सेना में भर्ती के लिए मोदी सरकार की अग्निपथ योजना ने बिहार सहित पूरे देश में युवाओं को झकझोर दिया है। देश के कई हिस्सों से उनकी आत्महत्या की खबरें मिल रही हैं। ट्रेनें जलायी जा रही हैं। सरकार भी अड़ी हुई है। अब आइसा-इनौस, रोजगार संघर्ष संयुक्त मोर्चा और सेना भर्ती जवान मोर्चा ने 18 जून को बिहार बंद का आह्वान किया है।
बंद को सक्रिय रूप से समर्थन देने की अपील
अब सेना भर्ती जवान मोर्चा के संयोजक राजू यादव, इनौस के राष्ट्रीय अध्यक्ष व अगिआंव विधायक मनोज मंजिल, आइसा के महासचिव व पालीगंज विधायक संदीप सौरभ, इनौस के बिहार राज्य अध्यक्ष व डुमरांव विधायक अजीत कुशवाहा, इनौस के राज्य अध्यक्ष आफताब आलम, राज्य सचिव शिवप्रकाश रंजन, आइसा के राज्य सचिव सबीर कुमार और राज्य अध्यक्ष विकास यादव ने संयुक्त रूप से बंद का आह्वान किया है। उन्होंने राजनीतिक-सामाजिक संगठनों व बिहार की जनता से सेना व युवाओं के भविष्य को बचाने के लिए बिहार बंद को सक्रिय रूप से समर्थन देने की अपील भी की है।
बिहार बंद के बाद भारत बंद की ओर कदम बढ़ेगा
छात्र-युवा नेताओं ने कहा कि यदि सरकार राष्ट्रीय सुरक्षा से खिलवाड़ और युवाओं का मजाक उड़ाने वाली इस योजना को वापस नहीं लेती, तो बिहार बंद के बाद भारत बंद की ओर कदम बढ़ाया जाएगा। यह कैसा मजाक है कि महज 4 साल काम करने के बाद जब युवाओं की असली जिंदगी शुरू होगी, तब उन्हें रिटायर्ड कर दिया जाएगा। हमारी मांग है कि कृषि कानूनों की तरह इस योजना को अविलंब रद्द किया जाए और बिना किसी देरी के सशस्त्र बलों में नियमित भर्ती की बहाली प्रक्रिया शुरू की जाए।
आज शुक्रवार सुबह से लेकर अब तक पटना जंक्शन, राजेन्द्र नगर, दानापुर, मुजफ्फरपुर बिहार के अलग-अलग स्टेशनों से खुलने वाली और यहां से अप व डाउन में गुजरने वाली कुल 164 ट्रेनों को रेलवे ने कैंसिल कर दिया है। कुल 64 ट्रेनों का शॉर्ट टर्मिनेशन हुआ है। 10 ट्रेनों को बीच रास्ते से वापस चलाया गया है। कुल 12 ट्रेनें रिशिड्यूल की गई हैं। 1 ट्रेन का को बदले हुए रूट से चलाया गया है। जबकि, 1 ट्रेन के परिचालन दोबारा शुरू किया गया है।
दोपहर 3:45 के बाद रेलवे ने पटना-इंदौर, पाटलिपुत्र-लोकमान्य तिलक सुपरफास्ट, पटना- एर्नाकुलम एक्सप्रेस, राजगीर-नई दिल्ली श्रमजीवी एक्सप्रेस, पटना-कोटा और दानापुर-सिकंदराबाद एक्सप्रेस सहित कुल 40 ट्रेनों को कैंसिल कर दिया है। इसके पहले 124 ट्रेनें रद्द की गई थीं।
बिहार में शुक्रवार को सबसे पहले सोनपुर रेल डिवीजन के बछवारा और हाजीपुर के बीच मोहद्दीन नगर स्टेशन पर युवाओं की भीड़ पहुंची। यहां पर सुबह 5 बजे ये ही ट्रेनों को रोका गया। इसके बाद दानापुर रेल डिवीजन में पटना-DDU रूट पर डुमरांव में सुबह 5:15 से प्रदर्शन शुरू हो गया। इसके बाद सिलसिला बढ़ता ही चला गया। पूर्व मध्य रेलवे के अनुसार 5 रेल डिवीजन में 36 जगहों पर अब तक विरोध-प्रदर्शन हुआ है। इस कारण अब तक कुल 124 ट्रेनें प्रभावित हुई हैं।
आज बिहार से चौकाने वाली तस्वीरें सामने आ रही है. बिहार के छपरा में स्टूडेंट्स ने कई ट्रेनों को आग के हवाले कर दिया. जिससे पूरे देश का रेलवे सिस्टम प्रभावित हुआ. आनन-फानन में रेलवे को लगभग 200 से ज्यादा ट्रेनें कैंसिल करनी पड़ी. ताजा जानकारी के मुताबिक अब आईआरसीटीसी ने MMTS सेवा भी अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दी गई है. समाचार एजेंसी एनआईए की खबर के मुताबिक देशभर में अग्निपथ योजना के विरोध में प्रदर्शन के चलते हैं कुल 200 से अधिक ट्रेनों की सेवाएं प्रभावित हुई है जबकि 35 से ट्रेनों को कैंसिल किया गया है और 13 ट्रेनों की दूरी को छोटा कर दिया गया है.
आपको बता दें कि पूर्व मध्य रेलवे ने छात्रों के विरोध के कारण कुल 8 ट्रेनों को कैंसिल किया है. इसमें 12335 मालदा टाउन, लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस & 12773 हावड़ा, न्यू दिल्ली दूरंतो एक्सप्रेस ट्रेन जैसी लंबी दूरी की ट्रेनें शामिल हैं, वहीं, उग्र प्रदर्शन को देखते हुए दक्षिण मध्य रेलवे ने मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट सिस्टम से जुड़ी सभी ट्रेनों को फिलहाल कैंसिल कर दिया है. वहीं बिहार के अलग-अलग शहरों के साथ देश के कई इलाकों में छात्रों ने ट्रेनों को आग के हवाले कर दिया. उत्तर प्रदेश के बलिया में सुबह-सुबह रेलवे स्टेशन पर जाकर छात्रों ने रेलवे संपत्ति को नुकसान पहुंचाया और वहां खड़ी एक ट्रेन में आग लगी दी. वहीं बिहार की बात करे, तो प्रदर्शनकारियों ने लखीसराय में विक्रमशिला एक्सप्रेस के एसी कोच को आग के हवाले कर दिया.
दक्षिण भारत के राज्य तेलंगाना के सिकंदराबाद में भी ट्रेनों पर छात्रों ने अग्निपथ योजना के विरोध में पत्थरबाजी की और आग के हवाले कर दिया. छात्रों की उग्र प्रदर्शन के कारण देश में जगह-जगह यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है. इसी के चलते रेलवे को अपनी mmts सेवा को बैन करना पड़ा.






