राज्य में इंजीनियरिंग कॉलेज की तरह हर जिले में मेडिकल कॉलेज अस्पताल खोला जायेगा। यह बात यह बात मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को भोजपुर जिले के कोईलवर में बिहार राज्य मानसिक स्वास्थ्य एवं सहबद्ध विज्ञान संस्थान के निर्मित परिसर के उद्घाटन अवसर पर कही। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अधिक से अधिक अस्पताल का निर्माण करायेगी‚ ताकि किसी भी मरीज को अपना इलाज कराने में परेशानी नहीं हो।
उन्होंने कहा कि हमलोगों की कोशिश होगी कि सभी जिलों में मेडिकल कॉलेज अस्पताल का निर्माण हो। हमलोग सभी जगह नसिग कॉलेज भी बनवा रहे हैं। इसमें लोग पढेंगे और उन्हें काम करने का भी मौका मिलेगा। हम चाहते हैं कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को अवसर मिले। हमलोगों को ध्यान रखना है कि यहां के नवनिर्मित भवन के मेंटेनेंस का भी काम हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले देश में कहीं भी ट्रीटमेंट कराने के दौरान मुफ्त में दवा नहीं मिलती थी। हमलोगों ने यहां मरीजों को मुफ्त दवा देने का काम शुरू किया। उन्होंने कहा कि मरीजों के लिए मुफ्त दवा का जो इंतजाम किया जा रहा है‚ वह निश्चित तौर पर अस्पतालों में रहना चाहिए। कई जगह हमने सुना है कि दवा का इंतजाम रहने के बाद भी लोगों को बाहर से ही दवा लानी पडती है। इसका ध्यान रखें कि किसी व्यक्ति को बाहर से दवा लाने की जरूरत न पडे। सीएम ने कहा कि बहुत खुशी की बात है कि बिहार राज्य मानसिक स्वास्थ्य एवं सहबद्ध विज्ञान संस्थान की आज औपचारिक शुरुआत हो गई है। कि इस अस्पताल के शुरू होने से यहां मानसिक रोग से ग्रस्त किसी भी मरीज का इलाज ठीक ढंग से होगा। उन्होंने कहा कि यह अस्पताल २७२ बेड का होगा। इसमें से १८० बेड आज से शुरू हो गया है‚ बाकि बचे हुए कार्य तीन माह में पूरे हो जायेंगे। उन्होंने कहा कि यहां चिकित्सा कार्य ठीक ढंग से हो सके‚ इसके लिए सारी व्यवस्था की गई है। अगर चिकित्सकों व कर्मचारियों की और आवश्यकता होगी‚ तो उनकी बहाली की जायेगी। बिहार से ही नहीं‚ बल्कि दूसरे राज्यों से भी बेहतर इलाज के लिए लोग यहां आयेंगे। इस अस्पताल तक पहुंचने के लिए सभी जगहों से आवागमन भी सुलभ है।
📡#LIVE:माननीय मुख्यमंत्री @Nitishkumar के कर-कमलों द्वारा बिहार राज्य मानसिक स्वास्थ्य एवं सहबद्ध विज्ञान संस्थान, कोईलवर, भोजपुर के नवनिर्मित परिसर का उद्घाटन।#BiharHealthDept https://t.co/a3hTjfZfNP
— IPRD Bihar (@IPRD_Bihar) September 16, 2022
उन्होंने कहा कि सस संस्थान में मानसिक चिकित्सा की पीजी की पढाई भी होगी। साथ ही नसिग की पढाई और टेली मेडिसीन की भी सुविधा होगी। उन्होंने कहा कि सभी प्राइमरी हेल्थ सेंटर में ६ की जगह पर ३० बेड की व्यवस्था की जा रही है‚ ताकि लोगों को इलाज में सहूलियत हो। ४३४ प्राइमरी हेल्थ सेंटर में से २८१ में इसका निर्माण कार्य पूर्ण हो गया है। बाकी बचे हुए निर्माण कार्य को भी पूर्ण किया जायेगा। सीएम ने केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि केंद्र ने राज्य में आठ मेडिकल कॉलेज खोलने का वादा किया था‚ लेकिन आज तक पैसा नहीं मिला। उन्होंने कहा कि राज्य को अस्पताल के लिए केंद्र से १५० से लेकर १८० करोड़ रुपए तक मिलता है‚ लेकिन खर्च काफी ज्यादा होता है। मेडिकल कॉलेज के लिए राज्य सरकार को खुद जमीन खरीदनी पड़ती है और इसमें ३५० करोड़ रुपये भी ज्यादा खर्च करना पड़ता है। एक अस्पताल बनाने के लिए राज्य सरकार करीब १००० करोड़ रुपये तक खर्च करती है। इसके बाद कहा जाता है कि यह केंद्र सरकार का अस्पताल है। उन्होंने कहा कि जब राज्य सरकार का ८०० से एक हजार करोड़ रुपए तक खर्च हो रहा है‚ तो १५० से १८० करोड़ रुपये की क्या जरुरत है।