पटना की एक विशेष अदालत ने मानहानि के मामले में अभियुक्त बनाए गए राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव के खिलाफ आज आरोप तय कर दिया। सांसदों और विधायकों के मामलों की सुनवाई के लिए गठित विशेष अदालत के न्यायाधीश आदि देव ने लालू को उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों को पढकर सुनाया। यादव ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों से इनकार किया और विचारण का दावा किया‚ जिसके बाद अदालत ने शिकायतकर्ता को गवाह पेश करने के लिए २२ जून की तिथि तय कर दी। आदर्श आचार संहिता उल्लंघन मामले में लालू और राबड़ी ने किया आत्मसमर्पण॥ पटना। राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद और उनकी पत्नी राबड़ी देवी ने आदर्श चुनाव आचार संहिता उल्लंघन के मामले में कोर्ट में सरेंड़र किया। बाद में उन्हें जमानत पर मुक्त कर दिया गया। सांसदों एवं विधायकों के मामलों की सुनवाई के लिए गठित विशेष अदालत के न्यायाधीश आदि देव की अदालत में याचिका दाखिल कर लालू एवं राबड़ी की ओर से जमानत पर मुक्त किए जाने की प्रार्थना की गई थी। जमानत अर्जी पर सुनवाई के बाद अदालत ने दोनों अभियुक्तों को दस–दस हजार रुपए के निजी मुचलके के साथ उसी राशि के एक–एक जमानतदार का बंध पत्र पर मुक्त कर ने का आदेश दिया। अदालत ने मामले में सुनवाई के लिए २२ जून २०२२ की अगली तिथि निश्चित की है।
पासपोर्ट रिलीज पर सुनवाई टली
लालू यादव के पासपोर्ट रिलीज करने से जुड़ी याचिका पर रांची स्थित सीबीआई की विशेष अदालत में सुनवाई शुक्रवार को टल गयी। अब मामले की अगली सुनवाई १४ जून को होगी। अब १४ जून को सीबीआई की विशेष अदालत में सुनवाई के बाद ही लालू के पासपोर्ट रिलीज करने के मसले पर फैसला आयेगा। इसलिए फिलहाल इलाज के लिए लालू के सिंगापुर जाने फैसले पर ग्रहण लग गया है। लालू की ओर से सीबीआई की विशेष अदालत में याचिका दायर कर पासपोर्ट रिलीज करने की मांग की गयी है। अदालत को यह जानकारी दी गयी कि लालू किडनी समेत अन्य बीमारियों से ग्रसित हैं और इलाज के लिए सिंगापुर के ड़ॉक्टरों के संपर्क में हैं। सिंगापुर जाने के लिए पासपोर्ट की जरूरत है। इस मामले में स्पेशल कोर्ट में एक तिथि को सुनवाई भी हो चुकी है। ज्ञातव्य हो कि चारा घोटाले में सुनवाई के दौरान सीबीआई की विशेष अदालत ने लालू का पासपोर्ट जब्त कर लिया है। वहीं सीबीआई की स्पेशल कोर्ट ने लालू को चारा घोटाले के पांच अलग–अलग मामलों में सजा सुनाई है। बाद में सजा की आधी अवधि पूरा होने पर उन्हें सशर्त जमानत भी मिल गयी है।
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