भारत ने असामाजिक तत्वों की ओर से ‘कूट संदेश’ और ‘क्रिप्टो करंसी’ जैसी नई प्रौद्योगिकियों के संभावित दुरुपयोग को रोकने के लिए समन्वित वैश्विक प्रयास करने का आह्वान करते हुए शनिवार को कहा कि सोशल मीडि़या मंच आतंकवादी समूहों के ‘टूलकिट’ में प्रभावशाली उपकरण बन गएहैं। दिल्ली में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आतंकवाद निरोधक समिति की विशेष बैठक को शनिवार को संबोधित करते हुए विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि आतंकवादी समूहों‚ उनके वैचारिक अनुयायिों और अकेले हमले करने वाले लोगों ने नई प्रौद्योगिकियों तक पहंुच बना कर अपनी क्षमताओं में इजाफा कर लिया है। जयशंकर पाकिस्तान के संदर्भ में स्पष्ट रूप से यह भी कहा कि कुछदेशों ने आतंकवाद को ‘राज्य द्वारा वित्त पोषित उद्यम’ बना लिया है। अलबत्ता‚ इस बात पर संतोष जताया कि संयुक्त राष्ट्र की आतंकरोधी प्रतिबंध व्यवस्था ऐसे खुराफाती देशों को आगाह करने के लिए प्रभावी है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सभी १५ सदस्य देशों के प्रतिनिधि इस बैठक में शिरकत कर रहे हैं। दरअसल‚ पिछले दो दशकों में तकनीकी नवाचार ने दुनिया के काम करने के तरीके में क्रातिकारी बदलाव ला दिया है। वर्चुअल निजी नेटवर्क तथा ए्क्रिरप्टेड़ मैसेजिंग सेवाओं के साथ ही आभासी मुद्राओं तक नई प्रोद्योगिकियां एक आशाजनक भविष्य की पेशकश कर रही हैं। ऐसी कि ये प्रौद्योगिकियां यकीनन आर्थिक–सामाजिक लाभ सुनिश्चित करने वाली साबित होंगी। लेकिन आशावाद के बीच इनमें लग रही सेंध ने इनका चिंताजनक पहलू भी उजागर कर दिया है। इनका दुरुपयोग करके नापाक मंसूबे अंजाम दे सकने वाले तत्वों पर लगाम लगाने के लिए जरूरी हो गया है कि वैश्विक स्तर पर समन्वित प्रयास हों। वरना प्रौद्योगिकी‚ पैसे और खुले या उदार समाज के लोकाचार का उपयोग करके असामाजिक तत्व आजादी‚ सहिष्णुता और विकासोन्मुख सोच को छिन्न भिन्न कर ड़ालेंगे। इंटरनेट और सोशल मीडि़या मंच का इस्तेमाल करके समाजों को अस्थिर करने का मंसूबा पूरा न होने पाए इसके लिए जरूरी है कि दुनिया के तमाम देशों की सरकारें मुस्तैद रहें। नियामक एजेंसियों की सतर्कता से ही दुष्प्रचार‚ कट्टरता फैलाने और साजिशोंे को अंजाम देने में सोशल मीडि़या मंचों का इस्तेमाल रोका जा सकेगा। अभी तो कहने में कोई गुरेज नहीं कि सोशल मीडि़या मंच आतंकियों और आतंकी समूहों की टूलकिट में प्रभावशाली उपकरण बन चुके हैं।
पटना मैनेजमेंट एसोसिएशन ने आयोजित किया बीमा जागरूकता सत्र
पटना, 1 अगस्त। पटना मैनेजमेंट एसोसिएशन (PMA) ने इंडियन सोसाइटी फॉर ट्रेनिंग एंड डेवलपमेंट (ISTD), पटना चैप्टर के सहयोग से...




