SSC भर्ती घोटाला: कोर्ट ने पार्थ चटर्जी और अर्पिता को 18 अगस्त तक न्यायिक हिरासत में भेजा .
ED ने कोर्ट में बताया कि कुल 49.8 करोड़ रुपए की बरामदगी हुई है. ईडी का कहना था कि 1 नवंबर 2012 को पार्थ और अर्पिता ने साझेदारी की शुरुआत की थी. उन्होंने बेलघोरिया फ्लैट में कंपनी बनाई, जहां से कैश वसूल किया गया था. दोनों के फोन का डेटा भी बरामद किया गया है.
मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंसे पार्थ चटर्जी और अर्पिता मुखर्जी को एक बार फिर झटका लगा है. शुक्रवार को कोलकाता के सिटी सेशन कोर्ट में जमानत पर सुनवाई की गई. कोर्ट ने पार्थ चटर्जी और अर्पिता को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. यानी दोनों 18 अगस्त तक ज्यूडिशियल कस्टडी में रहेंगे. ईडी ने दोनों की कस्टडी मांगी थी. ईडी का कहना था कि अभी दोनों से जरूरी पूछताछ होना बाकी है.
कोर्ट में अर्पिता मुखर्जी के वकील ने कहा कि उनकी जान को खतरा है. हम उनके (अर्पिता) लिए एक डिवीजन 1 कैदी कैटेगिरी चाहते हैं. उनके भोजन और पानी की पहले जांच की जानी चाहिए और फिर उन्हें दिया जाना चाहिए. ईडी के वकील ने भी समर्थन किया कि अर्पिता की सुरक्षा बढ़ा देना चाहिए. अर्पिता को 4 से ज्यादा कैदियों के साथ नहीं रखा जा सकता है.
ईडी ने कोर्ट में कहा है कि अर्पिता मुखर्जी को लेकर खतरे की आशंका है. अर्पिता को सुरक्षा दी जानी चाहिए. ईडी ने कहा कि टेस्ट करने के बाद ही अर्पिता को भोजन और पानी दिया जाना चाहिए . वहीं, पार्थ को लेकर कोई खतरा नहीं जताया है.







