मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के गृह क्षेत्र नालंदा में पहुंच कर पूर्व केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह ने उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. नूरसराय प्रखंड के कुंदी गांव में आम जनता मिलन समारोह में शामिल हुए आरसीपी ने सीएम नीतीश कुमार को आड़े हाथ लिया.
आरसीपी सिंह ने कहा, ‘मैं कभी झूठ नहीं बोलता, हमें मंत्री पद से इसलिए हटाया गया कि हमारे बढ़ते कद से लोग जलने लगे थे.’ आरसीपी सिंह ने इस आम जनता मिलन समारोह में अपने केंद्रीय मंत्री बनने की पूरी दास्तान भी सुनाई कि कैसे केंद्र से प्रस्ताव आया और कैसे मेरा नाम केंद्र के पास भेजा गया.
आरसीपी सिंह ने नीतीश सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि अगर सरकार और नेता नहीं बदले तो यही होगा जो पिछले 30 सालों से बिहार में होता आ रहा है. उन्होंने अपने भाषण के दौरान केंद्र के द्वारा चलाई जा रहे हैं सभी योजनाओं की प्रशंसा की. उन्होंने राज्य सरकार के कार्यों की आलोचना करते हुए जनता से कहा कि अगर तवे पर रोटी पलटी नहीं जाए तो क्या होगा? उन्होंने कहा कि अगर पलटी नहीं जाए तो वह जल जाएगी और ऐसी ही राजनीति बिहार में चल रही है.
आरसीपी सिंह ने राज्य सरकार पर हमला बोलते हुए सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य के मुद्दे पर प्रदेश सरकार को जमकर लताड़ा. साथ ही बिहार में बढ़ रहे भ्रष्टाचार और आपराधिक घटनाओं को लेकर कहा कि यह सिर्फ सरकार की नाकामी की वजह से है. उन्होंने जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह पर हमला बोलते हुए कहा कि हम मंत्री बनाए गए तो उन्हें जलन होने लगी. हमारे इस्तीफा देने से आप अगर मंत्री बनते तो हम ही माला पहना देते.
पूर्व केंद्रीय मंत्री रामचंद्र प्रसाद सिंह उर्फ आरसीपी सिंह अब राज्य में सत्ताधारी दल जदयू से बाहर हो चुके हैं। इसके बावजूद जदयू से उनका पीछा नहीं छूट रहा है। आरसीपी अपनी पुरानी पार्टी जदयू पर लगातार हमलावर हैं, तो जदयू भी उन्हें छोड़ने के मूड में नहीं है। यही वजह है कि आरसीपी की चर्चा जदयू की हर जिला इकाई में हो रही है। अब प्रदेश जदयू की सभी जिला इकाइयों ने अपनी जिला कार्यकारिणी की बैठक कर पूर्व केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह को भाजपा का एजेंट बताते हुए उनकी कड़ी निंदा की।
जदयू की जिला कार्यकारिणियों की बैठक में आरसीपी के बयान और कार्यशैली की आलोचना की गयी। जदयू नेताओं ने एक स्वर में कहा कि पूर्व केंद्रीय मंत्री ने मुख्यमंत्री के भरोसा को तोड़ा ही नहीं बल्कि उनके पीठ में खंजर भोंका। बिहार की जनता उन्हें कभी माफ नहीं करेगी।
जदयू संगठन को कमजोर करने का आरोप
वहीं जदयू प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने कहा कि आरसीपी अनर्गल बयान देकर लोगों को बरगलाने की कोशिश कर रहे हैं। यह आश्चर्यजनक और निंदनीय है। अपने ओहदे का उन्होंने दुरुपयोग किया। उमेश ने कहा कि आरसीपी सिंह का यह दायित्व बनता था कि वे मुख्यमंत्री की नीतियों को आगे बढ़ाने का काम करते लेकिन स्वार्थ के कारण उन्होंने भाजपा से साठगांठ कर जदयू को कमजोर करने का काम किया।
जदयू को हराने के लिए भाजपा संग मिले
मंत्रिमंडल में शामिल होने की लालसा में उन्होंने अपने नेता की सोच और पूर्व में लिए गए निर्णय तक की अवहेलना की। वर्ष 2020 के चुनाव में जदयू को 43 सीट तक पहुंचाने के लिए भी बहुत हद तक वही जिम्मेदार हैं। उनके हालिया बयान से तो यह स्पष्ट भी हो गया है कि भाजपा के साथ मिलकर वह बहुत पहले से खेल कर रहे थे। इन कार्यों के चलते ही वह राजनीति में हाशिए पर चले गए।







