दक्षिण दिल्ली के महरौली में लिव इन पार्टनर की दिल दहलाने वाली हत्या का खुलासा रोंगटे खड़े़ कर देने वाला है। आफताब अमीन पूनावाला (२८) ने अपने साथ लिव इन में रह रही श्रद्धा वालकर (२६) की झगड़े़ के बाद हत्या की और शव के ३५ टुकड़े़ किए और तीन सौ लीटर का नया फ्रिज खरीद कर उसमें शव को छुपाए रखा। और २२ दिन तक हर रोज रात दो बजे जंगल में जाकर शव के हिस्सों को ठिकाने लगाता रहा। श्रद्धा ने माता–पिता के आगाह किए जाने के बावजूद हत्यारोपी के साथरहने का यह कहते हुए फैसला किया था कि वह बालिग है और अपने फैसले खुद ले सकती है। हत्या मई में की गई थी‚ जिसका खुलासा करीब छह महीने बाद हो सका है। श्रद्धा के पिता ने अपनी पुत्री के गुम होने की शिकायत मुंबई पुलिस को दी थी। मुंबई पुलिस ने ८ नवम्बर को महरौली थाने में सूचना दी‚ जिसके आधार पर इस मामले की एफआईआर दर्ज की गई। हाल के वर्षों में ऐसी अनेक घटनाओं का खुलासा हुआ जो सिहरा देने वाली थीं। महरौली की घटना को लेकर भी कमोबेश वही बातें होंगी जो ऐसी खौफनाक घटनाओं पर कही जाती हैं। कोई इसमें लव जेहाद का कोण देखेगा तो कोई अपरिपक्वता की बात कहकर आगे बढ़ जाना चाहेगा‚ जबकि ऐसी घटनाएं सचेत करती हैं कि उम्र के एक खास पड़़ाव में बच्चों के साथ माता–पिता की मित्रवत बाबस्तगी बनी रहनी चाहिए। ऐसी घटनाएं सभ्य समाज पर कलंक हैं‚ लेकिन बड़़ा सवाल यह है कि परिवरिश में कहां कमी रह जा रही है‚ जो माता–पिता की चिंता की भी बच्चे परवाह नहीं कर रहे। किसी के आकर्षण में इस कदर गाफिल हो जाते हैं कि जन्म देने वाले माता–पिता तक की नहीं सुनते। दरअसल‚ यह समय इस कदर आत्मकेंद्रित व्यक्तियों का निर्माण कर रहा है‚ जिनके पास सरोकार–परिवार से और समाज से–नहीं रह पाते। परिवार और समाज की नैतिक परिधि से छिटक जाने पर निहायत अकेले पड़े़ व्यक्ति ऐसी वारदात का निशाना बनते हैं। अपराध को क्षणिक उद्वेग या आवेश में किया गया या सोच–समझकर किया गया कमतर करार नहीं दिया जा सकता। अपराध के लिए दोष सिद्ध होने पर सख्त–से–सख्त सजा होनी चाहिए। हाल के समय में यह भी कहने वाले मिल जाते हैं‚ जिन्हें शिकायत होती है कि सजा सख्त नहीं होने से भी कुछ लोग अपराध करते हैं। बहरहाल‚ तय यह होना चाहिए कि युवाओं को भटकन से बचाने के लिए क्या किया जाना चाहिए।
पेपर लीक पर बढ़ते बवाल के आगे झुकी सरकार, धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा………………….
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने आखिरकार अपने पद से इस्तीफा दे दिया. जंतर-मंतर पर पिछले एक महीने से भी...