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को स्पष्ट किया कि सरकार के सात निश्चय–२ के अंतर्गत जो भी काम है‚ उसे आगे बढाया जायेगा। शुक्रवार को भोजपुर जिले के कोईलवर में बिहार राज्य मानसिक स्वास्थ्य एवं सहबद्ध विज्ञान संस्थान के निर्मित परिसर के उद्घाटन अवसर पर उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में कई कार्य किये गये हैं। राजवंशी नगर‚ पटना में हड्डी संबंधित रोगों और राजेंद्रनगर‚ पटना में आंखों के इलाज के लिए विशिष्ट अस्पताल बनाया गया है। न्यू गार्डिनर अस्पताल में भी इलाज की बेहतर व्यवस्था की गई है। आईजीआईएमएस में आई बैंक और आधुनिक किडनी ट्रांसप्लांट की व्यवस्था की जा रही है। पीएमसीएच को राष्ट्रीय स्तर के सबसे ज्यादा बेड वाले अस्पताल के रूप में निर्मित किया जा रहा है। सभी का बेहतर तरीके से इलाज हो सके‚ इसके लिए हमलोग प्रयासरत हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार राज्य मानसिक स्वास्थ्य एवं सहबद्ध विज्ञान संस्थान के संबंध में लोगों के बीच में प्रचारित करायें‚ ताकि इस संस्थान के बारे में लोग जान सकें और यहां इलाज के लिए आयें। उन्होंने कहा कि लोगों का स्वस्थ रहना बहुत जरूरी है। इसके लिए जो भी और जरूरत होगी‚ सरकार अपनी तरफ से पूरा इंतजाम करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस अस्पताल में जीविका समूह की दीदियों द्वारा भोजन की व्यवस्था की जा रही है। मरीजों को प्रतिदिन तय मीनू के अनुसार पौष्टिक एवं शुद्ध भोजन देने की व्यवस्था की गई है। इसमें सुबह नाश्ता‚ दिन में भोजन‚ शाम में नाश्ता और रात का भोजन शामिल है। सभी सरकारी अस्पतालों में जीविका दीदियों के माध्यम से भोजन की व्यवस्था की जा रही है। आज हमने यहां दीदी का सिलाईघर एवं प्रशिक्षण सह उत्पादन केंद्र का भी निरीक्षण किया है। यहां मरीजों के लिए पोशाक बनाये जायेंगे। राष्ट्रपिता बापू के विचारों को मानने वाले हमलोग हैं। हमने कहा है कि यहां मरीजों के लिए पोशाक खादी के बनाये जायें और सतरंगी चादर हैंडलूम के बनाये जायें।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री का स्वागत स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने पुष्प गुच्छ एवं प्रतीक चिह्न भेंटकर किया। विधायक अमरेंद्र प्रताप सिंह एवं विधायक किरण देवी ने मुख्यमंत्री का पुष्प गुच्छ एवं अंग वस्त्र भेंटकर स्वागत किया। कार्यक्रम के दौरान बिहार राज्य मानसिक स्वास्थ्य एवं सहबद्ध विज्ञान संस्थान के निर्मित परिसर पर आधारित एक लघु फिल्म प्रदर्शित की गई। कार्यक्रम के दौरान उत्कृष्ट कार्य के लिए ग्रामीण विकास के सचिव बालामुरुगन डी‚ जीविका के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी राहुल कुमार और बीएमएसआईसीएल के प्रबंध निदेशक दिनेश कुमार सहित अन्य पदाधिकारियों एवं एलएंडटी कंपनी के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को भी स्मृति चिह्न भेंटकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम को उपमुख्यमंत्री सह स्वास्थ्य मंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव‚ मुख्य सचिव आमिर सुबहानी तथा स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर जल संसाधन सह सूचना एवं जन–संपर्क मंत्री संजय कुमार झा‚ विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह‚ विधायक रामविशुन सिंह‚ विधायक किरण देवी‚ विधान पार्षद राधाचरण सेठ‚ पूर्व मंत्री भगवान सिंह कुशवाहा सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे।







