अखिलेश प्रसाद सिंह कृषि, उपभोक्ता मामले कर साथ खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय भी संभाल चुके हैं। लेकिन लालू प्रसाद यादव से मनमुटाव होने के बाद अखिलेश प्रसाद सिंह राष्ट्रीय जनता दल को छोड़कर कांग्रेस पार्टी में शामिल हो गए थे।

RELATED POSTS

धरना-प्रदर्शन के लिए जंतर-मंतर की जगह कोई और स्थान हो?

फिर कैसे बरी हो गए बृजभूषण शरण सिंह?

महागठबंधन को मजबूत बनाने में अहम भूमिका
बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के नवनियुक्त अध्यक्ष पूर्व केंद्रीय मंत्री अखिलेश प्रसाद सिंह ने बिहार में महागठबंधन का ढांचा तैयार करने के साथ बड़े दलों को उसमें शामिल कराए जाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। 2018 में राज्यसभा के सदस्य बनने वाले अखिलेश प्रसाद सिंह 2009 में कांग्रेस के टिकट पर मोतिहारी से चुनाव लड़ा था और हार गए थे। इसके बाद उन्होंने 2014 में मुजफ्फरपुर से किस्मत आजमाई लेकिन, इस बार भी उन्हें हार का ही मुंह देखना पड़ा। इतना ही नहीं 2015 में हुए विधानसभा चुनाव तक लड़कर सदन में पहुंचने की कोशिश की थी, लेकिन वहां भी उन्हें सफलता हाथ नहीं लगी थी।

नीतीश के खिलाफ खुलकर बयान देते थे अखिलेश सिंह
बिहार में जब एनडीए की सरकार थी, तब अखिलेश प्रसाद सिंह खुलकर नीतीश कुमार के खिलाफ बयानबाजी किया करते थे। राज्यसभा सांसद होने के बावजूद अखिलेश प्रसाद सिंह बिहार कांग्रेस में बड़ी पकड़ रखते हैं। बताया जाता है कि आलाकमान के निर्देश पर ही अखिलेश प्रसाद सिंह को बिहार कांग्रेस कैंपेन समिति का अध्यक्ष बनाया गया। जाहिर है, प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद अखिलेश प्रसाद सिंह पर 2024 लोकसभा चुनाव और 2025 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के बेहतर प्रदर्शन की बड़ी चुनौती होगी। इसके अलावा ट्रेडिशनल वोटरों को फिर से कांग्रेस की ओर आकर्षित करने की जिम्मेदारी भी निभानी होगी।

  • Facebook
  • X
  • WhatsApp
  • Telegram
  • Email
  • Print
  • Copy Link
UB India News

UB India News

Related Posts

पैलेट गन के यूज को मनमाना क्यों माना जाए ?

धरना-प्रदर्शन के लिए जंतर-मंतर की जगह कोई और स्थान हो?

by UB India News
August 3, 2026
0

सुप्रीम कोर्ट में आज दाखिल एक याचिका में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का मुद्दा भी उठ गया. दरअसल, याचिका में अपील...

फिर कैसे बरी हो गए बृजभूषण शरण सिंह?

फिर कैसे बरी हो गए बृजभूषण शरण सिंह?

by UB India News
August 3, 2026
0

महिला पहलवानों के यौन उत्पीड़न मामले में बीजेपी के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह को राउज एवेन्यू कोर्ट ने बरी...

कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 की मेजबानी करेगा भारत, ग्लास्गो में सौंपा गया झंडा

कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 की मेजबानी करेगा भारत, ग्लास्गो में सौंपा गया झंडा

by UB India News
August 4, 2026
0

ग्लास्गो  में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 खत्म हो गया है. इसी के साथ इस बात का आधिकारिक ऐलान हो गया...

AI-रील्स के दौर में गांंधी की वापसी!

AI-रील्स के दौर में गांंधी की वापसी!

by UB India News
August 3, 2026
0

दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए Gen Z आंदोलन के प्रमुख चेहरे सोनम वांगचुक ने अपने सत्याग्रह की शुरुआत और समापन...

BNS की धारा 152 देशहित से कैसे जुड़ी है?

BNS की धारा 152 देशहित से कैसे जुड़ी है?

by UB India News
August 3, 2026
0

देश में 1 जुलाई 2024 से लागू भारतीय न्याय संहिता Bharatiya Nyaya Sanhita , BNS 2023 ने भारतीय दंड संहिता...

Next Post
कुढ़नी उपचुनाव को लेकर सूबे में सियासी पारा चढ़ने लगा, जदयू के मनोज कुशवाहा महागठबंधन के होंगे उम्मीदवार

उपचुनाव में 57.90% वोटिंग: कांटे की टक्कर

बाबरी विध्वंस की बरसी पर अयोध्या में अब न कोई डर, न संदेह

बाबरी विध्वंस की बरसी पर अयोध्या में अब न कोई डर, न संदेह

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

  • front
  • Home
Contect Us - ubindianews@gmail.com

© 2020 ubindianews.com - All Rights Reserved ||

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password? Sign Up

Create New Account!

Fill the forms below to register

All fields are required. Log In

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In
No Result
View All Result
  • front
  • Home

© 2020 ubindianews.com - All Rights Reserved ||

Send this to a friend