देखा जाए तो यह ऐसी भूल थी जिसका परिणाम दो परमाणु शक्तियों में अप्रत्याशित तनाव का कारण बन सकता था। मार्च में गलती से पाकिस्तान की ओर मिसाइल दागने की सजा तीन अफसरों को सेवा से बर्खास्तगी के रूप में मिली है। यह वाकया नौ मार्च को सामने आया था जब दुर्घटनावश एक ब्रह्मोस मिसाइल पाकिस्तान की दिशा में दग गई थी। यह मिसाइल पाक के भीतर १२४ किमी. दूर एक निर्जन ग्रामीण इलाके मियां चानू में गिरी थी। संयोगवश इसमें कोई वारहेड़ नहीं था। लिहाजा‚ जान–माल का कोई नुकसान नहीं हुआ। पाक की कड़़ी आपत्ति के बाद रक्षा मंत्रालय ने गहरा खेद जताया और मामले की कोर्ट ऑफ इंक्वायरी (सीओए) शुरू की। इस जांच में ेंपाया गया कि तीन अधिकारियों ने मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) का पालन नहीं किया था। केंद्र सरकार ने तीनों की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दीं। इन्हें २३ अगस्त को बर्खास्तगी के आदेश दे दिए गए। समझा जाता है कि बर्खास्त अधिकारियों में एक ग्रुप कैप्टन हैं। रक्षा मंत्रालय का कहना था कि तकनीकी खराबी के कारण नियमित रख–रखाव के दौरान दुर्घटनावश एक मिसाइल दग गई थी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने संसद में बयान दिया था कि सरकार ने इस घटना को बहुत ही गंभीरता से लिया है तथा उच्चस्तरीय जांच कराई जा रही है। हम अपनी हथियार प्रणालियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हैं। अगर कोई कमी पाई जाती है तो उसे तत्काल दूर किया जाएगा। जिस वक्त यह घटना हुई उन दिनों पाकिस्तान आंतरिक राजनीतिक उथल–पुथल से गुजर रहा था। इसलिए बात आगे नहीं बढ़ी वरना परस्पर प्रतिद्वंद्वी दोनों देशों में तनाव किसी भी हद तक जा सकता था। इस घटना में दगी मिसाइल ब्रह्मोस थी। सर्जिकल स्ट्राइक के बाद से ही पाकिस्तान भारत को लेकर सतर्क रहता है। पाकिस्तानी सेना में भी ऐसे तत्व हैं जिनका अस्तित्व भारत विरोध पर ही टिका है। ब्रह्मोस मिसाइल परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम है। यह जमीन‚ हवा और पानी से दागी जा सकती है। यह दुनिया की सबसे तेज सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल है‚ और इसे रूस और भारत के रक्षा संस्थानों ने मिलकर बनाया है। मामला फिलहाल सुलझ गया लगता है लेकिन ऐसे मामलों में मानक संचालन प्रक्रिया को और सख्त बनाना होगा ताकि भविष्य में ऐसी भूल की गुंजाइश ही न रहे।
भारत के मंदिरों को चलाने में सरकार की क्या है भूमिका?
अयोध्या में भव्य राम जन्मभूमि मंदिर के निर्माण और प्राण प्रतिष्ठा के बाद से ही यहां देश और दुनिया से...






