बिहार विधानसभा अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए महागठबंधन की तरफ से राजद के वरिष्ठ नेता अवध बिहार चौधरी ने विधानसभा पहुंचकर अपना नामांकन दाखिल कर दिया है. इसके साथ ही रामचंद्र पूर्वे ने बिहार विधान परिषद के उपसभापति पद के लिए पर्चा दाखिल किया. इस मौके पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव समेत महागठबंधन के सभी दलों के वरिष्ठ नेता मौजूद रहे. अपना नामांकन दाखिल करने के बाद अवध बिहारी चौधरी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के चेंबर में पहुंचे और उनसे मुलाकात की.
राजद के कोटे में गया है अध्यक्ष का पद
विधानसभा अध्यक्ष की कुर्सी बिहार विधानसभा में राष्ट्रीय जनता दल के पास जानी है. ऐसे में राजद ने अवध बिहारी चौधरी का नाम स्पीकर के लिए तय कर रखा था. आज अवध बिहारी चौधरी स्पीकर पद के लिए अपना नामांकन दाखिल कर दिया. अवध बिहारी चौधरी राजद के सबसे वरिष्ठ विधायक हैं. उनके पास लंबा विधायक अनुभव है और इसी लिहाज से उन्हें तेजस्वी यादव और लालू यादव ने स्पीकर की कुर्सी के लिए चुना है.
छह बार विधायक रह चुके हैं चौधरी
लालू यादव और उनके परिवार के बेहद करीबी माने जाने वाले अवध बिहारी चौधरी सीवान जिले से आते हैं. अवध बिहारी चौधरी 6 बार विधायक चुने जा चुके हैं. 76 साल के अवध बिहारी चौधरी कैबिनेट मंत्री भी रह चुके हैं. लालू यादव ने उन्हें अपनी पार्टी का संसदीय बोर्ड का अध्यक्ष बना रखा था और अब उनके ऊपर यह बड़ी जिम्मेदारी है.
कल दिया था विजय सिन्हा ने इस्तीफा
नीतीश कुमार की नयी सरकार ने बिहार विधानसभा में बुधवार को विश्वासमत हासिल कर किया. इसके ठीक पहले विधानसभा अध्यक्ष की कुर्सी से विजय कुमार सिन्हा ने इस्तीफा दे दिया. विजय कुमार सिन्हा के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था. विजय कुमार सिन्हा के इस्तीफे के बाद सदन का संचालन पहले नरेंद्र नारायण यादव ने संभाला और फिर बाद में डिप्टी स्पीकर महेश्वर हजारी के आसन पर रहते हुए विश्वास मत के ऊपर चर्चा हुई और फिर मत विभाजन के जरिए सरकार ने इसे सदन में साबित भी कर दिया, लेकिन अब विधानसभा के अंदर नए अध्यक्ष का चुनाव होना है.
देवेश चंद्र ठाकुर विधान परिषद के सभापति निर्वाचित, ग्रहण किया पदभार, नीतीश कुमार ने किया अभिनंदन
बिहार विधान परिषद के सभापति के तौर पर देवेश चंद्र ठाकुर ने गुरुवार को अपना पदभार ग्रहण कर लिया. बुधवार को देवेश चंद्र ठाकुर ने इस पद के लिए नामांकन किया था. आज उन्हें निर्विरोध निर्वाचित कर दिया गया. देवेशचंद्र ठाकुर विधान परिषद के 12वें स्थायी सभापति बने हैं. विधान परिषद के 85 साल के इतिहास में अब तक केवल 11 ऐसे सभापति हुए हैं, जो स्थायी रहे हों, इसके अलावे सदन की जिम्मेदारी कार्यकारी सभापतियों के जिम्मे रही है. आज देवेश चंद्र ठाकुर स्थायी सभापति के तौर पर आज कामकाज संभाल लिया. सदन की तरफ से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने नवनिर्वाचित सभापति देवेश चंद्र ठाकुर का अभिनंदन किया.
पूरे सदन की तरफ से अभिनंदन
देवेश चंद्र ठाकुर के निर्वाचन को लेकर आज विधान परिषद की विशेष बैठक बुलायी गयी है. इस अवसर पर सीएम ने नवनिर्वाचित सभापति देवेश चंद्र ठाकुर को शुभकामनाएं दी. सीएम नीतीश कुमार ने सदन में कहा कि आज नये सभापति ने आसन ग्रहण कर लिया, लेकिन पुराने सभापति अवधेश नायारण सिंह को कभी नहीं भूलेंगे, वे सभी का ध्यान रखते थे. नये सभापति से भी सभी को उम्मीद है कि सभी काम अच्छे ढंग से होंगे और सदन अच्छी तरह से चलेगा. मुख्यमंत्री ने पूरे सदन की तरफ से उनका अभिनंदन किया.
सदन में लोकतंत्र की रक्षा होगी
वहीं सदन में नेता प्रतिपक्ष के तौर पर मौजूद सम्राट चौधरी ने भी सभापति चुनाव में निर्विरोध निर्वाचित होने पर बधाई दी. विपक्ष की तरफ ने सम्राट चौधरी ने सभापति को आश्वस्त किया कि उन्हें विपक्ष की तरफ से पूरा सहयोग दिया जाएगा. लोकतंत्र बचाने के लिए जब भी जरूरत होगी तो पूरा विपक्ष उनके साथ खड़ा होगा. वहीं उन्होंने विधान परिषद के पूर्व सभापति अवधेश नारायण सिंह के कार्यों की सराहना की. उन्होंने भरोसा जताया कि सदन में लोकतंत्र की रक्षा होगी.
पूर्व सभापति का जताया आभार
वहीं डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने भी निर्विरोध निर्वाचित होने पर सभापति देवेश चन्द्र ठाकुर को शुभकामनाएं दी. उन्होंने सदन को भरोसा दिलाया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में गठित महागठबंधन की नयी सरकार जनता की सेवा में कोई कमी नहीं छोड़ेगी और बिहार को आगे बढ़ाने सरकार का पूरा प्रयास रहेगा. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार के विकास के लिए जो काम किया है उसे और ऊंचाईयों तक पहुचाने की कोशिश की जाएगी. वहीं उन्होंने कहा कि पूर्व सभापति अवधेश नारायण सिंह अपने कार्यकाल में आसन के दायित्वों को पूरी निष्पक्षता से निभाने का काम किया.







