राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के द्वारा पोपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) की तुलना राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से करने से नया विवाद खड़ा हो गया है. पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह ने कहा कि पीएफआई भी आरएसएस के तरह अपने समुदाय के लिए कुछ करना चाहता है, लेकिन उन्हें एंटी नेशनल क्यों बोला जा रहा है, यह समझ में नहीं आ रहा है. उन्होंने यह भी कहा कि जब भी भारत की सुरक्षा के लिए खतरा समझे जाने वाले लोग (आतंकवादी) पकड़े गए, पाकिस्तानी एजेंट के रूप में वो सभी आरएसएस और हिंदू समाज के लोग थे.
जगदानंद सिंह इतने पर ही नहीं रूके. उन्होंने कहा कि यह लोग तो नमाजियों और दाढ़ी वालों को मुसलमान समझकर काट रहे हैं. यह लोग अपने लोगों और अपने कैडर से मॉल में नमाज पढ़वा कर विवाद खड़ा कर रहे हैं कि मॉल में नमाजी आ गए हैं. बता दें कि जगदानंद सिंह ने उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के लुलु मॉल नमाज मामले से जोड़ कर यह बयान दिया है.
आरएसएस को लेकर की गई जगदानंद सिंह की बयानबाजी ने बीजेपी को भड़का दिया. बिहार बीजेपी के प्रवक्ता अरविंद सिंह ने कहा कि वैसे तो जगदानंद सिंह समझदार राजनेता हैं, लेकिन अब इन्होंने साबित कर दिया है कि पद (आरजेडी के प्रदेश अध्यक्ष) पर बने रहने के लिए उन्होंने अपनी जमीर बेच दी है. हालाकि उन्हें न तो राज्यसभा की सीट नसीब हुई, और न ही लोकसभा का टिकट, लेकिन फिर भी वो अपने बेटे समान तेजस्वी यादव को खुश करने के लिए हल्की बयानबाजी कर रहे हैं.
पेंडुलम हैं नीतीश, बिना सहारा आगे नहीं बढ़ सकते’
CM नीतीश कुमार का RJD में स्वागत है। लेकिन, CM बनने के लिए नहीं CM बनाने के लिए…ये कहना है RJD के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह का। जगदानंद सिंह CM नीतीश कुमार पर हमला करते हुए कहा कि नीतीश कुमार का तो कोई राजनीतिक ताकत है ही नहीं। 2014 के लोकसभा चुनाव में उनको पता चल चुका है।
जगदानंद सिंह ने कहा कुछ पौधे ऐसे होते हैं जो बिना किसी सहारे के बढ़ नहीं सकते हैं, ना आगे ऊंचा देख सकते हैं। ठीक उसी तरह नीतीश कुमार को भी सहयोग चाहिए, कभी मोदी का तो कभी लालू प्रसाद का, पेंडुलम की तरह घूमते रहते हैं, इनमें स्थिरता है ही नहीं। अगर आत्मसम्मान रहता नीतीश को इतनी बदनामी और बेइज्जती झेलने के बाद मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बीजेपी के साथ नहीं रहते।

जनता का मैंडेट लूट लिया- जगदानंद सिंह
जगदानंद सिंह ने कहा कि नीतीश सहयोग की चीज है क्या ? ये तो जनता के लिए बिल्कुल ठुकराए जा चुके हैं। एक व्यक्ति के रूप में आये, सदस्य बन के रहना चाहते हैं तो हम लोग को कोई एतराज नहीं है। लेकिन, मुख्यमंत्री की कुर्सी तेजस्वी के लिए जनता ने तय कर दिया है। जनता का मैंडेट उन्होंने लूट लिया है, इसका वे प्रायश्चित करें। जिसके लिए जनता ने जनादेश दिया था, इस पर इन्होंने दंगाइयों उनमादियों के कहने से डकैती डाले है। नीतीश जी जनता से माफी मांगे और तेजस्वी को बैठाए।
‘स्वागत नीतीश का नहीं, तेजस्वी का होगा’
राजद के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि नीतीश जी समाजवादी बीज है। यह अलग है कि समय ने उनको वहां पहुंचा दिया। समाजवादी साथियों को भी उन्होंने भटका कर वहां पर ले गए, नीतीश जी अगर डॉक्टर लोहिया के और कपूरी ठाकुर के सिद्धांतों पर चलते हैं , और जो लालू जी के संघर्षों के साथ चले हैं वह आए उनका स्वागत है। नीतीश कुमार के स्वागत पर जगदानंद सिंह ने कहा नीतीश जी अब हैं किस काम के जो उनका स्वागत किया जाए। उनको स्वागत करना है तेजस्वी यादव का, वह कब स्वागत करते हैं और कुर्सी का लालच कब छोड़ेंगे। यह उन को तय करना है।

पहले लालू का अब तेजस्वी का कर रहे दंडवत – JDU
इस बयान के बाद JDU पूरी तरह से तिलमिला गई। जगदानंद सिंह के इस बयान पर JDU के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा कि जगदानंद सिंह की पात्रता में कोई कमी है क्या? या राजनीतिक रुप से अयोग्य है ? लालू यादव का दंडवत तो किए ही अब तेजस्वी यादव का दंडवत कर रहे हैं। आपको तो परिवार के तरफ से राजनीतिक मोक्ष मिल ही गया है।
नीतीश कुमार उस धारा के लोग नहीं है। नीतीश कुमार के लिए बिहार में विकल्प की राजनीति की ही नहीं जा सकती है। बेचैन आत्मा की तरह तड़पते रहे, नीतीश कुमार जनता के आशीर्वाद से मुख्यमंत्री बने रहेंगे। जगदानंद सिंह आपकी भी विधायी अनुभव ज्यादा रहा है फिर आप में पात्रता की कैसी कमी रह गई।
बता दें कि पिछले दिनों कुछ इस तरह का बयान आरजेडी के नेता और फुलवारी शरीफ के पूर्व विधायक श्याम रजक ने भी दिया था. वहीं, पटना के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) मानवजीत सिंह ढिल्लों ने भी एक प्रेस वार्ता के दौरान पीएफआई की तुलना आरएसएस से कर दी थी. हालांकि विवाद खड़ा होने के बाद उन्होंने अपने बयान को लेकर सफाई दी थी, लेकिन इसके बावजूद दिल्ली के एक थाना में उनके विरुद्ध लिखित शिकायत दर्ज की गई थी.







