मुख्यमंत्री के जनता दरबार में आज राजस्व विभाग और पुलिस विभाग के अधिकारियों के खिलाफ ज्यादातर शिकायतें आई है और मुख्यमंत्री ने कई मामले में खुद अधिकारियों से बात कर शीघ्र कार्रवाई का निर्देश दिया है.
एक बुजुर्ग ने शिकायत करते हुए कहा कि उनकी जमीन को गलत तरीके से लिखवा लिया है और अब जान से मारने की धमकी दिया जा रहा है.इस शिकायत के बाद मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को खुद फोन करके तत्काल निपटारे का आदेश दिया है.
वहीं एक युवति ने अपने चाचा के खिलाफ शिकायत की है कि उन्हौने जमीन कब्जा लिया है.एक पश्चिम चंपारण की महिला ने शिकायत की कि उसके बेटे की हत्या पिछले साल कर दी गई थी और अब वही अपराधी परिवार के अन्य लोगों की हत्या की धमकी दे रहा है.इस शिकायत पर मुख्यमंत्री ने खुद से अधिकारियों को फोन कर कार्रवाई का निर्देश दिया है.
एक शिकायतकर्ता ने कहा कि पुलिस ने गलत तरीके से उनके छोटे छोटे बच्चें को केस में नाम दे दिया है. मुजफ्फरपुर के एक सख्स ने शिकायत की है कि 2018 में उसके बेटे की हत्या कर दी गई.पुलिस आरोपी से मिलकर कोई कार्रवाई नहीं कर रही है और शिकायत करने पर पुलिस उन्हें ही तंग कर रही है.
वहीं शेखपुरा से आए एक सख्स ने शिकायत करते हुए कहा कि वहां के अंचलाधिकारी गलत तरीके से जमाबंदी कर रहा है.इसके बाद सीएम नीतीश ने खुद से अधिकारियों को फोन करके मामले विशेष जांच कर कार्रवाई का निर्देश दिया है.
अररिया से आए युवक ने आरोप लगाया कि उसके ऊपर घर में घुसकर जिस तरह जानलेवा हमला हुआ. उस मामले में आरोपी को पुलिस ने पैसे लेकर छोड़ दिया. युवक ने कहा कि आरोपी की गिरफ्तारी नहीं की गई और उसे जमानत पर रिहा कर दिया गया.
मुख्यमंत्री के जनता दरबार में जमीन और पुलिस से जुड़े आज कई मामले सामने आए. नीतीश कुमार के सामने आए एक बुजुर्ग ने यह कहा कि थाने में शिकायत करने पर पुलिस शिकायत दर्ज नहीं करती. एसपी साहब को आवेदन दिया, लेकिन एसपी साहब ने भी कुछ नहीं किया. इतना ही नहीं जमीन कब्जे से जुड़े कई मामलों को लेकर फरियादी नीतीश कुमार के सामने पहुंचे.
एक फरियादी ने मुख्यमंत्री के सामने गुहार लगाई कि फोरलेन में कुछ लोगों की जमीन चले जाने के बाद दबंगों ने उसकी जमीन पर कब्जा कर लिया. जमीन पर जबरन कब्जा करने के कई मामले मुख्यमंत्री के सामने पहुंचे, लेकिन बिहार में भ्रष्ट पुलिसिंग को लेकर जो आरोप मुख्यमंत्री के सामने फरियादियों ने लगाए उसे सुनकर नीतीश भी हैरत में पड़ गए. हालांकि नीतीश कुमार ज्यादा कुछ नहीं कर पाए. उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को कार्रवाई करने का निर्देश दिया.







