किंग चार्ल्स तृतीय को शनिवार को ‘एक्सेशन काउंसिल’ के एक ऐतिहासिक समारोह में ब्रिटेन का नया महाराज घोषित किया गया है। समारोह का पहली बार टेलीविजन पर प्रसारण भी हुआ है। उनकी मां एवं महारानी एलिजाबेथ द्वितीय का गुरुवार को निधन हो जाने के बाद 73 साल के पूर्व प्रिंस ऑफ वेल्स की ताजपोशी की गई है।
शनिवार का समारोह लंदन के सेंट जेम्स पैलेस में हुआ। यहां ताजपोशी की औपचारिक घोषणा हुई और उनके शपथ ग्रहण का आयोजन हुआ। किंग चार्ल्स तृतीय अपनी पत्नी, क्वीन कॉन्सर्ट कैमिला और अपने बेटे एवं उत्तराधिकारी प्रिंस विलियम के साथ समारोह में शरीक हुए। प्रिंस विलियम नए प्रिंस ऑफ वेल्स हैं।
आइए डालते हैं एक नजर
- इसके निर्माण का आदेश 1530 के दशक में हैनरी अष्टम ने दिया था. इसके पहले यहां सेंट जेम्स द लेस को समर्पित लीपर अस्पताल हुआ करता था.
- सेंट जेम्स पैलेस यूनाइटेड किंग्डम का सबसे पुराना शाही महल है. इसका निर्माण 1531 और 1536 के बीच लाल ईंट से किया गया था.
- ट्यूडर और स्टुअर्ट शासन के दौरान व्हाइटहॉल महल के बाद यह दूसरा सबसे प्रमुख महल और शाही निवास था.
- इस महल का महत्व हैनोवर सम्राटों के शासनकाल में फिर बढ़ा था.
- 1638 में चार्ल्स प्रथम ने यह महल अपनी सास मैरी डी मेडिसि को दे दिया, जो इसमें तीन वर्षों तक रहीं.
- चार्ल्स द्वितीय, जेम्स द्वितीय, मैरी द्वितीय और ऐन इन सभी का जन्म इसी महल में हुआ था.
- 1809 में लगी आग ने सेंट जेम्स पैलेस के कुछ हिस्सों को नष्ट कर दिया था, जिन्हें आज तक नहीं बदला गया है.
- हालांकि सेंट जेम्स पैलेस अब सम्राट का शाही आवास नहीं है, लेकिन उत्तराधिकार निर्धारण समिति की औपचारिक बैठक यहीं होती है.
- 18वीं सदी के अंत और 19वीं सदी की शुरुआत में बकिंघम पैलेस के निर्माण के बाद सेंट जेम्स पैलेस की महत्ता कम हो गई.
- 1837 में महारानी विक्टोरिया सेंट जेम्स पैलेस छोड़ कर बकिंघम पैलेस में रहने लगी थीं.







