विकसित कहे जाने वाले देशों में शामिल अमेरिका और यूरोप के देशों सहित दुनिया भर की अर्थव्यवस्थाएं भी जब दबाव महसूस कर रही हों तब भारत इससे अछूता कैसे रह सकता हैॽ विनिर्माण और खनन क्षेत्रों के कमजोर प्रदर्शन से भारत की वृद्धि दर भी सुस्त पड़़ी है। चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में यह धीमी पड़़कर ६.३ प्रतिशत रह गई। हालांकि इसके बावजूद भारत दुनिया में सबसे तीव्र वृद्धि दर हासिल करने वाली अर्थव्यवस्था बना हुआ है। चीन की वृद्धि दर २०२२ की जुलाई–सितम्बर तिमाही में ३.९ प्रतिशत ही रही। राष्ट्रीय सांख्यिकीय कार्यालय एनएसओ की तरफ से जारी आंकड़़ों को देखें तो जुलाई–सितम्बर तिमाही में सकल घरेलू उत्पाद (जीड़ीपी) की वृद्धि दर ६.३ प्रतिशत रही जबकि एक साल पहले की समान तिमाही में यह ८.४ प्रतिशत थी। वहीं पहली तिमाही (अप्रैल–जून २०२२) में यह १३.५ प्रतिशत रही थी। जीड़ीपी देश की सीमा में एक निश्चित अवधि में उत्पादित वस्तुओं और सेवाओं के कुल मूल्य को दर्शाता है। यह वृद्धि दर आरबीआई के ६.१–६.३ प्रतिशत रहने के अनुमान के अनुरूप ही है। बैंक के इस महीने जारी बुलेटिन में यह संभावना जताई गई थी। एनएसओ के अनुसार‚ स्थिर मूल्य (२०११–१२) पर देश की जीड़ीपी २०२२–२३ की दूसरी तिमाही में ३८.१७ लाख करोड़़ रुपये रही‚ जबकि वित्त वर्ष २०२१–२२ की दूसरी तिमाही में यह ३५.८९ लाख थी। यह ६.३ प्रतिशत वृद्धि को दर्शाता है। सकल मूल्य वर्धन (जीवीए) इस साल जुलाई–सितम्बर तिमाही में ५.६ प्रतिशत बढ़कर ३५.०५ लाख करोड़़ रुपये रहा। कृषि क्षेत्र में जीवीए वृद्धि दर दूसरी तिमाही में ४.६ प्रतिशत रही जबकि एक साल पहले इसी तिमाही में यह ३.२ प्रतिशत थी। विनिर्माण क्षेत्र में जीवीए वृद्धि दर में ४.३ प्रतिशत की गिरावट आई जबकि एक साल पहले दूसरी तिमाही में ५.६ प्रतिशत की वृद्धि हुई थी। खनन क्षेत्र में भी जीवीए वृद्धि दर दूसरी तिमाही में २.८ प्रतिशत घटी जबकि एक साल पहले इसी तिमाही में १४.५ प्रतिशत की वृद्धि हुई थी। निर्माण क्षेत्र में जीवीए वृद्धि दर घटकर ६.६ प्रतिशत रही जो एक साल पहले २०२१–२२ की दूसरी तिमाही में ८.१ प्रतिशत थी। इस स्थितिमें भारत को अतिरिक्त सतर्क हो जाना चाहिए। यह मानना कि सभी गिर रहे हैं तो हमारे गिरने में क्या दिक्कत है‚ ठीक नहीं है। दुनिया को राह दिखाने के लिए खुद का संभलना जरूरी है।
धरना-प्रदर्शन के लिए जंतर-मंतर की जगह कोई और स्थान हो?
सुप्रीम कोर्ट में आज दाखिल एक याचिका में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का मुद्दा भी उठ गया. दरअसल, याचिका में अपील...







