मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गया जिले में इस वर्ष आयोजित होने वाले पितृपक्ष मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बेहतर और व्यापक तैयारी करने का निर्देश दिया है। मुख्यमंत्री ने सोमवार को गया में पितृपक्ष मेला क्षेत्र के विभिन्न स्थलों का भ्रमण कर जायजा लिया। उन्होंने सबसे पहले विष्णुपद मंदिर में पूजा–अर्चना कर राज्य की सुख–शांति एवं समृद्धि की कामना की।
उसके बाद उन्होंने देवघाट का निरीक्षण किया और रबड डैम परियोजना की कार्य प्रगति की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस परियोजना से पितृपक्ष मेला अवधि में एवं साल भर तीर्थयात्रियों के लिए फल्गु नदी में जल की उपलब्धता रहेगी। मुख्यमंत्री ने सीता–कुंड का भी निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को रबड डैम से सीता कुंड को कनेक्ट करने के लिए मार्ग का निर्माण कराने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने सीता कुंड में पूजा–अर्चना कर राज्य की सुख–शांति एवं समृद्धि की कामना की। इसके बाद उन्होंने अक्षय वट का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि यहां पर नियमित तौर पर साफ–सफाई के साथ–साथ सभी प्रकार की सुविधाएं सुनिश्चित करें‚ ताकि पिंडदानियों को किसी प्रकार की कठिनाई न हो। इसके बाद मुख्यमंत्री ने ब्रह्म सरोवर एवं वैतरणी सरोवर का भी निरीक्षण किया और साफ–सफाई की व्यवस्था बनाये रखने का अधिकारियों को निर्देश दिया। भ्रमण करने के बाद मुख्यमंत्री ने गया समाहरणालय स्थित सभाकक्ष में पितृपक्ष मेले की तैयारियों के संबंध में समीक्षा बैठक की। बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि पितृपक्ष मेले में देश के कोने–कोने एवं विदेशों से तीर्थयात्री बडी संख्या में श्रद्धाभाव से अपने पूर्वजों का पिंडदान और तर्पण करने गया की मोक्षभूमि आते हैं। पितृपक्ष मेले की महत्ता को देखते हुए श्रद्धालुओं की सुविधाओं को लेकर व्यापक एवं बेहतर तैयारी रखें। उन्होंने कहा कि मैं इस बात को नहीं भूल सकता हूं कि एक बार मुझे एक महिला श्रद्धालु ने बताया था कि यहां पिंडदानियों को काफी दिक्कत होती है। जब से हमें काम करने का मौका मिला‚ हमने पिंडदानियों की सुविधाओं को लेकर हमेशा कई काम किये। हर वर्ष पितृपक्ष मेले की तैयारियों का जायजा लेने आते हैं और श्रद्धालुओं की हर प्रकार की सुविधाएं सुनिश्चित की जाती हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि श्रद्धालुओं को हर प्रकार की सुविधा मिलनी चाहिए। उनके आवासन की भी बेहतर व्यवस्था होनी चाहिए। घाट‚ मंदिर‚ वेदी‚ तालाब एवं पूरे शहर की साफ–सफाई की बेहतर व्यवस्था रखें। बिजली की निर्बाध आपूर्ति रखें। जो पशु शहर के अंदर विचरण कर रहे हैं‚ उन्हें गौशाला में रखने की व्यवस्था करें। सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरतें। असामाजिक तत्वों पर भी विशेष नजर रखें। वृद्ध एवं दिव्यांगजनों के आवागमन की विशेष सुविधा रखें। श्रद्धालुओं के भोजन की शुद्धता का ख्याल रखें।
राजगीर‚ नवादा‚ गया एवं बोधगया में लोगों को गंगा का जल शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए काम किया जा रहा है। यह काम जल्द पूरा हो जायेगा‚ तो खुशी मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि गया सिर्फ राज्य ही नहीं‚ बल्कि पूरे देश और दुनिया के लिए ऐतिहासिक और पौराणिक स्थल है। गया शहर को सभी लोग गया जी के नाम से संबोधित करते हैं। गया शहर की विभिन्न शहरों से बेहतर कनेक्टिविटी की गयी है‚ ताकि लोगों को यहां आवागमन में सहूलियत हो। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि मेले से अच्छे अनुभव लेकर लोग जायेंगे‚ तो बाहर प्रशंसा करेंगे। इससे राज्य का नाम रौशन होगा और हम सभी को आत्मसंतुष्टि मिलेगी।







