भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा पटना में 2 दिनों के प्रवास पर रहेंगे। दरअसल, पटना में राष्ट्रीय स्तर पर भाजपा के संयुक्त मोर्चा की कार्यसमिति बैठक होने वाली है। भाजपा के इतिहास में पहली बार इस तरह की बैठक होगी। इस बैठक में सभी प्रदेशों के, सभी मोर्चों के अध्यक्ष , पदाधिकारी और सभी मोर्चों के राष्ट्रीय अध्यक्ष और राष्ट्रीय पदाधिकारी मौजूद रहेंगे। इस संयुक्त मोर्चा के कार्यसमिति की बैठक की अध्यक्षता राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा करेंगे। इसको लेकर बिहार भाजपा ने अपनी तैयारी शुरू कर दी है।
सातों मोर्चो के सभी नेता पटना आएंगे
इस बैठक को लेकर बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल ने बताया कि भारतीय जनता पार्टी इतिहास में पहली बार संयुक्त मोर्चा की राष्ट्रीय बैठक पटना में करने वाली है। भारतीय जनता पार्टी के संगठन में सात मोर्चे हैं। भारतीय जनता युवा मोर्चा, महिला मोर्चा, अनुसूचित जाति जनजाति मोर्चा, अल्पसंख्यक मोर्चा, पिछड़ा मोर्चा, किसान मोर्चा। सभी मोर्चों के राष्ट्रीय, प्रदेश के अध्यक्ष और पदाधिकारी इस बैठक में मौजूद रहेंगे।

दो दिनों तक जेपी नड्डा पटना में प्रवास करेंगे
संजय जायसवाल ने कहा कि कार्य समिति की बैठक पटना में होगी। इस कार्यक्रम में भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा मौजूद रहेंगे। वह 2 दिनों तक यहां मौजूद रहेंगे। पटना इस बैठक का साक्षी बनेगा कि इतिहास में पहली बार संयुक्त मोर्चा की बैठक होगी। इसके लिए 30 जुलाई और 31 जुलाई को बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा पटना रहेंगे।
भाजपा का 12 सालों के बाद राष्ट्रीय कार्यक्रम
2010 के बाद भाजपा 12 सालों के बाद राष्ट्रीय स्तर पर मोर्चों की संयुक्त कार्यकारिणी की बैठक कर रही है। सभी मोर्चों के संयुक्त कार्यकारिणी की बैठक को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वर्चुअल संबोधित कर सकते हैं। 2010 में जब नरेंद्र मोदी PM नहीं थे तो उन्होंने कार्यकारिणी की बैठक में हिस्सा लिया था और गांधी मैदान में रैली की थी।

प्रमुख नेता 2-2 दिन जिलों में करेंगे प्रवास
कार्यकारिणी की संयुक्त बैठक से दो दिन पहले मोर्चों के सभी प्रमुख नेता बिहार के अलग अलग जिलों में दो दिन बिताएंगे। तेलंगाना में हुई राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक की तर्ज पर सभी नेताओं को उनके दो दिन प्रवास की सूचना पहले ही भेज दी जाएगी, मंशा ये है कि ऐसे प्रवास के जरिए बीजेपी जमीनी हकीकत के इनपुट अपने नेताओं के ज़रिए हासिल करना चाहती, नेताओं से मिले इनपुट से पार्टी को संगठन में बदलाव से लेकर चुनावी तैयारियों तक की रणनीति बनाने में आसानी होगी। इस लिए पहले बिहार को चुना गया है। क्योंकि आने दो-तीन महीनों संगठन का भी चुनाव होना है।







