प्रशांत किशोर ने बिहार के सीएम नीतीश कुमार को एक बार फिर से निशाने पर लिया है. प्रशांत किशोर ने नीतीश कुमार के पिछले दिनों हुए दिल्ली दौरे पर कहा कि ‘नीतीश जी की बात को कौन गंभीरता से लेगा. वो तो खुद दो महीने पहले भाजपा के साथ थे. अगर वो प्रयास कर रहे हैं और सभी को जोड़ पाते हैं तो अच्छा है, लेकिन जितना हमारा अनुभव है. इन सब बैठक से कुछ निकलता नहीं है.’ पीके ने कहा कि ‘ये ठीक है कि नीतीश कुमार पीएम का चेहरा हैं, लेकिन संविधान के मुताबिक हर आदमी पीएम पद का दावेदार हो सकता है.’
पीके ने कहा कि ‘नीतीश जी पहले सरकार चला रहे थे. पहले तो वो एनडीए में थे. अब सरकार बदली है, लेकिन सीएम तो नीतीश जी हैं, लेकिन मुझे सरकार को लेकर किसी बड़े वर्ग में कोई उत्साह नहीं दिखता है. बहुत सारे मुददों पर बात करनी हैं.’ अलग-अलग नेताओं से मुलाकात पर प्रशांत किशोर ने कहा कि ‘मैं इन सबको बहुत गंभीरता से नहीं लेता हूं. प्रशांत किशोर ने कहा कि दलों और पार्टियों के साथ आने से नया नहीं हो सकता. दिल्ली में बैठकर मुलाकात करने से कुछ खास होगा. ऐसा मुझे नहीं लगता है. अच्छा वो है जो सबको साथ ला सके.’ पीके ने कहा कि ‘मैं तो सब चीज से निकल गया हूं. मैंने मई में ही इसका ऐलान किया था, उसके बाद से बिहार के बाहर नहीं जा पाता हूं. जो मेरी सोच है, वो आपके सामने है.’
प्रशांत किशोर ने कांग्रेस के भारत जोड़ो यात्रा के संबंध में कहा कि ‘जब तक आप जनता की बात नहीं करेंगे, जनता से नहीं जुड़ेंगे तब तक ये संभव नहीं है. दूर से जो समझ आता है, जो यात्रा का उद्देश्य है, भाजपा जो काम कर रही है या नहीं कर रही है, उसके बारे में जनता बता रही है. वो राज्य होने चाहिए थे जहां भाजपा मजबूत है, लेकिन ये यात्रा वहां हो रही है, जहां भाजपा ज्यादा ताकतवर नहीं है. आप जनता के बीच जाते हैं तो फायदा तो होगा ही होगा, कितना होगा उसके बारे में नहीं बता सकता हूं. पीके ने कहा कि ये एक लंबा प्रयास है, भाजपा के खिलाफ लोगों के बीच में जाने का.’
प्रशांत किशोर ने कहा कि ‘एक बात साफ कर सकता हूं कि ये नहीं होगा कि एक तरफ 7 विपक्षी दल हों और एक तरफ भाजपा हो. जो भी होगा उसके बारे में अभी बताया नहीं जा सकता है.’ उन्होंने कहा कि ‘हम तो कुछ कर ही नहीं रहे हैं फिर ए टीम और बी टीम होने से क्या फर्क होता है. आप अपना काम करिए हम अपना काम करेंगे.’







